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Nvidia: एआई की राह में अब चिप नहीं, जमीन और बिजली सबसे बड़ी चुनौती; एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने चेताया

Wed, 19 Aug 2026 03:22 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Wed, 19 Aug 2026 03:22 PM IST
सार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अगली बड़ी चुनौती बेहतर एल्गोरिदम या शक्तिशाली चिप्स नहीं, बल्कि जमीन, बिजली और डेटा सेंटर जैसी भौतिक सुविधाएं होंगी। एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग के मुताबिक, एआई कंपनियों की तेज ग्रोथ अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर होती जा रही है।

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जेन्सेन हुआंग, सीईओ, एनवीडिया - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस तेज हो चुकी है, लेकिन इस उभरती तकनीक के सामने एक नई और बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है। दिग्गज टेक कंपनी एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग का मानना है कि भविष्य में एआई के विस्तार का रास्ता सिर्फ एल्गोरिदम या एडवांस चिप्स से नहीं, बल्कि जमीन, पर्याप्त बिजली और डेटा सेंटर जैसे मजबूत बुनियादी ढांचे से तय होगा।
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‘AI फैक्ट्री’ को बताया AI युग का नया इंफ्रास्ट्रक्चर
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए जेन्सेन हुआंग ने कहा कि हम एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं जहां फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता ही तय करेगी कि कोई कंपनी कितनी तेजी से अपनी एआई क्षमताओं का विस्तार कर सकती है। उन्होंने बताया कि 'एआई फैक्टरियां' इस नए युग का सबसे अहम ढांचा होंगी।
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  • हुआंग ने ‘एआई फैक्ट्री’ शब्द का इस्तेमाल ऐसे बड़े कंप्यूटिंग केंद्रों के लिए किया, जहां ऊर्जा और डेटा को कंप्यूटिंग के जरिए कारोबार, उद्योगों और देशों के लिए उपयोगी इंटेलिजेंस में बदला जाता है। इस नजरिए में एआई केवल सॉफ्टवेयर या मॉडल नहीं रह जाता। उसके पीछे बड़े पैमाने पर बिजली, सर्वर, नेटवर्किंग, जमीन और डेटा सेंटर की पूरी व्यवस्था चाहिए। यही वजह है कि एआई के लिए भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर अब रणनीतिक संसाधन बनता जा रहा है।
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एआई के मैदान में नए खिलाड़ियों के सामने मुश्किल
हुआंग ने इस बात पर जोर दिया कि बड़े क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स और आर्थिक रूप से मजबूत एंटरप्राइजेज के पास खुद के दम पर बुनियादी ढांचा तैयार करने की विशेषज्ञता और पैसा होता है। हालांकि, नई और तेजी से उभरती फ्रंटियर एआई लैब्स के लिए स्थिति बिल्कुल अलग है। इन कंपनियों का विकास अब उनके सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम या ग्राहकों की मांग के कारण नहीं रुक रहा है, बल्कि कंप्यूटिंग क्षमता और जरूरी ढांचे की कमी उनकी रफ्तार धीमी कर रही है।

ओहायो में बना रही 4.25 गीगावाट का एआई डेटा सेंटर
  • इसी कमी को दूर करने के लिए एनवीडिया अब सिर्फ GPU सप्लाई करने से आगे बढ़कर अपने सिस्टम के लिए फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है। हुआंग ने ओहियो के पोर्ट्समाउथ स्थित पोर्ट्स-पाइक टेक्नोलॉजी कैंपस का जिक्र किया। यहां जमीन, पावर और शेल क्षमता सुरक्षित करने के लिए एनवीडिया ने एसबी एनर्जी के साथ एक अहम करार किया है।
  • खास बात यह है कि इस फैसिलिटी में प्रमुख एआई कंपनी ओपनएआई के किराएदार होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में 4.25 गीगावाट की विशाल एआई फैक्ट्री क्षमता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

एनवीडिया को भारी राजस्व की उम्मीद
  • एनवीडिया का अनुमान है कि इस साइट पर तैनात सिस्टम की हर जनरेशन में लगभग 15 लाख एनवीडिया GPU शामिल हो सकते हैं। इससे कंपनी को प्रति जनरेशन 150 से 200 अरब डॉलर का भारी-भरकम राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस विशाल बुनियादी ढांचे के लिए वित्तीय मदद को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जेन्सेन हुआंग ने पूरी तरह स्थिति साफ कर दी। उन्होंने किसी भी तरह की सर्कुलर फाइनेंसिंग से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि इस ढांचे की लीज का भुगतान ओपनएआई खुद करेगा।
  • एनवीडिया अपने ग्राहकों की मांग को देखते हुए केवल जगह सुरक्षित कर रही है। यह साफ दर्शाता है कि एनवीडिया अब केवल चिप्स बनाने वाली कंपनी नहीं रही है, बल्कि यह नेटवर्किंग, CUDA सॉफ्टवेयर, कंप्लीट सिस्टम और अब फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में एक प्रमुख ताकत बन चुकी है।
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