Google: गूगल की बड़ी कार्रवाई; बंद किया दुनिया का सबसे बड़ा जासूसी नेटवर्क, 90 लाख डिवाइसेज को खतरे से बचाया
Secret Proxy Network: गूगल ने एक बड़े साइबर सुरक्षा अभियान में Ipidea नाम की कंपनी से जुड़े एक गुप्त और खतरनाक इंटरनेट नेटवर्क को बंद करने का दावा किया है। इस नेटवर्क के जरिए लाखों स्मार्टफोन और कंप्यूटर को बिना जानकारी के 'किराए के इंटरनेट' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे अपराधी दूसरों के डिवाइस के जरिए ऑनलाइन गलत गतिविधियां कर सकते थे।
विस्तार
गूगल ने इंटरनेट पर चल रहे एक बहुत बड़े और गुप्त नेटवर्क को खत्म करने का दावा किया है। यह नेटवर्क चुपके से आपके स्मार्टफोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल एक ऐसे रास्ते के रूप में कर रहा था, जिसे कोई भी 'किराए' पर लेकर इंटरनेट चला सकता था।
क्या है यह पूरा मामला?
गूगल ने अमेरिकी अदालत के आदेश पर Ipidea नाम की कंपनी की कई वेबसाइट्स और सिस्टम को बंद कर दिया है। चीन की इस कंपनी पर आरोप है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा चोरी-छिपे चलने वाला इंटरनेट नेटवर्क चला रही थी।
आसान शब्दों में समझें तो, यह नेटवर्क अपराधियों और हैकर्स को एक ऐसी सुविधा देता था जिससे वे आपके फोन या कंप्यूटर के जरिए इंटरनेट चला सकें। इससे होता यह था कि गलत काम कोई और करता लेकिन इंटरनेट एड्रेस आपका दिखता था। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने इसे आपके इंटरनेट का 'Airbnb' कहा है, जैसे कोई आपके घर में आकर रुक जाए, बस फर्क इतना है कि यहां आपको पता भी नहीं चलता कि आपके इंटरनेट का इस्तेमाल कोई और कर रहा है।
आपका डिवाइस इस जाल में कैसे फंसता है?
ज्यादातर लोग अनजाने में इस जाल में तब फंसते हैं जब वे मुफ्त के चक्कर में कोई गेम या अनजान एप डाउनलोड कर लेते हैं। दरअसल, इन एप्स को बनाने वाले डेवलपर्स थोड़े से पैसों के लालच में आकर उनमें एक खास तरह का गुप्त कोड (SDK) डाल देते हैं, जिसके लिए 'Ipidea' जैसी कंपनियां उन्हें पैसे देती हैं।
जैसे ही आप ऐसा कोई एप इंस्टॉल करते हैं, वह खतरनाक कोड आपके फोन में एक्टिव हो जाता है और आपका फोन दूसरों के लिए इंटरनेट का रास्ता बन जाता है। इसका सबसे बड़ा खतरा यह है कि कोई भी अपराधी आपके फोन का इंटरनेट इस्तेमाल करके कोई गलत काम कर सकता है। ऐसे में पुलिस या कानून की नजर में वह अपराधी नहीं, बल्कि आप आरोपी बन जाएंगे क्योंकि इंटरनेट एड्रेस (IP Address) आपका इस्तेमाल हुआ होगा।
'Kimwolf': दुनिया का सबसे शक्तिशाली बॉटनेट
पिछले साल हैकर्स ने Ipidea के नेटवर्क में एक कमजोरी पकड़ ली और करीब 20 लाख सिस्टम्स (जैसे फोन और कंप्यूटर) पर अपना कब्जा जमा लिया। उन्होंने इन सब को मिलाकर 'Kimwolf' नाम का एक बहुत बड़ा और खतरनाक नेटवर्क (बॉटनेट) बना लिया। इसका इस्तेमाल बड़ी-बड़ी वेबसाइटों को ठप करने (DDoS हमला) के लिए किया गया। जानकारों का कहना है कि यह अब तक का सबसे ताकतवर और खतरनाक नेटवर्क था, जो इंटरनेट को नुकसान पहुंचा सकता था।
गूगल की कार्रवाई और सुरक्षा
गूगल के इस बड़े कदम से अब करीब 90 लाख एंड्रॉयड फोन इस खतरनाक नेटवर्क के चंगुल से आजाद हो जाएंगे। इसके लिए गूगल ने अपने प्ले स्टोर से ऐसे सैकड़ों एप्स को हटा दिया है। गूगल का कहना है कि उनका 'प्ले प्रोटेक्ट' सिस्टम न सिर्फ ऐसे एप्स को ढूंढकर फोन से बाहर निकाल देता है, बल्कि उन्हें दोबारा कभी इंस्टॉल भी नहीं होने देता। वहीं, दूसरी तरफ Ipidea कंपनी का कहना है कि वे कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनका काम पूरी तरह कानूनी है और वे किसी भी तरह के गैरकानूनी काम के खिलाफ हैं।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
जानकारों का मानना है कि भले ही गूगल ने इस बड़े खतरे को फिलहाल टाल दिया हो, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में जोखिम अभी भी बना हुआ है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप किसी भी अनजान वेबसाइट से मुफ्त गेम या एप्स डाउनलोड करने से बचें।
साथ ही, जब भी कोई एप इंस्टॉल करें, तो इस बात पर गौर जरूर करें कि वह आपसे किन चीजों की परमिशन मांग रहा है। सुरक्षा के लिहाज से एक अच्छी आदत यह भी है कि आप समय-समय पर अपने फोन की जांच करते रहें और उन एप्स को तुरंत हटा दें जिन्हें आप पहचानते नहीं हैं या जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते।