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iPhone: एपल की सबसे बड़ी राइवल बनाती है आईफोन का डिस्प्ले, जानिए क्यों उसी पर भरोसा करती है कंपनी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:55 PM IST
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सार
iPhone का शानदार डिस्प्ले उसकी सबसे बड़ी खूबियों में गिना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे Apple खुद नहीं बनाती? एक कंपनी है जो वर्षों से iPhone के लिए OLED डिस्प्ले बना रही है। आने वाले iPhone 18 Pro में भी इसी कंपनी की बनाई नई LTPO+ तकनीक वाली डिस्प्ले इस्तेमाल की जाएगी, जो बैटरी और विजुअल अनुभव दोनों को बेहतर बनाएगी।
एपल आईफोन
- फोटो : Apple
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विस्तार
जब भी प्रीमियम स्मार्टफोन डिस्प्ले की बात होती है, iPhone का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इसकी स्क्रीन को स्मार्टफोन इंडस्ट्री की सबसे बेहतरीन डिस्प्ले में से एक माना जाता है। शानदार रंग, बेहतरीन ब्राइटनेस और स्मूथ विजुअल अनुभव इसकी पहचान हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि iPhone की इस डिस्प्ले के पीछे Apple नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी का योगदान है।
हालांकि यह बात सच है कि एपल अपने प्रोसेसर और मॉडम जैसे कई हिस्से इन-हाउस बनाता है। लेकिन अपनी स्क्रीन के लिए वह एक दूसरी कंपनियों पर निर्भर है। आइए जानते हैं वह कौन सी कंपनी है जो iPhone के लिए डिस्प्ले बनाती है।
ये कंपनी बनाती है iPhone का डिस्प्ले
एपल के आईफोन के लिए डिस्प्ले बनाने वाली कंपनी कोई और नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी सैमसंग (Samsung) है। भले ही यह सुनने में थोड़ा अजीब लगे। लेकिन आईफोन के ज्यादातर डिस्प्ले सैमसंग ही तैयार करती है। आपने दोनों कंपनियों को विज्ञापनों के जरिए एक दूसरे का मजाक बनाते और ट्रोल करते देखा होगा, लेकिन इस मामले में दोनों कंपनियां तगड़ा बिजनेस करती हैं। हालांकि एपल सैमसंग के अलावा एलजी और बीओई (BOE) जैसी कंपनियों से भी अपने डिस्प्ले बनवाता है।
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2017 से एपल के साथ है सैमसंग
Apple ने 2017 में लॉन्च हुए iPhone X में पहली बार सैमसंग द्वारा बनाए गए OLED डिस्प्ले का इस्तेमाल किया था। Apple का कहना था कि इन पैनल्स को खास तौर पर iPhone के लिए कस्टमाइज किया गया था, जिससे बेहतर कंट्रास्ट, शानदार रंग और वाइड कलर सपोर्ट मिल सका।
यह भी पढ़ें: Upcoming Smartphone: इस हफ्ते लॉन्च होंगे कई नए स्मार्टफोन, बजट 5G से लेकर प्रीमियम मॉडल तक होंगे शामिल
इसके बाद 2020 में आई iPhone 12 सीरीज के साथ Apple ने अपने सभी मॉडलों में OLED डिस्प्ले देना शुरू कर दिया। तब तक LG और BOE भी Apple के मानकों के अनुसार OLED पैनल बनाने लगी थीं। इससे Apple को अपनी सप्लाई चेन मजबूत करने और कंपोनेंट लागत कम करने में मदद मिली। iPhone के अलावा सैमसंग iPad के लिए भी डिस्प्ले तैयार करती है।
LTPO तकनीक ने बदला अनुभव
iPhone 13 सीरीज में Apple ने पहली बार LTPO OLED डिस्प्ले पेश किया। यह तकनीक 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती थी, जिससे स्क्रीन अधिक स्मूथ दिखाई देने लगी। इसके बाद iPhone 14 Pro मॉडल्स में कंपनी ने Always-On Display फीचर भी पेश किया। अब खबर है कि सितंबर में लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro मॉडल्स में Samsung द्वारा तैयार किए गए नए LTPO+ डिस्प्ले पैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: आपके कानों में लगा ईयरबड्स कर सकता है जासूसी, रिसर्च में हुआ प्राइवेसी में सेंधमारी का बड़ा खुलासा
LTPO+ डिस्प्ले क्यों है खास?
यह नई एलटीपीओ प्लस तकनीक भविष्य के स्मार्टफोन अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी पावर बचाने की क्षमता है। यह बैटरी की बहुत कम खपत करती है। इसके अलावा, इस पैनल के ठीक नीचे इंफ्रारेड कैमरा भी आसानी से फिट किया जा सकता है।
यह तकनीक एक से लेकर 120 हर्ट्ज तक का वेरिएबल रिफ्रेश रेट देती है। इसके बावजूद फोन की बैटरी बहुत कम खर्च होती है। सरल शब्दों में कहें तो नया आईफोन कम पावर का इस्तेमाल करते हुए भी ग्राहकों को एक बेजोड़ विजुअल अनुभव के साथ लंबी बैटरी लाइफ देने में कामयाब रहेगा।
हालांकि यह बात सच है कि एपल अपने प्रोसेसर और मॉडम जैसे कई हिस्से इन-हाउस बनाता है। लेकिन अपनी स्क्रीन के लिए वह एक दूसरी कंपनियों पर निर्भर है। आइए जानते हैं वह कौन सी कंपनी है जो iPhone के लिए डिस्प्ले बनाती है।
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ये कंपनी बनाती है iPhone का डिस्प्ले
एपल के आईफोन के लिए डिस्प्ले बनाने वाली कंपनी कोई और नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी सैमसंग (Samsung) है। भले ही यह सुनने में थोड़ा अजीब लगे। लेकिन आईफोन के ज्यादातर डिस्प्ले सैमसंग ही तैयार करती है। आपने दोनों कंपनियों को विज्ञापनों के जरिए एक दूसरे का मजाक बनाते और ट्रोल करते देखा होगा, लेकिन इस मामले में दोनों कंपनियां तगड़ा बिजनेस करती हैं। हालांकि एपल सैमसंग के अलावा एलजी और बीओई (BOE) जैसी कंपनियों से भी अपने डिस्प्ले बनवाता है।
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2017 से एपल के साथ है सैमसंग
Apple ने 2017 में लॉन्च हुए iPhone X में पहली बार सैमसंग द्वारा बनाए गए OLED डिस्प्ले का इस्तेमाल किया था। Apple का कहना था कि इन पैनल्स को खास तौर पर iPhone के लिए कस्टमाइज किया गया था, जिससे बेहतर कंट्रास्ट, शानदार रंग और वाइड कलर सपोर्ट मिल सका।
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इसके बाद 2020 में आई iPhone 12 सीरीज के साथ Apple ने अपने सभी मॉडलों में OLED डिस्प्ले देना शुरू कर दिया। तब तक LG और BOE भी Apple के मानकों के अनुसार OLED पैनल बनाने लगी थीं। इससे Apple को अपनी सप्लाई चेन मजबूत करने और कंपोनेंट लागत कम करने में मदद मिली। iPhone के अलावा सैमसंग iPad के लिए भी डिस्प्ले तैयार करती है।
LTPO तकनीक ने बदला अनुभव
iPhone 13 सीरीज में Apple ने पहली बार LTPO OLED डिस्प्ले पेश किया। यह तकनीक 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती थी, जिससे स्क्रीन अधिक स्मूथ दिखाई देने लगी। इसके बाद iPhone 14 Pro मॉडल्स में कंपनी ने Always-On Display फीचर भी पेश किया। अब खबर है कि सितंबर में लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro मॉडल्स में Samsung द्वारा तैयार किए गए नए LTPO+ डिस्प्ले पैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
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LTPO+ डिस्प्ले क्यों है खास?
यह नई एलटीपीओ प्लस तकनीक भविष्य के स्मार्टफोन अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी पावर बचाने की क्षमता है। यह बैटरी की बहुत कम खपत करती है। इसके अलावा, इस पैनल के ठीक नीचे इंफ्रारेड कैमरा भी आसानी से फिट किया जा सकता है।
यह तकनीक एक से लेकर 120 हर्ट्ज तक का वेरिएबल रिफ्रेश रेट देती है। इसके बावजूद फोन की बैटरी बहुत कम खर्च होती है। सरल शब्दों में कहें तो नया आईफोन कम पावर का इस्तेमाल करते हुए भी ग्राहकों को एक बेजोड़ विजुअल अनुभव के साथ लंबी बैटरी लाइफ देने में कामयाब रहेगा।