Telescope: ब्रह्मांड की 'टाइम मशीन', जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोजी अब तक की सबसे पुरानी आकाशगंगा
James Webb Telescope: अंतरिक्ष विज्ञान में एक एतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। नासा (NASA) ने बताया है कि जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अब तक की सबसे पुरानी और सबसे दूर स्थित आकाशगंगा खोज निकाली है, जिसे MoM-z14 नाम दिया गया है। यह आकाशगंगा बिग बैंग के सिर्फ 28 करोड़ साल बाद बनी थी और इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में करीब 13.5 अरब साल लगे हैं।
विस्तार
अंतरिक्ष विज्ञान में एक ऐसी खोज हुई है जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। नासा (NASA) ने बताया है कि जेम्स वेब टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड की सबसे पुरानी और सबसे दूर स्थित आकाशगंगा (गैलेक्सी) को ढूंढ निकाला है। यह खोज हमें उस समय के बारे में नई जानकारी दे रही है जब ब्रह्मांड की शुरुआत हो रही थी और पहले सितारे व आकाशगंगाएं बन रही थीं।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप: अंतरिक्ष की सबसे शक्तिशाली आंख
जेम्स वेब टेलीस्कोप दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी और ताकतवर दूरबीन है। इसे अमेरिका (NASA), यूरोप और कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसियों ने मिलकर बनाया है। 25 दिसंबर 2021 को लॉन्च हुई यह दूरबीन पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में रहकर ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझा रही है।
क्यों है इतनी खास?
धूल के पार देखने की शक्ति: इसमें खास 'इंफ्रारेड तकनीक' का इस्तेमाल हुआ है। यह अंतरिक्ष में धूल के घने बादलों के पार भी देख सकती है, जहां पुरानी दूरबीनें नहीं देख पाती थीं।
हबल से 100 गुना ताकतवर: यह मशहूर 'हबल टेलीस्कोप' की उत्तराधिकारी है लेकिन उससे करीब 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली और संवेदनशील है।
विशाल दर्पण (मिरर): इसका मुख्य शीशा 6.5 मीटर चौड़ा है जो इसे अंतरिक्ष में भेजी गई अब तक की सबसे बड़ी दूरबीन बनाता है।
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इसका मुख्य मकसद क्या है?
पहले तारों की खोज: ब्रह्मांड की शुरुआत (बिग बैंग) के बाद बनने वाले सबसे पहले तारों और आकाशगंगाओं (गैलेक्सीज) का पता लगाना।
ग्रहों पर जीवन की तलाश: हमारे सौर मंडल से बाहर के ग्रहों के वायुमंडल की जांच करना, ताकि वहां पानी या जीवन के संकेतों को ढूंढा जा सके।
तारों का जन्म: यह देखना कि अंतरिक्ष में नए तारे और ग्रह कैसे जन्म लेते हैं।
अब तक की बड़ी सफलताएं
इसने बिग बैंग के मात्र 280 मिलियन साल बाद की सबसे पुरानी आकाशगंगा (MoM-z14) को खोज निकाला है। साथ ही, इसने दूसरे ग्रहों पर पानी और गैसों की मौजूदगी का भी पता लगाया है।
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MoM-z14: ब्रह्मांड की शुरुआत की एक तस्वीर
इस नई मिली आकाशगंगा का नाम MoM-z14 है। यह हमें उस समय की झलक दिखाती है जब ब्रह्मांड को बने हुए सिर्फ 28 करोड़ साल हुए थे। इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में करीब 1350 करोड़ साल लग गए हैं। इसी वजह से यह अब तक की खोजी गई सबसे पुरानी और सबसे दूरी पर स्थित आकाशगंगा बन गई है।
| खासियत | जानकारी |
| पूरा नाम | जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप |
| लॉन्च की तारीख | 25 दिसंबर, 2021 |
| मिशन की अवधि | 10-20 साल (अनुमानित) |
| लागत | लगभग 10 बिलियन डॉलर (₹80,000 करोड़ से ज्यादा) |
| पृथ्वी से दूरी | 15 लाख किलोमीटर (L2 पॉइंट पर) |
| मुख्य दर्पण का आकार | 6.5 मीटर (सोने की परत चढ़ा हुआ) |
| बनाने वाली एजेंसियां | NASA (अमेरिका), ESA (यूरोप), CSA (कनाडा) |
| मुख्य तकनीक | इंफ्रारेड एस्ट्रोनॉमी |
| सबसे बड़ी खोज | बिग बैंग के मात्र 280 मिलियन साल बाद की आकाशगंगा |
उम्मीद से ज्यादा चमकदार और अनोखी
इस रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिक रोहन नायडू ने बताया कि जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से हम अंतरिक्ष में इतनी दूर देख पा रहे हैं, जहां तक इंसान पहले कभी नहीं पहुंच पाया। लेकिन वहां जो दिखा, वह हमारे अंदाजे से बिल्कुल अलग है। यह देखकर हम हैरान भी हैं और आगे की खोज के लिए बहुत उत्साहित भी।
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MoM-z14 की कुछ हैरान करने वाली बातें
अंतरिक्ष में एक ऐसी आकाशगंगा मिली है जिसने वैज्ञानिकों की सारी पुरानी सोच बदल दी है। यह आकाशगंगा उम्मीद से कहीं ज्यादा चमकदार है, जो वैज्ञानिकों के लिए किसी बड़े आश्चर्य से कम नहीं है। इतना ही नहीं, इसमें नाइट्रोजन जैसे केमिकल्स बहुत बड़ी मात्रा में मिले हैं। इससे यह पता चलता है कि शुरुआती ब्रह्मांड में बड़े सितारों का जन्म और उनका विकास हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से हुआ था। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस आकाशगंगा ने अपने आस-पास की पुरानी हाइड्रोजन गैस को पूरी तरह साफ कर दिया है। वैज्ञानिकों को इसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी क्योंकि उस समय का पूरा ब्रह्मांड इसी गैस से भरा हुआ था। इन नई खोजों ने ब्रह्मांड की शुरुआत को समझने के पुराने तरीकों को पूरी तरह चुनौती दे दी है।
सिद्धांत बनाम वास्तविकता: एक गहरी खाई
इस नई खोज ने वैज्ञानिकों की पुरानी थ्योरी और असलियत के बीच एक बड़ा फर्क पैदा कर दिया है। स्टडी में शामिल वैज्ञानिक जैकब शेन का कहना है कि ब्रह्मांड की शुरुआत को लेकर हम जैसा सोचते थे और जो हमें अब दिख रहा है, उनके बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है, जिससे भविष्य के लिए कई नए और दिलचस्प सवाल खड़े हो गए हैं। जेम्स वेब टेलिस्कोप के आने से पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि शुरुआती आकाशगंगाएं बहुत छोटी और धुंधली होंगी, जिन्हें ढूंढना लगभग नामुमकिन होगा। लेकिन जेम्स वेब ने इन पुरानी सभी बातों को गलत साबित कर दिया है और अंतरिक्ष की ऐसी तस्वीरें दिखाई हैं जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
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एक रोमांचक भविष्य की शुरुआत
येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर वैन डोकुम ने कहा कि किसी को भी इतनी जल्दी इतने पुराने रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद नहीं थी। यह टेलिस्कोप जिस तरह लगातार अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में और भी बड़ी खोजें होने वाली हैं। वहीं, पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की यिजिआ ली का कहना है कि यह बहुत ही रोमांचक समय है। वेब टेलिस्कोप हमें शुरुआती ब्रह्मांड की ऐसी झलक दिखा रहा है जो हमने पहले कभी नहीं देखी थी। यह हमें बता रहा है कि अंतरिक्ष में अभी और भी बहुत कुछ ऐसा है जिसे खोजना बाकी है।
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