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AI Data City: आंध्र प्रदेश के सबसे बड़े नगर में बनेगा देश का पहला AI डाटा हब, ये दिग्गज कंपनियां लगाएंगी दांव
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Sun, 15 Feb 2026 05:06 PM IST
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सार
India's First AI Data City: विशाखापत्तनम अब सिर्फ एक बंदरगाह शहर नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य का पावरहाउस बनने जा रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार यहां देश की पहली एआई फोकस्ड डाटा सिटी बनाने की तैयारी में है, जो अमेरिका और चीन को सीधी टक्कर देगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Freepik
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विस्तार
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक दौड़ में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है। इसी दिशा में आंध्र प्रदेश सरकार ने विशाखापत्तनम (विजाग) को देश की पहली एआई फोकस्ड डाटा सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। जिसका लक्ष्य एक ऐसा इंटीग्रेटेड डाटा इकोसिस्टम तैयार करना है, जो अगले दशक की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर सके।
विशाखापत्तनम ही क्यों?
समुद्र किनारे बसा यह पोर्ट सिटी भौगोलिक रूप से रणनीतिक स्थिति में है। यहां से भारत को सीधे साउथ-ईस्ट एशिया से जोड़ने वाली समुद्री इंटरनेट केबल कनेक्टिविटी मिलती है। शहर को सिंगापुर से जुड़ने वाली सबमरीन केबल के लैंडिंग पॉइंट के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब साफ है कि हाई-स्पीड, लो-लेटेंडी डाटा ट्रांसफर। इसके अलावा एआई कंपनियों के लिए ये सबसे बड़ी जरुरत होती है, क्योंकि बड़े मॉडल्स और क्लाउड प्रोसेसिंग के लिए तेज और स्थिर कनेक्टिविटी जरूरी है।
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सिर्फ डेटा नहीं, मैन्युफैक्चरिंग का भी केंद्र
विशाखापत्तनम सिर्फ डेटा स्टोर नहीं करेगा, बल्कि उसे चलाने वाली मशीनें भी यहीं बनेंगी। इस योजना के तहत 100 किमी के दायरे में हाइपरस्केल डेटा सेंटर, सर्वर, और स्पेशल वॉटर-कूलिंग सिस्टम बनाने वाली फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनाना है जहां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक ही जगह तैयार हों।
अब तेज होगी एआई की रेस
दिल्ली में शुरू हो रहे एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आंध्र के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने साफ कर दिया है कि भारत अब एआई को अपनाने पर बहस नहीं, बल्कि उसमें सबसे तेज दौड़ने पर ध्यान दे रहा है। विशाखापत्तनम इस दौड़ का स्टार्टिंग पॉइंट होगा।
ये भी पढ़े: शख्स ने खड़ी की बिना इंसानों वाली कंपनी: 15 AI एजेंट्स संभाल रहे हैं HR, लीगल और मैनेजर का पद
क्या टेक दिग्गज भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे?
एआई डाटा सिटी प्रोजेक्ट को उद्योग जगत का समर्थन भी मिलने लगा है। गूगल ने अमेरिका के बाहर यहां अपना सबसे बड़ा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने का वादा किया है। इसके अलावा रिलायंस, ब्रुकफील्ड कॉर्पोरेशन और डिजिटल रियल्टी के जॉइंट वेंचर भी राज्य में एआई प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 700 से अधिक प्रोजक्ट्स के लिए निवेश समझौते साइन किए जा चुके हैं।
एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 से मिलेगा वैश्विक मंच
नई दिल्ली में आयोजित होने वाला एआई इंडिया इंपैक्ट समिट 2026 इस पहल को अंतरराष्ट्रीय पहचान देगा। इस समिट में दुनियाभर के सीईओ और कई देशों के शीर्ष प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। टेक एक्सपर्ट्स इसे ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा एआई मंच बता रहा हैं।
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विशाखापत्तनम ही क्यों?
समुद्र किनारे बसा यह पोर्ट सिटी भौगोलिक रूप से रणनीतिक स्थिति में है। यहां से भारत को सीधे साउथ-ईस्ट एशिया से जोड़ने वाली समुद्री इंटरनेट केबल कनेक्टिविटी मिलती है। शहर को सिंगापुर से जुड़ने वाली सबमरीन केबल के लैंडिंग पॉइंट के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब साफ है कि हाई-स्पीड, लो-लेटेंडी डाटा ट्रांसफर। इसके अलावा एआई कंपनियों के लिए ये सबसे बड़ी जरुरत होती है, क्योंकि बड़े मॉडल्स और क्लाउड प्रोसेसिंग के लिए तेज और स्थिर कनेक्टिविटी जरूरी है।
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सिर्फ डेटा नहीं, मैन्युफैक्चरिंग का भी केंद्र
विशाखापत्तनम सिर्फ डेटा स्टोर नहीं करेगा, बल्कि उसे चलाने वाली मशीनें भी यहीं बनेंगी। इस योजना के तहत 100 किमी के दायरे में हाइपरस्केल डेटा सेंटर, सर्वर, और स्पेशल वॉटर-कूलिंग सिस्टम बनाने वाली फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनाना है जहां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक ही जगह तैयार हों।
अब तेज होगी एआई की रेस
दिल्ली में शुरू हो रहे एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आंध्र के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने साफ कर दिया है कि भारत अब एआई को अपनाने पर बहस नहीं, बल्कि उसमें सबसे तेज दौड़ने पर ध्यान दे रहा है। विशाखापत्तनम इस दौड़ का स्टार्टिंग पॉइंट होगा।
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क्या टेक दिग्गज भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे?
एआई डाटा सिटी प्रोजेक्ट को उद्योग जगत का समर्थन भी मिलने लगा है। गूगल ने अमेरिका के बाहर यहां अपना सबसे बड़ा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने का वादा किया है। इसके अलावा रिलायंस, ब्रुकफील्ड कॉर्पोरेशन और डिजिटल रियल्टी के जॉइंट वेंचर भी राज्य में एआई प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 700 से अधिक प्रोजक्ट्स के लिए निवेश समझौते साइन किए जा चुके हैं।
एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 से मिलेगा वैश्विक मंच
नई दिल्ली में आयोजित होने वाला एआई इंडिया इंपैक्ट समिट 2026 इस पहल को अंतरराष्ट्रीय पहचान देगा। इस समिट में दुनियाभर के सीईओ और कई देशों के शीर्ष प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। टेक एक्सपर्ट्स इसे ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा एआई मंच बता रहा हैं।
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