क्या 10 साल बाद मैकबुक में फिर चमकेगा एपल लोगो?: जानें कैसे काम करती है ये तकनीक, पहले क्यों किया था बंद?
करीब 10 साल बाद Apple फिर से नए MacBook Pro में ग्लोइंग लोगो की वापसी कर सकता है। पहले यह स्क्रीन की बैकलाइट से चमकता था। आइए जानते हैं पहले मैकबुक में ग्लोइंग लोगो की तकनीक कैसे काम करती थी। और कंपनी ने इसे बंद क्यों किया था।
विस्तार
करीब एक दशक तक मैकबुक के पीछे से गायब रहने वाला Apple का चमकदार लोगो एक बार फिर चर्चा में है। Apple ने हाल में अपने नए MacBook Pro मॉडल पेश किए हैं, जिनमें रोशनी देने वाला Apple लोगो फिर से देखने को मिल सकता है। यह वही डिजाइन है, जिसे कभी कंपनी के लैपटॉप की खास पहचान माना जाता था। हालांकि नए मैकबुक में सिर्फ पुराने डिजाइन की वापसी ही चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि इसके साथ लैपटॉप की तकनीक और डिजाइन में हुए बदलाव भी अहम हैं।
कैसे काम करता था मैकबुक का ग्लोइंग लोगो?
पुराने MacBook में Apple का लोगो अपने आप रोशनी पैदा नहीं करता था। इसके पीछे लैपटॉप की स्क्रीन की बैकलाइट का इस्तेमाल किया जाता था। स्क्रीन के पीछे मौजूद रोशनी डिस्प्ले को चमकाने के साथ-साथ लैपटॉप के ढक्कन पर लगे Apple लोगो तक भी पहुंचती थी। लोगो के पीछे इस्तेमाल होने वाली खास तकनीक की वजह से वह बाहर से चमकता हुआ दिखाई देता था।
इस तकनीक का फायदा यह था कि लोगो को चमकाने के लिए अलग से कोई लाइट या बैटरी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। जब लैपटॉप की स्क्रीन चालू होती थी, तो लोगो भी चमकता था। स्क्रीन बंद होने पर इसकी रोशनी भी बंद हो जाती थी। यह डिजाइन देखने में आकर्षक था और दूर से ही मैकबुक की पहचान करा देता था। वही नए मॉडल में ये ग्लोइंग लोगो की वापसी की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह पूरी चर्चा एपल सीईओ जॉन टर्नस के टीजर पोस्ट के बाद शुरू हुई है।
10 साल पहले क्यों बंद किया गया था ग्लोइंग लोगो?
Apple ने ग्लोइंग लोगो को एक साथ सभी लैपटॉप से नहीं हटाया था। इसकी शुरुआत 2015 में 12-इंच MacBook से हुई और 2016 के MacBook Pro रीडिजाइन के साथ यह बदलाव प्रो मॉडल में भी दिखाई दिया। कंपनी ने उस समय लोगो हटाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई थी। हालांकि, इसकी एक बड़ी वजह लैपटॉप को पतला और हल्का बनाने की दिशा में किया गया डिजाइन बदलाव माना जाता है।
पुराने लैपटॉप में स्क्रीन की बैकलाइट से लोगो को रोशनी मिलती थी। नए डिजाइन में स्क्रीन और ढक्कन की बनावट बदलने के साथ इस व्यवस्था को बनाए रखना आसान नहीं था। Apple ने चमकने वाले लोगो की जगह ऐसा मेटल लोगो इस्तेमाल करना शुरू किया, जो रोशनी न होने पर भी आकर्षक दिखाई देता था।
नई तकनीक में क्या है खास?
नए MacBook Pro में Apple ने PROLED XDR नाम से टैंडम OLED डिस्प्ले तकनीक पेश की है। OLED स्क्रीन में LCD की तरह पूरी स्क्रीन के पीछे अलग बैकलाइट की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इसके पिक्सल खुद रोशनी पैदा करते हैं। ऐसे में पुराने मॉडल की तरह स्क्रीन की बैकलाइट से लोगो को चमकाना संभव नहीं है।
रिपोर्टों के मुताबिक, नए मॉडल में लोगो के लिए अलग रोशनी की तकनीकि इस्तेमाल की गई है। इसकी चमक स्क्रीन की ब्राइटनेस के साथ घटती-बढ़ती है। एपल ने अब तक आधिकारिक रूप से इस तकनीक की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए इसके इनंटरलन डिजाइन को लेकर उपलब्ध विवरणों को रिपोर्टों के आधार पर ही समझना चाहिए। नए MacBook Pro में टचस्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट, Dynamic Island और M5 Pro व M5 Max चिप जैसे बदलाव भी किए गए हैं। अगर ग्लोइंग लोगो की वापसी हो तो है तो यह बड़े हार्डवेयर अपडेट का हिस्सा होगा। कुल मिलाकर, Apple का चमकता लोगो सिर्फ दिखावे की चीज नहीं, बल्कि कंपनी की डिजाइन पहचान का हिस्सा रहा है। करीब दस साल बाद इसकी वापसी पुराने MacBook यूजर्स के लिए यादें ताजा कर सकती है।