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Digital India के पूरे हुए 11 साल: पीएम मोदी ने गिनाईं उपलब्धियां, जानें कैसे इस अभियान ने बदली भारत की तस्वीर
Wed, 01 Jul 2026 04:25 PM IST
Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Wed, 01 Jul 2026 04:25 PM IST
सार
Digital India 11 Years: आजकल हमें घर बैठे सभी सरकारी सेवाएं मिल रही हैं, एक क्लिक में पैसे ट्रांसफर हो रहे हैं और गांवों तक इंटरनेट पहुंच चुका है। आज यह सब कुछ डिजिटल इंडिया अभियान की वजह से मुमकिन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद ने भी इस पहल के 11 वर्ष पूरे होने पर इसकी प्रमुख उपलब्धियां गिनाई है। आइए जानते हैं पिछले 11 वर्षों में Digital India ने देश को क्या दिया और किन डिजिटल उपलब्धियों ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Digital India Achievements: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर देशवासियों को बधाई दी। आज से ठीक 11 साल पहले शुरू हुई डिजिटल इंडिया पहल ने भारत को पूरे विश्व में एक नई और मजबूत पहचान दिलाई है। इस अभियान ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, कुशल और सुलभ बनाया है पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आसान डिजिटल भुगतान और बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पारदर्शिता के साथ पैसे पहुंचना इसकी सबसे बड़ी सफलता है।
कब शुरू हुआ था डिजिटल इंडिया अभियान
इस अभियान की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को देश में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने, सरकारी सुविधाओं को ऑनलाइन लाने और हर नागरिक तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज यह पहल सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल परिवर्तन की मजबूत नींव बन चुकी है।
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डिजिटल इंडिया ने कैसे बदली देश की तस्वीर?
प्रधानमंत्री के मुताबिक, डिजिटल इंडिया ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाया है। अब कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को लंबी कतारों और कागजी प्रक्रियाओं से काफी राहत मिली है।
यूपीआई ने दुनिया में बनाई भारत की नई पहचान
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस को माना जा रहा है। आज भारत रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट के मामले में दुनिया में आगे है। दुनिया भर में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन का करीब 49 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई के जरिए होता है। इससे डिजिटल भुगतान पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुरक्षित और तेज हुआ है।
डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता
प्रधानमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है।
गांवों तक पहुंची डिजिटल सेवा
सरकार के अनुसार, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार और सस्ते इंटरनेट की उपलब्धता ने गांवों, टियर-2 और टियर-3 शहरों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाई है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और सरकारी सेवाओं का लाभ दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच सका है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिली नई ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने देशभर के युवाओं, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को नए अवसर दिए हैं। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों से युवा वैश्विक समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार कर रहे हैं।
एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर भी बढ़ा फोकस
मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल नीतियों की वजह से भारत अब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), सेमिकंडक्टर, क्वाटम कम्प्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे भविष्य में रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
2015 से पहले और आज का अंतर
अधिकारियों के मुताबिक, 2015 से पहले सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को लंबी कतारों, कागजी दस्तावेजों और सीमित इंटरनेट सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। डिजिटल इंडिया के बाद इंटरनेट एक्सेस बढ़ा, कई सेवाएं ऑनलाइन हुईं और आम नागरिकों के लिए सरकारी काम पहले से काफी आसान हो गए।
प्रधानमंत्री ने और क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाया है तथा भारत को वैश्विक स्तर पर नई डिजिटल पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि जब एक अरब से अधिक लोग तकनीक को अपनाते हैं, तो उसका शानदार प्रभाव होता है। उनका यह भी कहना है कि आने वाले समय में सरकार ऐसी तकनीकों पर काम करती रहेगी, जो मानवता की सेवा करें, नागरिकों को सशक्त बनाएं और सतत विकास को गति दें।
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कब शुरू हुआ था डिजिटल इंडिया अभियान
इस अभियान की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को देश में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने, सरकारी सुविधाओं को ऑनलाइन लाने और हर नागरिक तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज यह पहल सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल परिवर्तन की मजबूत नींव बन चुकी है।
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When over a billion people embrace technology, the impact is transformative! #11YearsOfDigitalIndia pic.twitter.com/WBnkcFXoYa
— Narendra Modi (@narendramodi) July 1, 2026 ">http://When over a billion people embrace technology, the impact is transformative! #11YearsOfDigitalIndia pic.twitter.com/WBnkcFXoYa
— Narendra Modi (@narendramodi) July 1, 2026
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डिजिटल इंडिया ने कैसे बदली देश की तस्वीर?
प्रधानमंत्री के मुताबिक, डिजिटल इंडिया ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाया है। अब कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को लंबी कतारों और कागजी प्रक्रियाओं से काफी राहत मिली है।
यूपीआई ने दुनिया में बनाई भारत की नई पहचान
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस को माना जा रहा है। आज भारत रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट के मामले में दुनिया में आगे है। दुनिया भर में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन का करीब 49 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई के जरिए होता है। इससे डिजिटल भुगतान पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुरक्षित और तेज हुआ है।
डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता
प्रधानमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है।
गांवों तक पहुंची डिजिटल सेवा
सरकार के अनुसार, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार और सस्ते इंटरनेट की उपलब्धता ने गांवों, टियर-2 और टियर-3 शहरों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाई है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और सरकारी सेवाओं का लाभ दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच सका है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिली नई ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने देशभर के युवाओं, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को नए अवसर दिए हैं। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों से युवा वैश्विक समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार कर रहे हैं।
एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर भी बढ़ा फोकस
मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल नीतियों की वजह से भारत अब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), सेमिकंडक्टर, क्वाटम कम्प्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे भविष्य में रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
2015 से पहले और आज का अंतर
अधिकारियों के मुताबिक, 2015 से पहले सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को लंबी कतारों, कागजी दस्तावेजों और सीमित इंटरनेट सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। डिजिटल इंडिया के बाद इंटरनेट एक्सेस बढ़ा, कई सेवाएं ऑनलाइन हुईं और आम नागरिकों के लिए सरकारी काम पहले से काफी आसान हो गए।
प्रधानमंत्री ने और क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाया है तथा भारत को वैश्विक स्तर पर नई डिजिटल पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि जब एक अरब से अधिक लोग तकनीक को अपनाते हैं, तो उसका शानदार प्रभाव होता है। उनका यह भी कहना है कि आने वाले समय में सरकार ऐसी तकनीकों पर काम करती रहेगी, जो मानवता की सेवा करें, नागरिकों को सशक्त बनाएं और सतत विकास को गति दें।