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Amit Shah: गृह मंत्री अमित शाह ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की समीक्षा की, AI अपग्रेडेशन पर दिया निर्देश
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Wed, 17 Jun 2026 06:37 PM IST
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सार
देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की समीक्षा की। उन्होंने सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बहुभाषी सुविधाओं से अपग्रेड करने के निर्देश दिए, ताकि लोग आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें और मामलों का तेजी से समाधान हो सके।
अमित शाह
- फोटो : यूट्यूब वीडियो ग्रैब- @अमित शाह
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विस्तार
देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हेल्पलाइन और उससे जुड़े सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा बहुभाषी सुविधाओं से सशक्त बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराना और भी आसान हो सके।
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शुरुआत में यह पोर्टल सीमित दायरे में काम करता था। उस समय केवल बाल अश्लीलता (Child Pornography) और दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री की शिकायतें ही दर्ज की जा सकती थीं। बाद में पोर्टल का विस्तार किया गया और इसे सभी प्रकार के साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया। 20 जनवरी 2020 को केंद्रीय गृह मंत्री ने इस पोर्टल को राष्ट्र को समर्पित किया था।
ऐसी किसी भी साइबर ठगी का शिकार होने पर नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
AI और बहुभाषी सुविधा पर दिया जोर
अमित शाह ने कहा कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को AI आधारित समाधान विकसित करने और विभिन्न भारतीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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राज्यों के साथ बेहतर समन्वय के निर्देश
गृह मंत्री ने एजेंसियों से कहा कि वे राज्यों के साथ मिलकर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा उन्होंने बैंक खातों के फ्रीज होने से जुड़ी शिकायतों और लोगों की परेशानियों का भी समाधान निकालने पर जोर दिया।क्या है राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल?
देशभर में साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और उन पर कार्रवाई को मजबूत बनाने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की शुरुआत 30 अगस्त 2019 को की गई थी।शुरुआत में यह पोर्टल सीमित दायरे में काम करता था। उस समय केवल बाल अश्लीलता (Child Pornography) और दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री की शिकायतें ही दर्ज की जा सकती थीं। बाद में पोर्टल का विस्तार किया गया और इसे सभी प्रकार के साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया। 20 जनवरी 2020 को केंद्रीय गृह मंत्री ने इस पोर्टल को राष्ट्र को समर्पित किया था।
वित्तीय साइबर ठगी से निपटने के लिए बना विशेष सिस्टम
सरकार ने डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक साझा और एकीकृत तंत्र भी तैयार किया है। इस व्यवस्था में कानून प्रवर्तन एजेंसियां, बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), वित्तीय संस्थान, पेमेंट वॉलेट कंपनियां और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मिलकर काम करते हैं, ताकि साइबर ठगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा सके।1930 पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों के लिए "सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड्स रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम" भी विकसित किया गया है। इसके जरिए डिजिटल बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, UPI और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी की शिकायत तुरंत दर्ज कराई जा सकती है।ऐसी किसी भी साइबर ठगी का शिकार होने पर नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।