MeitY Action: सट्टेबाजी पर सरकार सख्त, 300 नई साइट्स और 8400 प्लेटफॉर्म्स बैन; जानें किन एप्स पर गिरी है गाज
Government Blocks 300 Betting Sites: क्या आप भी ऑनलाइन गेमिंग या सट्टेबाजी के विज्ञापनों के झांसे में आ रहे हैं? भारत सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। हालिया कार्रवाई में करीब 300 साइट्स और प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है। वहीं, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट आने के बाद से अब तक हजारों वेबसाइट्स को ब्लैकलिस्ट भी किया जा चुका है। जानिए, किन एप्स पर गाज गिरी है और सरकार का अगला कदम क्या है...
विस्तार
किस तरह के एप्स और वेबसाइट पर लगा प्रतिबंध?
सरकार ने खास तौर से उन सिंडिकेट्स का निशाना बनाया है, जो इस तरह की सेवाओं दे रहे थे:
- ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग: क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर दांव लगाने वाले अवैध प्लेटफॉर्म को बैन किया गया।
- वर्चुअल कैसीनो: स्लॉट मशीन, रूलेट और लाइव डीलर टेबल के जरिए जुआ खिलाने वाली साइट्स पर बैन लगाया है।
- बेटिंग एक्सचेंज: पीयर-टू-पीयर (P2P) मॉडल पर काम करने वाले सट्टेबाजी मार्केटप्लेस को प्रतिबंध किया।
- सट्टा और मटका नेटवर्क: पारंपरिक सट्टा और मटका को डिजिटल रूप में चलाने वाले अवैध नेटवर्क पर बैन लगाया।
- रियल मनी कार्ड गेम्स: असली पैसों वाले कार्ड गेम और कैसीनो एप्स, जो गेमिंग की आड़ में जुआ खिला रहे थे, उनपर भी गाज गिरी है।
Government sources say, "Government comes down heavily on illegal gambling and betting websites, blocks 300 such websites and applications.
These pertain to
1. Online Sports Betting Platforms
2. Online Casinos offering slots, roulette, live dealer tables
3.… — ANI (@ANI) March 20, 2026
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के बाद आई कार्रवाई में तेजी
आंकड़े बताते हैं कि सरकार अब अवैध गेमिंग को लेकर बेहद सख्त है। अब तक करीब 8,400 वेबसाइट्स और एप्स बंद किए जा चुके हैं। इनमें से 4,900 से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स तो अकेले ही ऑनलाइन गेमिंग एक्ट पारित होने के बाद ब्लॉक किए गए हैं। ताजा कार्रवाई के अनुसार 300 नई अवैध वेबसाइट्स को जोड़ा गया है, जिन पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन आंकड़ों को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये अवैध साइट्स अक्सर विदेशी सर्वरों से संचालित होती हैं और यूजर्स का डाटा चोरी करने के साथ-साथ उनके बैंक खातों में भी सेंध लगा सकती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल वे ही गेमिंग प्लेटफॉर्म वैध माने जाएंगे जो सरकारी नियमों और टैक्स ढांचे के भीतर काम करेंगे।