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Sam Altman: क्या AI से जाएगी आपकी नौकरी? सैम ऑल्टमैन ने दी बड़ी राहत, कहा- 'मुझे गलत साबित होने पर खुशी है'
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 26 May 2026 03:49 PM IST
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सार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नौकरियों के खतरे को लेकर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बड़ी बात कही है। उन्होंने माना कि एआई से व्हाइट-कॉलर नौकरियों के खत्म होने का उनका डर गलत था। इंसानियत और आपसी बातचीत की अहमियत आज भी बरकरार है। जानिए ऑल्टमैन ने अपनी गलती क्यों मानी।
सैम ऑल्टमैन, सीईओ, ओपनएआई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से दुनिया भर में डर का माहौल बन गया था। लोगों को लगा था कि उनकी नौकरियां हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी। अब OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस पर एक अहम बयान दिया है। उनका कहना है कि AI नौकरियों के लिए कोई 'महाविनाश' नहीं ला रहा है। उन्होंने साफ किया कि वाइट-कॉलर नौकरियों के खत्म होने की उनकी पुरानी चिंताएं जरूरत से ज्यादा थीं।
सिडनी के कार्यक्रम में मानी अपनी गलती
ऑल्टमैन मंगलवार को सिडनी में एक बड़े कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (CBA) ने आयोजित किया था। वहां उन्होंने बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव मैट कॉमिन से खास बातचीत की।
ऑल्टमैन ने इस दौरान कहा कि उन्हें अपनी बात पर गलत साबित होने पर बहुत खुशी है। साल 2022 में चैटजीपीटी के लॉन्च के बाद उन्हें काफी डर था। उन्हें लगा था कि शुरुआत स्तर की बहुत सी वाइट-कॉलर नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन हकीकत में रोजगार पर इसका असर अनुमान से काफी कम रहा है।
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तकनीक की रफ्तार का अंदाजा सही था
ऑल्टमैन ने माना कि तकनीक के विकास का उनका अंदाजा बिल्कुल सही था। लेकिन समाज और अर्थव्यवस्था पर इसके असर का अनुमान गलत निकला। जब उनसे डराने वाला माहौल बनाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट की। ऑल्टमैन ने कहा कि उस समय यह एक असली खतरा लग रहा था। इसलिए उस पर बात करना जरूरी था और यह खतरा भविष्य में भी हो सकता है।
मशीनें नहीं ले सकतीं इंसानों की जगह
आज एचएसबीसी (HSBC), अमेजन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और खुद CBA जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियां एआई का इस्तेमाल कर रही हैं। इन कंपनियों ने माना है कि कुछ काम अब ऑटोमेशन से हो रहे हैं। इसके बावजूद ऑल्टमैन का मानना है कि हर काम में इंसानी बातचीत बहुत जरूरी है। मशीनें इंसानों की जगह आसानी से नहीं ले सकतीं।
ऑल्टमैन का अपना दिलचस्प अनुभव
उन्होंने अपना एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने स्लैक (Slack) और ईमेल का जवाब देने के लिए एआई का इस्तेमाल शुरू किया था। एआई के जवाबों में लिखा होता था कि यह 'सैम का एआई' है। लेकिन कुछ समय बाद ऑल्टमैन खुद लोगों को जवाब देने लगे। उन्होंने कहा कि हम सच में लोगों की परवाह करते हैं। हमारे लिए इंसानी बातचीत बहुत मायने रखती है।
सिडनी के कार्यक्रम में मानी अपनी गलती
ऑल्टमैन मंगलवार को सिडनी में एक बड़े कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (CBA) ने आयोजित किया था। वहां उन्होंने बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव मैट कॉमिन से खास बातचीत की।
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ऑल्टमैन ने इस दौरान कहा कि उन्हें अपनी बात पर गलत साबित होने पर बहुत खुशी है। साल 2022 में चैटजीपीटी के लॉन्च के बाद उन्हें काफी डर था। उन्हें लगा था कि शुरुआत स्तर की बहुत सी वाइट-कॉलर नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन हकीकत में रोजगार पर इसका असर अनुमान से काफी कम रहा है।
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ऑल्टमैन ने माना कि तकनीक के विकास का उनका अंदाजा बिल्कुल सही था। लेकिन समाज और अर्थव्यवस्था पर इसके असर का अनुमान गलत निकला। जब उनसे डराने वाला माहौल बनाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट की। ऑल्टमैन ने कहा कि उस समय यह एक असली खतरा लग रहा था। इसलिए उस पर बात करना जरूरी था और यह खतरा भविष्य में भी हो सकता है।
मशीनें नहीं ले सकतीं इंसानों की जगह
आज एचएसबीसी (HSBC), अमेजन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और खुद CBA जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियां एआई का इस्तेमाल कर रही हैं। इन कंपनियों ने माना है कि कुछ काम अब ऑटोमेशन से हो रहे हैं। इसके बावजूद ऑल्टमैन का मानना है कि हर काम में इंसानी बातचीत बहुत जरूरी है। मशीनें इंसानों की जगह आसानी से नहीं ले सकतीं।
ऑल्टमैन का अपना दिलचस्प अनुभव
उन्होंने अपना एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने स्लैक (Slack) और ईमेल का जवाब देने के लिए एआई का इस्तेमाल शुरू किया था। एआई के जवाबों में लिखा होता था कि यह 'सैम का एआई' है। लेकिन कुछ समय बाद ऑल्टमैन खुद लोगों को जवाब देने लगे। उन्होंने कहा कि हम सच में लोगों की परवाह करते हैं। हमारे लिए इंसानी बातचीत बहुत मायने रखती है।
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