रिपोर्ट: भारत जैसी डिजिटल क्रांति का सपना देख रहे पाकिस्तान को बड़ा झटका, 50 लाख साइबर हमलों ने खोल दी पोल!
Pakistan Faces Massive Cyberattacks: पाकिस्तान में डिजिटल लेनदेन, मोबाइल बैंकिंग और ई-कॉमर्स के तेजी से बढ़ने के साथ साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों में देश में 50 लाख से ज्यादा साइबर हमले दर्ज किए गए।
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पाकिस्तान में डिजिटल दुनिया का दायरा जितनी तेजी से बढ़ रहा है, साइबर खतरे भी उतनी ही रफ्तार से बढ़ रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 के शुरुआती 9 महीनों में ही पाकिस्तान में 50 लाख से ज्यादा साइबर हमले दर्ज किए गए हैं।
मालदीव इनसाइट की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि पाकिस्तान में ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल पेमेंट और ई-कॉमर्स का इस्तेमाल तो तेजी से बढ़ा है, लेकिन साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता की भारी कमी है।
डिजिटल तरक्की ही बनी देश की मुसीबत
आजकल स्मार्टफोन ही लोगों का मिनी बैंक, पेमेंट टूल और पर्सनल डेटा का खजाना बन गया है। वित्तीय वर्ष 2025 में पाकिस्तान में 90 प्रतिशत रिटेल लेन-देन डिजिटल माध्यमों से हुए। पाकिस्तान के रास्त (Raast) इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम के जरिए करोड़ों ट्रांजैक्शन हुए हैं। लोग कैश छोड़कर डिजिटल पेमेंट की तरफ जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के मामले में वे अभी भी बहुत पीछे हैं।
कहां गलती कर रहे लोग?
रिपोर्ट के मुताबिक, आम यूजर्स और संस्थानों की कुछ बुनियादी गलतियां उन्हें हैकर्स का आसान शिकार बना रही हैं:
- कमजोर पासवर्ड: लोग अभी भी बहुत आसान पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- सुरक्षा की कमी: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी जरूरी सुरक्षा सेटिंग्स के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है।
- फिशिंग की पहचान न होना: यूजर्स फर्जी ईमेल या मैसेज को असली समझकर अपनी जानकारी दे बैठते हैं।
हैकर्स कैसे कर रहे हैं खेल?
साइबर अपराधी अब केवल तकनीकी हमलों पर निर्भर नहीं हैं। वे लोगों की मानसिकता और आदतों का फायदा उठा रहे हैं।
- हैकर्स फर्जी कॉल, नकली वेबसाइट्स और खतरनाक लिंक्स के जरिए लोगों को फंसा रहे हैं।
- इस दौरान 1 लाख 66 हजार से ज्यादा बैंकिंग डेटा चुराने वाले वायरस (बैंकिंग मैलवेयर) और 1 लाख 26 हजार से ज्यादा जासूसी करने वाले वायरस (स्पायवेयर) के मामले पकड़े गए।
- हैकर्स के निशाने पर सिर्फ आम लोग नहीं, बल्कि सरकारी विभाग, कारोबार, स्कूल-कॉलेज और टेलीकॉम कंपनियां भी हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं?
- साइबर क्राइम में 35% का उछाल: 2025 में साइबर अपराधों में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसमें मुख्य रूप से व्हाट्सएप हैकिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और वित्तीय घोटाले शामिल हैं।
- 73,000 शिकायतें: इस साल पूरे देश में साइबर क्राइम की 73 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं।
- बड़े साइबर अटैक: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक 500 बड़े साइबर सुरक्षा अलर्ट दर्ज किए गए हैं, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 410 था।
डेटा लीक का बढ़ता खतरा
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात डेटा प्राइवेसी की है। ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि लोगों की संवेदनशील निजी जानकारी और पहचान से जुड़ा डेटा गैर-कानूनी ऑनलाइन बाजारों यानी डार्क वेब आदि पर बिक रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने कुछ दावों को खारिज किया है, लेकिन इन घटनाओं ने पाकिस्तान में डेटा सुरक्षा और सिस्टम की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।