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Indore Fire Incident: स्मार्ट लॉक सुरक्षा या संकट? आग और बिजली से क्यों फेल हो जाते हैं स्मार्ट ताले?
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:26 AM IST
सार
Digital Door Lock Safety: डिजिटल डोर लॉक हमारें आधुनिक जीवन को आसान और की-लेस (Keyless) तो बनाते हैं, लेकिन इंदौर में हुई आगजनी की घटनाओं ने इनके डरावने पहलू को उजागर किया है। जब घर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, तो इलेक्ट्रॉनिक लॉक जाम हो गए और लोग अंदर फंस गए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये ताले वाकई सुरक्षित हैं? क्या बिजली जाने पर ये काम करना बंद कर देते हैं? और सबसे महत्वपूर्ण बात ऐसी स्थिति में आपकी जान बचाने के लिए प्लान-बी क्या होना चाहिए? जानिए सबकुछ विस्तार से...
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डिजिटल डोर लॉक
- फोटो : amarujala.com
इंदौर के बंगाली चौराहे के पास एक घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग फैलने के बीच बिजली सप्लाई बंद हो गई और घर का डिजिटल लॉक काम नहीं कर पाया। इससे अंदर फंसे लोगों के लिए स्थिति गंभीर हो गई। इससे पहले भी अक्तूबर 2025 में इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है।
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डिजिटल डोर लॉक
- फोटो : adobe stock
डिजिटल डोर लॉक कितने सुरक्षित हैं?
डिजिटल लॉक पारंपरिक तालों की तुलना में कई मामलों में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। जैसे:
ये भी पढ़ें: ट्रेडर सोता रहा और एआई छापता रहा नोट: 11 लाख के बना दिए 40 लाख रुपये, जानें कैसे हुआ यह चमत्कार
डिजिटल लॉक पारंपरिक तालों की तुलना में कई मामलों में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। जैसे:
- नो-की, नो डुप्लीकेशन रिस्क: इससे चाबी चोरी या डुप्लीकेट होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
- एडवांस्ड सिक्योरिटी: एंटी-टैम्पर अलार्म, ऑटो-लॉक, एन्क्रिप्शन की सुविधा बढ़ जाती है।
- एक्सेस कंट्रोल: आपके पास इस बात का पूरा रिकॉर्ड रहता है कि कौन आया, कब आया। यानी एक-एक व्यक्ति के आने का समय आपको पता चल जाता है।
- रिमोट मॉनिटरिंग: आप इसे मोबाइल से कंट्रोल कर सकते हैं। इसके सभी नोटिफिकेशन भी आपको मिल जाते हैं।
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डिजिटल डोर लॉक
- फोटो : amarujala.com
क्या बिजली जाने पर लॉक काम करना बंद कर देते हैं?
एक्सपर्ट के अनुसार यह हर मॉडल पर निर्भर करता है। अधिकांश आधुनिक डिजिटल लॉक बिजली से नहीं, बल्कि डिस्पोजेबल या रिचार्जेबल बैटरी (AA/AAA cells) से चलते हैं। इसलिए घर की लाइट कटने पर भी ये काम करते रहते हैं। वहीं, कई स्मार्ट लॉक में इमरजेंसी पावर पोर्ट भी होता है।
एक्सपर्ट के अनुसार यह हर मॉडल पर निर्भर करता है। अधिकांश आधुनिक डिजिटल लॉक बिजली से नहीं, बल्कि डिस्पोजेबल या रिचार्जेबल बैटरी (AA/AAA cells) से चलते हैं। इसलिए घर की लाइट कटने पर भी ये काम करते रहते हैं। वहीं, कई स्मार्ट लॉक में इमरजेंसी पावर पोर्ट भी होता है।
| लॉक टाइप | पावर फेल होने पर स्थिति |
| बेसिक डिजिटल लॉक | काम बंद हो सकता है। |
| बैटरी बैकअप वाले | सामान्य रूप से काम करते हैं। |
| हाई-एंड स्मार्ट लॉक | बैटरी व यूपीएस से चलते रहते हैं। |
डिजिटल डोर लॉक
- फोटो : adobe stock
कहां हैं जोखिम?
- बिजली पर निर्भरता: इंदौर जैसे मामलों में समस्या बिजली जाने की नहीं, बल्कि हाई वोल्टेज या आग से इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के डैमेज होने की थी। जब ताले का इंटरनल मैकेनिज्म जल जाता है, तो वह कमांड लेना बंद कर देता है।
- इलेक्ट्रॉनिक फेलियर: आग, गर्मी या पानी से सर्किट खराब हो सकता है। इंदौर में भी कुछ ऐसा ही हुआ।
- सॉफ्टवेयर या सिस्टम क्रैश: ऐसी परिस्थिति में भी अधिकतर स्मार्ट लॉक हैंग हो जाता है या रिस्पॉन्ड करना बंद कर देता है।
- बैटरी खत्म होना: समय पर ध्यान न दिया तो लॉक आउट की स्थिति भी सकती है।
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डिजिटल डोर लॉक
- फोटो : amarujala.com
डिजिटल लॉक इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियां
डुअल एक्सेस सिस्टम चुनें: हमेशा ऐसा लॉक खरीदें जिसमें नीचे की तरफ एक छिपी हुई चाबी (Mechanical Key) का विकल्प हो। आग या तकनीकी खराबी के समय यह चाबी ही आपकी जान बचा सकती है। इस चाबी को घर के अंदर नहीं, बल्कि अपने पास रखें।
पैनिक रिलीज फंक्शन: अच्छी क्वालिटी के तालों में अंदर की तरफ एक लीवर होता है, जिसे दबाते ही बिना किसी कोड के दरवाजा अंदर से खुल जाता है। इसलिए लॉक लगवाने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका लॉक एंटी-पैनिक प्रमाणित हो।
फायर सेंसर अलर्ट: प्रीमियम लॉक में हीट सेंसर होते हैं। अगर कमरे का तापमान 60-70°C से ऊपर जाता है, तो लॉक अपने आप अनलॉक हो जाता है ताकि लोग बाहर निकल सकें। इसलिए लॉक लगवाते समय फायर सेंसर अलर्ट का खासतौर पर ध्यान रखें।
इमरजेंसी एग्जिट प्लान
घर में हर सदस्य को पता होना चाहिए कि आपात स्थिति में किस दरवाजे या रास्ते से बाहर निकलना है, अगर मुख्य दरवाजा डिजिटल लॉक से है, तो उसका बैकअप तरीका चाबी या मैनुअल ओपन सभी को पता होना चाहिए।
घर में कम से कम एक मैन्युअल एग्जिट रखें
पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए घर में कम से कम एक दरवाजा या गेट ऐसा होना चाहिए जो बिना बिजली या इलेक्ट्रॉनिक्स के खुले। यह बैक डोर, बालकनी एग्जिट या ग्रिल गेट हो सकता है। उस एग्जिट तक रास्ता हमेशा खुला और बिना रुकावट होना चाहिए, यह फेल सेफ मैकेनिज्म है, जब सब कुछ फेल हो जाए, तब यही काम आता है।
सॉफ्टवेयर अपडेट
स्मार्ट लॉक मोबाइल एप और सिस्टम पर भीचलते हैं, इसलिए अपडेट बहुत जरूरी है। अपडेट से सिक्योरिटी पैच मिलते हैं (हैकिंग से बचाव),सिस्टम बग फिक्स होते हैं साथ में नई फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है। इसके लिए ऑटो अपडेट ऑन रखें, एप नोटिफिकेशन को नजरअंदाज न करें।
डुअल एक्सेस सिस्टम चुनें: हमेशा ऐसा लॉक खरीदें जिसमें नीचे की तरफ एक छिपी हुई चाबी (Mechanical Key) का विकल्प हो। आग या तकनीकी खराबी के समय यह चाबी ही आपकी जान बचा सकती है। इस चाबी को घर के अंदर नहीं, बल्कि अपने पास रखें।
पैनिक रिलीज फंक्शन: अच्छी क्वालिटी के तालों में अंदर की तरफ एक लीवर होता है, जिसे दबाते ही बिना किसी कोड के दरवाजा अंदर से खुल जाता है। इसलिए लॉक लगवाने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका लॉक एंटी-पैनिक प्रमाणित हो।
फायर सेंसर अलर्ट: प्रीमियम लॉक में हीट सेंसर होते हैं। अगर कमरे का तापमान 60-70°C से ऊपर जाता है, तो लॉक अपने आप अनलॉक हो जाता है ताकि लोग बाहर निकल सकें। इसलिए लॉक लगवाते समय फायर सेंसर अलर्ट का खासतौर पर ध्यान रखें।
इमरजेंसी एग्जिट प्लान
घर में हर सदस्य को पता होना चाहिए कि आपात स्थिति में किस दरवाजे या रास्ते से बाहर निकलना है, अगर मुख्य दरवाजा डिजिटल लॉक से है, तो उसका बैकअप तरीका चाबी या मैनुअल ओपन सभी को पता होना चाहिए।
घर में कम से कम एक मैन्युअल एग्जिट रखें
पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए घर में कम से कम एक दरवाजा या गेट ऐसा होना चाहिए जो बिना बिजली या इलेक्ट्रॉनिक्स के खुले। यह बैक डोर, बालकनी एग्जिट या ग्रिल गेट हो सकता है। उस एग्जिट तक रास्ता हमेशा खुला और बिना रुकावट होना चाहिए, यह फेल सेफ मैकेनिज्म है, जब सब कुछ फेल हो जाए, तब यही काम आता है।
सॉफ्टवेयर अपडेट
स्मार्ट लॉक मोबाइल एप और सिस्टम पर भीचलते हैं, इसलिए अपडेट बहुत जरूरी है। अपडेट से सिक्योरिटी पैच मिलते हैं (हैकिंग से बचाव),सिस्टम बग फिक्स होते हैं साथ में नई फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है। इसके लिए ऑटो अपडेट ऑन रखें, एप नोटिफिकेशन को नजरअंदाज न करें।
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