Alert: ₹1 का घी खाली कर सकता है बैंक अकाउंट, I4C ने जारी की चेतावनी; जानें क्या है यह स्कैम और कैसे बचें आप
Meta fake ads: क्या आपके इंस्टाग्राम या फेसबुक पर भी सिर्फ ₹1 में प्रीमियम घी, आईफोन या स्मार्टवॉच बेचने वाले लुभावने विज्ञापन आते हैं? तो गलती से भी लालच में आकर उन पर क्लिक या ऑर्डर न करें, क्योंकि यह कोई ऑफर नहीं बल्कि एक खतरनाक स्कैम है। दरअसल, साइबर अपराधियों ने विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगने का यह नया रास्ता निकाला है। आइए जानते हैं कि यह स्कैम क्या है, कैसे काम करता है और आप इससे खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
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विस्तार
भारतीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने इस ₹1 डील ट्रैप को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है।
क्या है यह एक रुपये डील वाला स्कैम?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक रुपये में प्रीमियम प्रोडक्ट बेचने वाले विज्ञापन तेजी से दिखाई दे रहे हैं। इनमें महंगे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप, ब्रांडेड कपड़े और यहां तक कि प्रीमियम घी जैसे प्रोडक्ट्स बेहद कम कीमत पर दिखाए जाते हैं। यही लालच लोगों को फर्जी वेबसाइट तक ले जाता है, जहां साइबर अपराधी उनका इंतजार कर रहे होते हैं।
यह स्कैम कैसे करता है काम ?
साइबर अपराधी बहुत ही चालाकी से यूजर्स को अपने फेक साइट्स तक लाने की कोशिश करते हैं।
- नकली शॉपिंग वेबसाइट्स: जालसाज मेटा पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए असली लगने वाले नकली ऑनलाइन स्टोर्स की लिंक फैलाते हैं।
- ₹1 का लालच: इन वेबसाइट्स पर महंगे और लग्जरी प्रोडक्ट्स केवल एक रुपये या 90% से ज्यादा की छूट पर दिखाए जाते हैं।
- पेमेंट गेटवे पर ठगी: जब कोई यूजर ORDER NOW पर क्लिक करके एक रुपये का पेमेंट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरता है, तो असली खेल शुरू होता है। अपराधी वहां आपकी क्रेडिट कार्ड नंबर, CVV, Expiry Date और OTP चुरा लेते हैं।
- नतीजा: आपके पास एक रुपये का प्रोडक्ट तो कभी नहीं पहुंचता, लेकिन ठगों के पास आपकी कार्ड डिटेल्स पहुंचते ही आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।
That ₹1 deal could end up costing you much more.
— CyberDost I4C (@Cyberdost) July 27, 2026
Cybercriminals are using fake social media ads and lookalike shopping websites to lure users with premium products for just ₹1. pic.twitter.com/uCwfvCP6YA
आपकी डिटेल पहुंचने से क्या हो सकता है?
- साइबर अपराधियों का मकसद एक रुपये कमाना बिल्कुल नहीं है, बल्कि वे आपकी पेमेंट इंफोर्मेशन चुराकर बड़े-बड़े अनधिकृत ट्रांजेक्शन करते हैं।
- कई बार वे तुरंत बड़ा अमाउंट न निकालकर छोटी-छोटी रकम काटते हैं, ताकि आपको तुरंत फ्रॉड का शक न हो और वे लंबे समय तक पैसे उड़ाते रहें।
इस ट्रैप से बचने के लिए जरूरी टिप्स
अगर आप इन ट्रैप्स से बचना चाहते हैं, तो इन बातों को हमेशा ध्यान रखें...
- ऑफर्स से दूर रहें: कोई भी कंपनी एक रुपये में प्रीमियम प्रोडक्ट्स या 90% डिस्काउंट नहीं देती। अगर ऑफर जरूरत से ज्यादा अच्छा लग रहा है, तो उस पर तुरंत शक करें।
- ऑफिशियल प्लेटफॉर्म ही चुनें: हमेशा किसी ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट या वेरिफाइड एप से ही खरीदारी करें।
- URL और HTTPS चेक करें: वेबसाइट का एड्रेस ध्यान से देखें। स्पेलिंग सही हो और URL में https:// और लॉक का निशान जरूर होना चाहिए।
- अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें: सोशल मीडिया पर दिख रहे स्पॉन्सर्ड विज्ञापनों के अनजान लिंक्स पर जाने से बचें।
- सुरक्षित पेमेंट विकल्प: अनजान साइट्स पर क्रेडिट कार्ड की जानकारी देने के बजाय UPI या वर्चुअल कार्ड का इस्तेमाल करें।
अगर आप ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत क्या करें?
अगर जाने-अनजाने में आप इस साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो बिना वक्त गंवाए ये कदम उठाएं:
- 1930 पर कॉल करें: तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराएं।
- साइबर पोर्टल पर शिकायत: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- कार्ड ब्लॉक कराएं: अपने बैंक को तुरंत सूचित करके संबंधित क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ब्लॉक कराएं।