सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Mobile Apps ›   Pavel Durov Reacts To Telegram Ban In India, Says 150 Million Users Are Being Punished For Exam Leaks

Pavel Durov: नीट विवाद के बीच Telegram CEO का बड़ा दावा, 'लीक कंटेंट वाले चैनल पहले ही हटाए जा चुके थे'

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Tue, 16 Jun 2026 11:52 PM IST
विज्ञापन
सार

Pavel Durov On Telegram Ban India: भारत में नीट 2026 री-एग्जाम के चलते Telegram पर लगी अस्थायी रोक पर सीईओ पावेल ड्यूरोव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 15 करोड़ भारतीय यूजर्स को सजा दी जा रही है, जबकि असली दोषी पेपर लीक करने वाले लोग हैं।

Pavel Durov Reacts To Telegram Ban In India, Says 150 Million Users Are Being Punished For Exam Leaks
नीट विवाद पर टेलीग्राम के सीईओ Pavel Durov - फोटो : एआई
विज्ञापन

विस्तार

नीट (NEET) परीक्षा विवाद के बीच भारत सरकार ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर 22 जून तक के लिए रोक लगा दी है। इसके अलावा एप के मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक बंद कर दिया गया है। इस फैसले पर टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल ड्यूरोव ने कड़ी आपत्ति जताई है। आइए जानते हैं कि ड्यूरोव ने क्या कहा है और सरकार को टेलीग्राम पर यह एक्शन क्यों लेना पड़ा।


पावेल ड्यूरोव ने अपनी सफाई में क्या कहा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पावेल ड्यूरोव ने सरकार के इस कदम को एक "बड़ी भूल" बताया। उन्होंने अपनी बात इन मुख्य बिंदुओं के जरिए रखी:

विज्ञापन
विज्ञापन
  • आम यूजर्स को सजा: ड्यूरोव ने कहा कि इस बैन से उन लोगों को सजा नहीं मिल रही है जिन्होंने पेपर लीक किया, बल्कि भारत के उन 15 करोड़ आम यूजर्स को परेशानी हो रही है जो रोजमर्रा के काम के लिए टेलीग्राम चलाते हैं।
  • विज्ञापन
  • चैनल्स किए गए डिलीट: उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में टेलीग्राम ने भारत में ऐसे सैकड़ों चैनल्स को डिलीट किया है, जो परीक्षा का लीक मटीरियल या घोटाले से जुड़ी चीजें शेयर कर रहे थे।
  • फीचर में होगा सुधार: ड्यूरोव ने यह भी कहा कि कंपनी अपने एडिटेड लेबल को और ज्यादा साफ-साफ दिखाने पर काम कर रही है, ताकि पुरानी तारीख दिखाकर होने वाले फ्रॉड को रोका जा सके।


दूसरे एप्स पर साधा निशाना

अपने पोस्ट में ड्यूरोव ने इशारों-इशारों में दूसरे मैसेजिंग एप्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ टेलीग्राम को ब्लॉक करने से कुछ नहीं होगा। पेपर लीक करने वाले अब दूसरे एप्स पर शिफ्ट हो गए हैं। उनका सीधा सवाल था कि जब लीक का मटीरियल दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर हो सकता है, तो कार्रवाई सिर्फ टेलीग्राम पर ही क्यों?


सरकार और NTA ने क्यों लगाया Telegram पर बैन?

भारत सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह कार्रवाई बिना किसी वजह के नहीं की है। इसके पीछे टेलीग्राम का एक खास फीचर जिम्मेदार है:

  • मैसेज एडिट फीचर का गलत इस्तेमाल: NTA की जांच में सामने आया कि टेलीग्राम के एडिट फीचर का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने के लिए किया गया।
  • कैसे हुआ खेल: कुछ चैनल एडमिन ने परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने मैसेज को एडिट कर दिया और उसमें क्वेश्चन पेपर की फोटो लगा दी।
  • क्या था मकसद: क्योंकि मैसेज पुराना था, इसलिए उसमें टाइम भी पुराना ही दिख रहा था। इसका इस्तेमाल यह झूठ फैलाने के लिए किया गया कि पेपर परीक्षा से बहुत पहले ही लीक हो गया था।

 


टेलीग्राम पर क्यों हुआ एक्शन

जांच एजेंसियों का मानना है कि टेलीग्राम पर इस अस्थायी रोक से परीक्षा के बाद फर्जी सबूत बनाने और उन्हें वायरल करने की साजिश पर लगाम लगेगी। हालांकि, इस बैन से एक बार फिर टेलीग्राम की सुरक्षा और उस पर होने वाली गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed