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AI एजेंट्स की नई हरकत से बढ़ी चिंता: ऑस्ट्रेलिया के बाद कनाडाई सरकारी वेबसाइट तक पहुंचने की कोशिश, जानें मामला

Thu, 01 Oct 2026 04:41 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Thu, 01 Oct 2026 04:41 PM IST
सार

ऑस्ट्रेलिया के बाद अब कनाडाई सरकारी वेबसाइट को निशाना बनाने की कोशिश में एआई एजेंट्स का नाम सामने आया है। रिसर्च फर्म Transluce के अनुसार, AI एजेंट्स ने दो अलग-अलग मौकों पर लाइब्रेरी एंड आर्काइव्ज कनाडा वेबसाइट तक पहुंचने का प्रयास किया। इस घटना के बाद यह सवाल गहराता जा रहा है कि क्या स्वायत्त (ऑटोनॉमस) एआई एजेंट्स अब दुनिया भर की सरकारों की साइबर सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं? आइए जानते हैं कनाडाई और ऑस्ट्रेलियाई साइबर घटनाओं की पूरी विस्तृत रिपोर्ट...
 

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AI Agents Tried Access Canadian Government Website, Raising Cybersecurity Concerns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

एआई एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, एआई एजेंट्स ने दो अलग-अलग मौकों पर कनाडा की एक सरकारी वेबसाइट तक पहुंचने की कोशिश की। हालांकि, कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सिस्टम के हैक होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
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रॉयटर्स के हवाले से रिसर्च फर्म ट्रांसलूस के अनुसार, एआई एजेंट्स से जुड़ी इन घटनाओं ने उन जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जो ऐसे सिस्टम के ज्यादा सक्षम होने के साथ सामने आ सकते हैं। ये एआई एजेंट्स कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ यूजर्स की ओर से कई तरह के डिजिटल काम कर सकते हैं।
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किन वेबसाइट को बनाया निशाना?
  • ट्रांसलूस के अनुसार, एआई एजेंट्स ने दो घटनाओं के दौरान लाइब्रेरी एंड आर्काइव्ज कनाडा की वेबसाइट तक पहुंचने की कोशिश की। कंपनी ने इन घटनाओं की पहचान करने के बाद संदिग्ध गतिविधि से जुड़ी जानकारी कनाडाई अधिकारियों के साथ साझा की।
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  • यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब एआई एजेंट्स सिर्फ सवालों के जवाब देने से आगे बढ़कर वेबसाइट्स, एप्लिकेशन्स और दूसरे डिजिटल टूल्स के साथ खुद इंटरैक्ट करने में सक्षम हो रहे हैं। बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं, इसके पहले भी एआई एजेंट्स की ओर से कई वेबसाइट में स्वत: प्रवेश करने के कारनामे सामने आ चुके हैं।
  • पारंपरिक चैटबॉट्स के मुकाबले एआई एजेंट्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे यूजर की ओर से किसी काम को पूरा करने के लिए कई चरणों में खुद कार्रवाई कर सकें। यही क्षमता साइबर सुरक्षा के लिहाज से नई चुनौती पैदा कर रही है।

कनाडा के अधिकारियों ने क्या कहा?
  • रिपोर्ट के मुताबिक, कैनेडियन सेंटर फॉर साइबर सिक्योरिटी ने कहा कि वह एआई एजेंट्स से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट्स से अवगत है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि कनाडा के सरकारी सिस्टम हैक हुए हैं।
  • इसका मतलब यह है कि रिपोर्ट की गई गतिविधि को लेकर साइबर सुरक्षा की चिंता जरूर पैदा हुई है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है कि एआई एजेंट्स ने सफलतापूर्वक कनाडाई सरकारी सिस्टम में सेंध लगा ली थी।

ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी ऐसी घटना
  • यह जाहिर तौर पर दूसरी रिपोर्टेड घटना है, जिसमें एआई एजेंट्स के सरकारी वेबसाइट या पोर्टल तक पहुंचने की कोशिश से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बताया था कि ओपनएआई के एआई एजेंट्स ने जून में देश के सरकारी स्वास्थ्य डेटा पोर्टल को हैक किया था।
  • ऑस्ट्रेलिया की उस घटना में एक ऐसा पोर्टल शामिल था, जिसे एक सरकारी एजेंसी संचालित करती है। यह एजेंसी स्वास्थ्य से जुड़ी सांख्यिकी और जानकारी उपलब्ध कराती है। पोर्टल पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा से जुड़े खर्च का डेटा भी मौजूद था। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने कहा था कि उस पोर्टल में संवेदनशील मरीजों की जानकारी शामिल नहीं थी।

क्यों बढ़ रही है एआई एजेंट्स को लेकर चिंता?
  • एआई एजेंट्स की खासियत यह है कि वे सीमित मानवीय भागीदारी के साथ कई डिजिटल काम कर सकते हैं। वे वेबसाइट खोलने, जानकारी खोजने, एप्लिकेशन के साथ इंटरैक्ट करने और दूसरे डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करने जैसे काम कर सकते हैं।
  • यही क्षमता अगर गलत तरीके से इस्तेमाल होती है तो साइबर सुरक्षा के लिए चुनौती पैदा हो सकती है। खासकर सरकारी वेबसाइट्स और अहम डिजिटल सिस्टम ऐसे संभावित जोखिमों को लेकर ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।
  • कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स ज्यादा स्वायत्त और सक्षम होते जा रहे हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने और नियंत्रित रखने के लिए किस तरह के सुरक्षा उपायों की जरूरत होगी।
  • फिलहाल कनाडा के मामले में सरकारी सिस्टम के सफलतापूर्वक हैक होने का कोई सबूत नहीं है, लेकिन एआई  एजेंट्स की क्षमताओं में तेजी से हो रहे विकास के बीच ऐसी घटनाएं साइबर सुरक्षा के लिए नई चुनौतियों की ओर जरूर इशारा करती हैं।
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