{"_id":"69955499bfcd36e3fd09ad5a","slug":"elon-musk-s-2016-email-jensen-huang-reveals-how-openai-secured-early-nvidia-dgx-1-supercomputer-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Viral E-mail: सैम ऑल्टमैन से जंग के बीच वायरल हुआ मस्क का पुराना ईमेल, जब जेनसन हुआंग से मांगी थी पहली AI पावर","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
Viral E-mail: सैम ऑल्टमैन से जंग के बीच वायरल हुआ मस्क का पुराना ईमेल, जब जेनसन हुआंग से मांगी थी पहली AI पावर
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Wed, 18 Feb 2026 11:35 AM IST
विज्ञापन
सार
DGX-1 OpenAI history: एलन मस्क और सैम अल्टमैन से जुड़े 2026 के ट्रायल की सार्वजनिक फाइलिंग में ईमेल सामने आया है। जो 13 अप्रैल 2016 का है, जिसमें मस्क ने जेनसन हुआंग से पूछा था कि क्या ओपन एआई को दुनिया के पहले एआई-केंद्रित सुरपकंप्यूटर एनवीडिया डीजीएक्स-1 की शुरुआती यूनिट मिल सकती है।
Elon Musk
- फोटो : AI
विज्ञापन
विस्तार
2026 में शुरू होने वाले कानूनी ट्रायल के दस्तावेजों का खुलासा हो चुका है। 2016 में एलन मस्क ने एनवीडिया के सीईओ से ओपनएआई के लिए DGX-1 सुपरकंप्यूटर की शुरुआती यूनिट मांगी थी, जो मशीन आगे चलकर शुरुआती AI मॉडल ट्रेनिंग की नींव बनी।
Trending Videos
ईमेल में मस्क ने स्पष्ट किया था कि ओपनएआई, टेस्ला से असंबद्ध एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित AGI (Artificial General Intelligence) विकसित करना है। ये वह दौर था जब एआई इंडस्ट्री शुरुआती दौर में थी और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग संसाधन सीमित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़े: तकनीक में नेतृत्व: अल्फाबेट और एडोबी जैसी कंपनियों की कमान संभाल रहे भारतवंशी, फ्रांस के राष्ट्रपति हुए मुरीद
छह दिन बाद हुआंग ने जवाब दिया कि मैंने अनुरोध को भुलाया नहीं है। यह पहला सुपरकंप्यूटर है जो खुद वेब पर बिक रहा है। मांग हर तरफ से आ रही है। पहली शिपमेंट अगले महीने के अंत में शुरू होगी और सितंबर में डिलीवरी के लिए पहले से ऑर्डर ले रहे हैं। मैं सुनिश्चित करूंगा कि ओपनएआई को पहली यूनिट्स में से एक मिले। उसी साल बाद में हुआंग ने व्यक्तिगत रूप से सैन फ्रांसिस्को स्थित ओपन एआई कार्यालय में पहला DGX-1 पहुंचाया। उस पल की तस्वीर टेक इतिहास की चर्चित छवियों में गिनी जाती है।
DGX-1 क्यों था इतना जरूरी?
DGX-1 को उस समय एआई इन अ बॉक्स कहा गया था, जो करीब 250 पारंपरिक सर्वरों के बराबर कंप्यूटिंग क्षमता वाला है। इसे विशेष रूप से डीप लर्निंग मॉडल ट्रेनिंग के लिए डिजाइन किया गया था। जो जीपीयू हाई-परफॉर्मेस आर्टिक्चर पर आधारित है। इसी कंप्यूटिंग पावर ने शुरुआती बड़े भाषा मॉडल्स की ट्रेनिंग को संभव बनाया, जो आगे चलकर ChatGPT जैसी तकनीकों की नींव बने।
ये भी पढ़े: YouTube Down: क्या US में 2.40 लाख से अधिक यूट्यूब यूजर्स प्रभावित, सेवाएं कब सामान्य? कंपनी ने दिया ये अपडेट
टेक इतिहास में इस ईमेल की अहमियत
ये ईमेल केवल एक हार्डवेयर रिक्वेस्ट नहीं था, बल्कि एआई रेस की शुरुआत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। आज जब AI मॉडल्स मल्टी-बिलियन पैरामीटर स्केल पर ट्रेन होते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि शुरुआत सीमित संसाधनों और व्यक्तिगत नेटवर्किंग से हुई थी। मस्क ने हाल ही में एक पोस्ट में हुआंग की सराहना करते हुए कहा कि वह सहयोग का शुरुआती और महत्वपूर्ण क्षण था।
यह ईमेल अब क्यों चर्चा में है?
दरअसल, 27 अप्रैल 2026 से एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच अदालती लड़ाई शुरू होने वाली है। मस्क का आरोप है कि उन्होंने ओपन एआई को खुला और सुरक्षित रखने के लिए पैसा और संसाधन (जैसे ये सुपरकंप्यूटर) लगाए थे, लेकिन अब ये कंपनी सिर्फ मुनाफे के पीछे भाग रही है और माइक्रोसॉफ्ट के हाथों की कठपुतली बन गई है।