Cyberattacks: भारत में बढ़ रहा साइबर हमले का खतरा, हर हफ्ते औसतन 3,195 बार हमलों का सामना कर रहे संगठन
Cyberattacks India Report: एक नई साइबर सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार भारत में संगठनों को हर हफ्ते औसतन 3,195 साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। ये पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साइबर अपराधी अब एआई और ऑटोमेशन का उपयोग करके तेज और ज्यादा खतरनाक हमले कर रहे हैं। शिक्षा और सरकारी संस्थान सबसे ज्यादा निशाने पर हैं जबकि रैनसमवेयर और सोशल इंजीनियरिंग जैसे हमले तेजी से बढ़ रहे हैं।
विस्तार
भारत में डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इसके साथ साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। एक नई साइबर सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में संगठनों को अब हर हफ्ते औसतन 3,195 साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। चेक पॉइंट सॉफ्टवेयर की 2026 की रिपोर्ट बताती है कि डिजिटल क्रांति के साथ साइबर खतरे भी तेजी से बढ़े हैं। यह संख्या चिंता की बात है और दिखाती है कि संस्थानों को अपनी साइबर सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने की जरूरत है।
2025 में साइबर हमलों में 2% की बढ़ोतरी
चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर की 2026 साइबर सिक्योरिटी रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में हर हफ्ते औसतन 3,195 साइबर हमले हुए। यह संख्या 2024 की तुलना में 2 प्रतिशत ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब साइबर अपराधी पुराने मैन्युअल तरीकों की बजाय ऑटोमेटेड (अपने-आप होने वाले) और ज्यादा तेज हमलों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे हमलों की संख्या बढ़ रही है।
साइबर अपराध में एआई की बढ़ती भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे वे पहले से ज्यादा तेजी से और बड़े स्तर पर हमले कर पा रहे हैं। चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर के रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट लोटेम फिंकेलस्टीन ने कहा कि एआई साइबर हमलों के तरीके को बदल रहा है। अब हमलावर केवल मैन्युअल तरीके से नहीं बल्कि ऑटोमेशन और नई स्मार्ट तकनीकों की मदद से हमले कर रहे हैं। इस वजह से साइबर हमले अब ज्यादा तेज, ज्यादा योजनाबद्ध और ज्यादा खतरनाक हो गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र सबसे ज्यादा निशाने पर
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में शिक्षा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा साइबर हमले हो रहे हैं।
| क्षेत्र | प्रति संस्थान साप्ताहिक हमले |
| शिक्षा | 7,684 |
| सरकारी क्षेत्र | 4,912 |
| बिजनेस सर्विसेज | 3,747 |
- शिक्षा क्षेत्र: हर हफ्ते औसतन 7,684 हमले प्रति संगठन
- सरकारी क्षेत्र: हर हफ्ते 4,912 हमले
- बिजनेस सर्विसेज सेक्टर: हर हफ्ते 3,747 हमले
इसका मतलब है कि स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और सरकारी संस्थान साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर हैं।
रैनसमवेयर हमले भी तेजी से बढ़े
रैनसमवेयर अभी भी साइबर दुनिया का एक बड़ा खतरा बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, जबरन पैसे वसूलने के मामलों में 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और रैनसमवेयर हमले करने वाले नए समूहों की संख्या भी 50 प्रतिशत बढ़ गई है। अब छोटे-छोटे साइबर अपराधी समूह भी इस तरह के हमले कर रहे हैं जिससे साइबर खतरा पहले से ज्यादा गंभीर हो गया है।
सोशल इंजीनियरिंग और VPN का भी हो रहा दुरुपयोग
साइबर अपराधी अब लोगों को धोखा देने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जैसे:
- फोन पर अधिकारी या कर्मचारी बनकर लोगों को ठगना
- ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करना
- VPN और नेटवर्क डिवाइस का उपयोग करके अपनी असली पहचान छिपाना
इन तरीकों की वजह से संगठनों के लिए साइबर हमलों को पहचानना और उन्हें रोकना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है।
विशेषज्ञों की सलाह: सुरक्षा रणनीति बदलने की जरूरत
रिपोर्ट के अनुसार, एआई से होने वाले साइबर हमलों से बचने के लिए संगठनों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ हमले होने के बाद कार्रवाई करना काफी नहीं है, बल्कि पहले से ही मजबूत सुरक्षा सिस्टम बनाना जरूरी है।
संगठनों को ऐसी रणनीति अपनानी चाहिए, जिससे साइबर हमलों को शुरू होने से पहले ही रोका जा सके और एआई के दौर के अनुसार अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।