Pavel Durov: नीट विवाद के बीच Telegram CEO का बड़ा दावा, 'लीक कंटेंट वाले चैनल पहले ही हटाए जा चुके थे'
Pavel Durov On Telegram Ban India: भारत में नीट 2026 री-एग्जाम के चलते Telegram पर लगी अस्थायी रोक पर सीईओ पावेल ड्यूरोव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 15 करोड़ भारतीय यूजर्स को सजा दी जा रही है, जबकि असली दोषी पेपर लीक करने वाले लोग हैं।
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विस्तार
नीट (NEET) परीक्षा विवाद के बीच भारत सरकार ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर 22 जून तक के लिए रोक लगा दी है। इसके अलावा एप के मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक बंद कर दिया गया है। इस फैसले पर टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल ड्यूरोव ने कड़ी आपत्ति जताई है। आइए जानते हैं कि ड्यूरोव ने क्या कहा है और सरकार को टेलीग्राम पर यह एक्शन क्यों लेना पड़ा।
पावेल ड्यूरोव ने अपनी सफाई में क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पावेल ड्यूरोव ने सरकार के इस कदम को एक "बड़ी भूल" बताया। उन्होंने अपनी बात इन मुख्य बिंदुओं के जरिए रखी:
- आम यूजर्स को सजा: ड्यूरोव ने कहा कि इस बैन से उन लोगों को सजा नहीं मिल रही है जिन्होंने पेपर लीक किया, बल्कि भारत के उन 15 करोड़ आम यूजर्स को परेशानी हो रही है जो रोजमर्रा के काम के लिए टेलीग्राम चलाते हैं।
- चैनल्स किए गए डिलीट: उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में टेलीग्राम ने भारत में ऐसे सैकड़ों चैनल्स को डिलीट किया है, जो परीक्षा का लीक मटीरियल या घोटाले से जुड़ी चीजें शेयर कर रहे थे।
- फीचर में होगा सुधार: ड्यूरोव ने यह भी कहा कि कंपनी अपने एडिटेड लेबल को और ज्यादा साफ-साफ दिखाने पर काम कर रही है, ताकि पुरानी तारीख दिखाकर होने वाले फ्रॉड को रोका जा सके।
दूसरे एप्स पर साधा निशाना
अपने पोस्ट में ड्यूरोव ने इशारों-इशारों में दूसरे मैसेजिंग एप्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ टेलीग्राम को ब्लॉक करने से कुछ नहीं होगा। पेपर लीक करने वाले अब दूसरे एप्स पर शिफ्ट हो गए हैं। उनका सीधा सवाल था कि जब लीक का मटीरियल दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर हो सकता है, तो कार्रवाई सिर्फ टेलीग्राम पर ही क्यों?
सरकार और NTA ने क्यों लगाया Telegram पर बैन?
भारत सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह कार्रवाई बिना किसी वजह के नहीं की है। इसके पीछे टेलीग्राम का एक खास फीचर जिम्मेदार है:
- मैसेज एडिट फीचर का गलत इस्तेमाल: NTA की जांच में सामने आया कि टेलीग्राम के एडिट फीचर का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने के लिए किया गया।
- कैसे हुआ खेल: कुछ चैनल एडमिन ने परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने मैसेज को एडिट कर दिया और उसमें क्वेश्चन पेपर की फोटो लगा दी।
- क्या था मकसद: क्योंकि मैसेज पुराना था, इसलिए उसमें टाइम भी पुराना ही दिख रहा था। इसका इस्तेमाल यह झूठ फैलाने के लिए किया गया कि पेपर परीक्षा से बहुत पहले ही लीक हो गया था।
टेलीग्राम पर क्यों हुआ एक्शन
जांच एजेंसियों का मानना है कि टेलीग्राम पर इस अस्थायी रोक से परीक्षा के बाद फर्जी सबूत बनाने और उन्हें वायरल करने की साजिश पर लगाम लगेगी। हालांकि, इस बैन से एक बार फिर टेलीग्राम की सुरक्षा और उस पर होने वाली गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।