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बिना इंटरनेट भी चलेगा एआई: भारत ने पेश किए तीन स्वदेशी मॉडल, बैंकिंग से लेकर सरकारी कामकाज तक होंगे मददगार
Wed, 04 Nov 2026 12:01 AM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Wed, 04 Nov 2026 12:01 AM IST
सार
भारत ने तीन स्वदेशी AI मॉडल EKA-1, धीर 2B और धीर 5B पेश किए हैं। ये भारतीय भाषाओं में काम करने के साथ बिना इंटरनेट भी कई काम कर सकते हैं। इनका इस्तेमाल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और सरकारी सेवाओं में किया जा सकेगा।
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क्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन व अन्य
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। इंडियाAI मिशन के तहत देश में तैयार किए गए तीन नए AI मॉडल EKA-1, धीर 2B और धीर 5B पेश किए गए हैं। इनकी खासियत यह है कि ये भारतीय भाषाओं में काम करने के साथ कई जरूरी काम बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी कर सकते हैं। इनका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं, बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
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दो भारतीय कंपनियों ने तैयार किए मॉडल
इन तीनों AI मॉडल को दो भारतीय कंपनियों ने विकसित किया है। EKA-1 को सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च ने बनाया है, जबकि धीर 2B और धीर 5B को जेनटेकआईक्यू एआईटेक इनोवेशंस ने तैयार किया है। इन मॉडलों को पेश करने के मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन, मंत्रालय और इंडियाAI मिशन के वरिष्ठ अधिकारी तथा दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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भारतीय भाषाओं और बैंकिंग पर EKA-1 का जोर
EKA-1 में 26.3 अरब पैरामीटर हैं और इसे करीब 7.5 लाख करोड़ टोकन के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है। यह भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं के साथ अंग्रेजी में भी काम कर सकता है। कंपनी के मुताबिक, इसे गणित, कोडिंग, तर्क के आधार पर जवाब देने और अलग-अलग काम पूरे करने जैसे उद्देश्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस मॉडल को खास तौर पर भारत की बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और साइबर सुरक्षा की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। सोकेट के सीईओ अभिषेक उप्परवाल के मुताबिक, यह मॉडल देश के डिजिटल सिस्टम और उससे जुड़ी चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। इसकी एक खास बात यह भी है कि इसके कुछ काम मोबाइल फोन पर ही किए जा सकते हैं। इसके लिए हर बार मोबाइल डेटा या वाई-फाई की जरूरत नहीं होगी।
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धीर मॉडल से डेटा रहेगा डिवाइस में सुरक्षित
जेनटेकआईक्यू के धीर 2B और धीर 5B हल्के AI मॉडल हैं, जो अंग्रेजी और 10 भारतीय भाषाओं में काम कर सकते हैं। इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि सरकारी विभाग, कंपनियां और दूसरे संस्थान अपने सिस्टम पर इन्हें चला सकें। दस्तावेजों से जानकारी निकालने, सवालों के जवाब देने और कामकाज को आसान बनाने में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इन मॉडलों की मदद से कम इंटरनेट वाले इलाकों में भी AI सेवाओं का उपयोग संभव हो सकता है। कंपनी के सीईओ प्रो. शशिकुमार ने बताया कि ये मॉडल GPU और TPU जैसे अलग-अलग कंप्यूटिंग सिस्टम पर चल सकते हैं। इन्हें मोबाइल फोन पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे यूजर का डेटा उसके डिवाइस पर ही रह सकता है, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकारी मदद से स्वदेशी AI को बढ़ावा
इंडियाAI मिशन के तहत दोनों कंपनियों को रियायती दरों पर कंप्यूटिंग संसाधन और शोध से जुड़े खर्चों के लिए सहायता दी गई। सरकार का मानना है कि इस तरह की मदद से भारतीय कंपनियों को अपने AI मॉडल विकसित करने में आसानी होती है।
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एस. कृष्णन ने कहा कि स्वदेशी AI मॉडल देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे। इनसे सरकारी कामकाज, उद्योग, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AIKosh जैसे मंचों के जरिए शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम लोगों को इन मॉडलों तक पहुंच मिलेगी, जिससे वे नई तकनीकों को समझने और उनके इस्तेमाल के नए तरीके खोजने के लिए प्रोत्साहित होंगे।