सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   Don't Ignore Cookie Pop-up, How Skipping Accept or Reject Can Compromise Your Online Privacy.

Privacy Report: 50% से ज्यादा लोग नहीं जानते कुकीज इग्नोर करना कितना खतरनाक? जानें क्या कहती है ताजा रिपोर्ट

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Tue, 17 Feb 2026 03:02 PM IST
विज्ञापन
सार

Internet Cookies Privacy Risk: अक्सर नई वेबसाइट खोलते ही कुकी परमिशन का पॉप-अप दिखता है। कई बार लोग इसे जल्दबाजी में बंद कर देते है या बिना कोई विकल्प चुने आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन ऐसा करने से वेबसाइट के कुछ फीचर्स के लिए सही से काम नहीं करता। कई मामलों में तो साइट एक्सेस भी सीमित हो सकता है। 
 

Don't Ignore Cookie Pop-up, How Skipping Accept or Reject Can Compromise Your Online Privacy.
कुकीज - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार

डिजिटल प्राइवेसी पर काम करने वाली संस्था ऑल अबाउट कुकीज की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार केवल करीब 46 प्रतिशत लोग ही समझते हैं कि इंटरनेट कुकीज क्या होती है और बिना एक्सेप्ट या रिजेक्ट किए वेबसाइट छोड़ने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ये आंकड़ा बताता है कि जागरूकता अभी भी सीमित है।

Trending Videos


आखिर क्या हैं ये Cookies और ये क्यों जरूरी हैं?
तकनीकी भाषा में कहें तो कुकीज छोटी टेक्स्ट डेटा फाइलें होती हैं। जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो वह साइट आपके ब्राउजर में एक फाइल सेव करती है। इसमें आपकी पसंद, सर्च हिस्ट्री और लॉगिन प्रेफरेंस जैसी जानकारी होती है ताकि अगली बार वह वेबसाइट आपके लिए तेजी से और आपकी पसंद के अनुसार खुल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुकीज के प्रकार

  • फर्स्ट-पार्टी कुकीज: वही वेबसाइट बनाती है जिस पर आप विजिट कर रहे हैं।
  • थर्ड-पार्टी कुकीज: विज्ञापन या एनालिटिक्स कंपनियों की ओर से ट्रैकिंग के लिए उपयोग की जाती हैं।

क्या पॉप-अप को इग्नोर करना खतरनाक?
अक्सर हम जल्दबाजी में कुकीज विंडो को बिना एक्सेप्ट या रिजेक्ट किए साइड से हटा देते हैं और ब्राउजिंग जारी रखते हैं, लेकिन ऐसा सिर्फ 46 प्रतिशत लोगों काे ही पता है कि इससे बड़े नुकसान हो सकते हैं। जैसे:


वेबसाइट का ब्लॉक होना: कई मॉडर्न वेबसाइट्स तब तक अपना कंटेंट सही से नहीं दिखातीं जब तक आप कुकीज पर निर्णय न ले लें।
खराब यूजर एक्सपीरियंस: आपको बार-बार वही विज्ञापन या न्यूज दिखाई देगी, जिसमें आपकी कोई रुचि नहीं है, क्योंकि साइट आपकी प्रेफरेंस समझ नहीं पाती।
प्राइवेसी का खतरा: ऑल अबाउट कुकीज की रिपोर्ट के अनुसार, रिस्पांस न देने पर कुछ अनसिक्योर्ड साइट्स बैकग्राउंड में थर्ड-पार्टी कुकीज का इस्तेमाल जारी रख सकती हैं, जो आपकी प्राइवेसी के लिए सही नहीं है।

तो क्या सभी कुकीज को Accept करना सही है?
बिल्कुल नहीं, यहां स्मार्ट ब्राउजिंग की जरूरत है। जैसे:

  • भरोसेमंद साइट्स: केवल जानी-मानी और सुरक्षित (HTTPS वाली) वेबसाइट्स पर ही कुकीज स्वीकार करें।
  • पब्लिक वाई-फाई: अगर आप किसी कैफे या एयरपोर्ट के सार्वजनिक वाई-फाई पर हैं, तो कुकीज स्वीकार करने से बचें। हैकर्स यहां आपकी कुकीज हाईजैक कर आपके अकाउंट्स में सेंध लगा सकते हैं।
  • सेंसिटिव डाटा: कुकीज आपके पासवर्ड और ईमेल तक को स्टोर कर सकती हैं। अगर वेबसाइट संदिग्ध लगे, तो तुरंत रिजेक्ट ऑल पर क्लिक करें।

समय-समय पर अपने ब्राउजर की सेटिंग्स में जाकर Clear Cookies and Cache करते रहें। इससे पुराना डाटा हट जाता है और आपके ब्राउजिंग सेशन फ्रेश और सुरक्षित रहते हैं।

ब्राउजर क्या विकल्प देते हैं?
अधिकांश आधुनिक ब्राउजर आपको थर्ड-पार्टी कुकीज ब्लॉक करने, ऑटोमैटिक कुकी डिलीट सेट करने और साइट-वाइज परमिशन कंट्रोल करने का विकल्प देते हैं। इससे आप हर वेबसाइट पर अलग-अलग स्तर की अनुमति तय कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed