AI Impact Summit 2026: एआई की वजह से आपकी नौकरी रहेगी या जाएगी? टेक जगत के गुरुओं ने कर दिया साफ
AI Impact Summit 2026: एआई इंपैक्ट समिट 2026 में टेक जगत के दिग्गजों ने साफ किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि उनका स्वरूप बदल देगा। इसीलिए युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें लेटेस्ट एआई स्किल से अपडेटेड रहना है और नए एआई टूल्स को अपनाना है। साथ ही कुछ विशेषज्ञों ने आगाह भी किया कि कि भविष्य में लगभग 50% पुरानी नौकरियां खत्म हो सकती हैं। लेकिन उतनी ही नई नौकरियां भी पैदा होंगी।
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे लोगों को डर है कि इससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है। लेकिन एआई इंपैक्ट समिट 2026 में टेक उद्योग के बड़े नेताओं ने साफ कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। कर्मचारियों और युवाओं को सिर्फ इतना करना है कि वे समय के साथ नए कौशल सीखते रहें और खुद को अपग्रेड करते रहें। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई के दौर में सबसे जरूरी चीज है लगातार सीखते रहना। आने वाले 3 से 5 साल में एआई और ज्यादा विकसित होगा। इससे काम करने के तरीके बदलेंगे और कंपनियों में कर्मचारियों की भूमिकाओं में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
एआई के दौर में लगातार सीखते रहना जरूरी
समिट के दौरान आयोजित 'The Future of Employability in the Age of AI' सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले 3 से 5 साल में एआई की वजह से काम करने का तरीका काफी बदल जाएगा। कुछ पुरानी नौकरियां खत्म हो सकती हैं लेकिन एआई कई नई नौकरियों के अवसर भी पैदा करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार अब कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी चीज है लगातार नई चीजें सीखते रहना। यानी लोगों को समय-समय पर अपने कौशल अपडेट करते रहना होगा ताकि वे नई तकनीक और बदलती जरूरतों के साथ खुद को ढाल सकें। इससे वे नौकरी के क्षेत्र में आगे बने रहेंगे।
AI सीखिए, तभी आगे बढ़ पाएंगे
इन्फो एज के संस्थापक और नौकरी डॉट कॉम के मालिक संजीव बिखचंदानी ने कहा कि एआई का असर वैसा ही है जैसा पहले बैंकों में कंप्यूटर आने पर हुआ था। उस समय लोगों को डर था कि नौकरियां चली जाएंगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके बजाय काम तेज हो गया और लोगों की उत्पादकता बढ़ी। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे नीतियों या बदलावों की चिंता करने के बजाय इस बात पर ध्यान दें कि वे खुद को कैसे बेहतर बना सकते हैं।
उनका कहना था कि युवाओं को एआई टूल्स सीखने चाहिए ताकि एआई उनकी नौकरी लेने के बजाय उन्हें नई नौकरी पाने में मदद करे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि युवा अगले तीन महीनों में कम से कम तीन एआई प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करना सीखें। बिखचंदानी ने कहा कि एआई तेजी से आगे बढ़ रहा है इसलिए जो लोग एआई नहीं सीखेंगे वे पीछे रह जाएंगे। वहीं जो लोग इसे सीखेंगे उनके लिए नौकरी के अवसर ज्यादा सुरक्षित और बेहतर होंगे।
'नौकरियां खत्म नहीं होंगी, उनका स्वरूप बदलेगा'
एजवर्व (इंफोसिस की सहायक कंपनी) के सीईओ सतीश सीतारमैया ने कहा कि एआई कंपनियों के काम को तेज और ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद करता है। इससे काम आसान और ज्यादा उत्पादक हो जाता है। लेकिन किसी भी काम की अंतिम जिम्मेदारी इंसानों की ही रहेगी। उन्होंने कहा कि एआई की वजह से नौकरियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी बल्कि काम करने का तरीका बदल जाएगा। इसलिए लोगों के लिए जरूरी है कि वे लगातार नई चीजें सीखते रहें क्योंकि एआई के दौर में सीखते रहना ही सबसे महत्वपूर्ण होगा।
50% नौकरियां जाएंगी, लेकिन 50% नई नौकरियां भी बनेंगी
Sampark (संपर्क) के संस्थापक और चेयरमैन विनीत नायर ने कहा कि एआई की वजह से कुछ मौजूदा नौकरियां खत्म हो सकती हैं। उनका अनुमान है कि करीब 50 प्रतिशत नौकरियों पर असर पड़ सकता है। लेकिन अच्छी बात ये है कि एआई उतनी ही संख्या में नई नौकरियां भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि एआई लोगों के लिए खुद को नया कौशल सीखने और बेहतर बनाने का मौका देता है। इसलिए लोगों को यह समझना जरूरी है कि उनके काम के क्षेत्र में अब कौन-से नए कौशल की जरूरत है और उसी के अनुसार खुद को तैयार करना चाहिए।
कर्मचारियों के लिए क्या है सबसे बड़ा संदेश
टेक उद्योग के नेताओं का कहना है कि एआई के दौर में आगे बढ़ने और नौकरी सुरक्षित रखने के लिए कर्मचारियों को नई तकनीक को अपनाना होगा। उन्हें एआई टूल्स का इस्तेमाल सीखना चाहिए और समय के साथ नए कौशल भी सीखते रहना चाहिए। इसके साथ ही कर्मचारियों को बदलती नौकरी की जरूरतों के अनुसार खुद को अपडेट करना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एआई को खतरे के रूप में नहीं बल्कि एक नए अवसर के रूप में देखना चाहिए। जो लोग एआई सीखेंगे और अपनाएंगे उनके लिए भविष्य में ज्यादा बेहतर मौके होंगे।