फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   12GB RAM but Still Slow? Know What Affect Your Smartphone’s Performance

टेक टिप्स: ज्यादा रैम के बाद भी क्यों स्लो हो जाता है मोबाइल? जानें कारण और फोन की स्पीड बढ़ाने का आसान तरीका

Thu, 01 Oct 2026 08:00 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Thu, 01 Oct 2026 08:00 PM IST
सार

नया स्मार्टफोन खरीदते समय अक्सर लोग 8GB, 12GB या 16GB RAM देखकर यह मान लेते हैं कि फोन स्टोरेज की वजह से कभी हैंग नहीं करेगा, लेकिन बहुत से लोगों को नहीं पता होता कि फोन की स्पीड केवल रैम पर नहीं, बल्कि प्रोसेसर, स्टोरेज स्पीड और सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन पर भी निर्भर करती है? जानिए आखिर ज्यादा रैम होने के बावजूद आपका फोन क्यों स्लो होता है और इसे ठीक करने के आसान तरीके...
 

विज्ञापन
12GB RAM but Still Slow? Know What Affect Your Smartphone’s Performance
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

नया फोन खरीदते समय ज्यादातर लोग रैम पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। जैसे ही उन्हें 8GB, 12GB या 16GB RAM वाला कोई मोबाइल दिखाई देता है, उन्हें लगता है कि फोन में हैंग होने या स्लो होने की समस्या नहीं आएगी।
विज्ञापन

हालांकि, ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार ज्यादा रैम होने के बावजूद स्मार्टफोन स्लो चल सकता है, एप्स अटक सकते हैं और फोन हैंग भी हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ज्यादा रैम होने के बाद भी फोन की परफॉर्मेंस क्यों खराब हो जाती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या हो सकती है...
विज्ञापन


रैम ही सबकुछ नहीं
  • सबसे पहले यूजर्स को समझने की जरुरत है कि स्मार्टफोन की स्पीड सिर्फ रैम पर ही निर्भर नहीं करती। फोन की परफॉर्मेंस में कई दूसरे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंपोनेंट्स भी अहम भूमिका निभाते हैं।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • फोन में इस्तेमाल होने वाला प्रोसेसर, स्टोरेज की स्पीड, सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन और बैकग्राउंड में चलने वाले एप्स भी स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकते हैं।
  • ऐसे में अगर किसी फोन में ज्यादा या फास्ट रैम दी गई है, लेकिन उसके साथ कमजोर या पुराना प्रोसेसर इस्तेमाल किया जा रहा है, तो ज्यादा रैम होने के बावजूद परफॉर्मेंस अच्छी नहीं मिल सकती।

स्टोरेज फुल होना भी बन सकता है वजह
इसके अलावा फोन स्लो होने की एक वजह उसकी इंटरनल स्टोरेज का लगभग फुल होना भी हो सकती है। स्मार्टफोन के सिस्टम को टेम्पररी फाइल्स, एप डेटा और कैश के लिए कुछ खाली जगह की जरूरत होती है। अगर स्टोरेज में बहुत कम स्पेस बचा है, तो फोन के लिए इन चीजों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह से एप्स खुलने में ज्यादा समय लग सकता है और इस्तेमाल के दौरान फोन अटक भी सकता है।

बैकग्राउंड एप्स बढ़ा सकते हैं लोड
कई बार फोन में बैकग्राउंड में चल रहे एप्स भी उसकी परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकते हैं। सोशल मीडिया, मैसेजिंग, क्लाउड बैकअप और लोकेशन जैसी सर्विस लगातार फोन के रिसोर्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे रैम और प्रोसेसर पर एक्स्ट्रा लोड पड़ सकता है। ऐसे में फोन में पर्याप्त रैम होने के बावजूद अगर एक साथ कई एप्स और सर्विस बैकग्राउंड में एक्टिव हैं, तो स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है।

फोन स्लो हो तो क्या कर सकते हैं?
अगर आपका फोन स्लो चल रहा है या बार-बार हैंग हो रहा है, तो नीचे बताए गए कुछ आसान स्टेप्स को अपनाया जा सकता है।
  1. फोन में पर्याप्त स्टोरेज खाली रखें।
  2. गैर-जरूरी एप्स को हटा दें।
  3. बैकग्राउंड में चलने वाले अनावश्यक एप्स बंद करें।
  4. सिस्टम और एप्स को अपडेट रखें।

इससे भी न सही हो तो क्या करें?
इन स्टेप्स के बाद भी अगर मोबाइल लगातार हैंग हो रहा है, तो समस्या सिर्फ रैम से जुड़ी नहीं हो सकती। ऐसे में स्टोरेज, प्रोसेसर, सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर से जुड़ी समस्या भी इसकी वजह हो सकती है।

यानी फोन खरीदते समय सिर्फ रैम देखकर फैसला करना सही नहीं है। स्मार्टफोन की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए रैम के साथ प्रोसेसर, स्टोरेज, सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन और फोन में चल रही बैकग्राउंड सर्विसेज को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed