{"_id":"69c2aaa32a0cc767b00cdff8","slug":"airtel-starlink-test-4g-phone-without-network-satellite-connectivity-2026-03-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Airtel: नेटवर्क गायब होने की टेंशन खत्म! एयरटेल और स्टारलिंक का कमाल, अब सीधे सैटेलाइट से चलेगा आपका 4G फोन","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
Airtel: नेटवर्क गायब होने की टेंशन खत्म! एयरटेल और स्टारलिंक का कमाल, अब सीधे सैटेलाइट से चलेगा आपका 4G फोन
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 24 Mar 2026 08:46 PM IST
विज्ञापन
सार
Airtel Africa ने SpaceX के Starlink के साथ मिलकर ऐसा टेस्ट किया, जिसमें 4G स्मार्टफोन बिना नेटवर्क सिग्नल के भी काम करते दिखे। इससे दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।
एयरटेल टेस्ट कर रही सैटेलाइट इंटरनेट
- फोटो : एआई जनरेटेड
विज्ञापन
विस्तार
टेलीकॉम सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Airtel Africa ने SpaceX के साथ मिलकर Starlink Mobile तकनीक का सफल परीक्षण किया है, जिसमें बिना मोबाइल नेटवर्क सिग्नल के भी 4G स्मार्टफोन कनेक्ट हो पाए।
इस टेस्ट के दौरान पाया गया कि सामान्य 4G स्मार्टफोन सीधे सैटेलाइट से जुड़ सकते हैं। Starlink के 650 से ज्यादा सैटेलाइट्स की मदद से उन इलाकों में भी कनेक्टिविटी संभव हो पाई, जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाता।
कंपनी के अनुसार, यह तकनीक उन जगहों के लिए खास साबित हो सकती है, जहां नेटवर्क कवरेज बिल्कुल नहीं होता। यानी अब बिना टावर के भी इंटरनेट और कम्युनिकेशन संभव हो सकता है।
ट्रायल के दौरान यूजर्स ने हल्के डेटा वाले एप्स का इस्तेमाल किया। इसमें WhatsApp कॉलिंग, Facebook Messenger पर मैसेजिंग और Airtel ऐप के जरिए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी शामिल रहे। इससे यह साबित हुआ कि जरूरी डिजिटल सेवाएं बिना नेटवर्क सिग्नल के भी काम कर सकती हैं।
कंपनी अब इस तकनीक को अपने 14 बाजारों में विस्तार देने की योजना बना रही है। हालांकि, इसका रोलआउट हर देश के नियमों और मंजूरी पर निर्भर करेगा। आगे चलकर कंपनी इस तकनीक में वॉयस कॉलिंग और ब्रॉडबैंड सेवाएं भी जोड़ने की तैयारी कर रही है। Starlink Mobile V2 के जरिए और बेहतर कनेक्टिविटी दी जाएगी।
कुल मिलाकर, यह तकनीक “हर जगह नेटवर्क” के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे भविष्य में ऐसे इलाकों में भी कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी, जहां अब तक मोबाइल सिग्नल पहुंच ही नहीं पाता था।
Trending Videos
इस टेस्ट के दौरान पाया गया कि सामान्य 4G स्मार्टफोन सीधे सैटेलाइट से जुड़ सकते हैं। Starlink के 650 से ज्यादा सैटेलाइट्स की मदद से उन इलाकों में भी कनेक्टिविटी संभव हो पाई, जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
कंपनी के अनुसार, यह तकनीक उन जगहों के लिए खास साबित हो सकती है, जहां नेटवर्क कवरेज बिल्कुल नहीं होता। यानी अब बिना टावर के भी इंटरनेट और कम्युनिकेशन संभव हो सकता है।
ट्रायल के दौरान यूजर्स ने हल्के डेटा वाले एप्स का इस्तेमाल किया। इसमें WhatsApp कॉलिंग, Facebook Messenger पर मैसेजिंग और Airtel ऐप के जरिए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी शामिल रहे। इससे यह साबित हुआ कि जरूरी डिजिटल सेवाएं बिना नेटवर्क सिग्नल के भी काम कर सकती हैं।
कंपनी अब इस तकनीक को अपने 14 बाजारों में विस्तार देने की योजना बना रही है। हालांकि, इसका रोलआउट हर देश के नियमों और मंजूरी पर निर्भर करेगा। आगे चलकर कंपनी इस तकनीक में वॉयस कॉलिंग और ब्रॉडबैंड सेवाएं भी जोड़ने की तैयारी कर रही है। Starlink Mobile V2 के जरिए और बेहतर कनेक्टिविटी दी जाएगी।
कुल मिलाकर, यह तकनीक “हर जगह नेटवर्क” के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे भविष्य में ऐसे इलाकों में भी कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी, जहां अब तक मोबाइल सिग्नल पहुंच ही नहीं पाता था।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन