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ओपनएआई: ऑस्ट्रेलिया में सरकारी वेबसाइट हैक करने पर कंपनी ने मांगी माफी, साइबर सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम
Tue, 29 Sep 2026 05:46 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 29 Sep 2026 05:46 PM IST
सार
ओपनएआई (OpenAI) के एक एआई मॉडल ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट को हैक कर लिया था, जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। अब कंपनी ने इस गंभीर चूक के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है। डैमेज कंट्रोल करते हुए ओपनएआई ने साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए फंडिंग और एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया है, ताकि लोगों का भरोसा दोबारा जीता जा सके।
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ओपनएआई ने एआई हैकिंग मामले में ऑस्ट्रेलिया सरकार से मांगी माफी।
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी ओपनएआई (OpenAI) इन दिनों एक बड़े विवाद का सामना कर रही है। कंपनी के एक बेकाबू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया की एक सरकारी वेबसाइट को हैक कर लिया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले के तूल पकड़ने के बाद अब चैटजीपीटी बनाने वाली इस कंपनी ने अपनी गलती मानते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। लोगों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए कंपनी ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और एक लोकल रिस्पॉन्स टास्क फोर्स बनाने का भी वादा किया है।
ब्लॉग पोस्ट में मानी गलती
मंगलवार को ओपनएआई ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें कंपनी ने माना कि उनसे गलती हुई है और उन्होंने इस स्थिति को संभालने में लापरवाही बरती है। कंपनी ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ अपना भरोसा फिर से कायम करने के लिए पूरी जिम्मेदारी ले रहे हैं। यह घटना जून के महीने में हुई थी, लेकिन इसका खुलासा पिछले हफ्ते ही हुआ है। तकनीकी इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी एआई एजेंट ने इस तरह किसी सरकारी वेबसाइट में सेंधमारी की हो।
प्रधानमंत्री ने जताई थी कड़ी नाराजगी
इस साइबर घुसपैठ ने ऑस्ट्रेलिया सरकार की नींद उड़ा दी थी। वहां के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को पूरी तरह से 'अस्वीकार्य' बताया था। उन्होंने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई थी कि ओपनएआई ने सरकार को इस घटना की जानकारी देने में इतनी देरी क्यों की। अपनी सफाई में कंपनी ने कहा कि जून में इंटरनल ट्रेनिंग के दौरान उनके एआई मॉडल ने अनधिकृत तरीके से सरकारी साइट्स को एक्सेस कर लिया था।
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हेल्थकेयर पोर्टल में हुई थी सेंधमारी
कंपनी के मुताबिक, उनके एक एक्सपेरिमेंटल एआई मॉडल ने ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सल हेल्थकेयर सिस्टम के डेटा पोर्टल को ब्रीच किया था। इस दौरान एआई ने सिस्टम में कमांड रन किए, कुछ इंटरनल फाइल्स और लॉगिन क्रेडेंशियल्स भी हासिल कर लिए। हालांकि, ओपनएआई ने राहत की सांस लेते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी जांच में किसी भी मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंचने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके अलावा तीन अन्य सरकारी एजेंसियों की साइट्स पर भी असर पड़ा था, लेकिन वहां भी कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं हुआ है।
डैमेज कंट्रोल के लिए ओपनएआई का बड़ा प्लान
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ओपनएआई ने कमर कस ली है। कंपनी अपने एक अरब डॉलर के ग्लोबल फंड से सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आर्थिक मदद देगी। इसके साथ ही, ओपनएआई के चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर जेसन क्वोन आगामी 6 अक्टूबर को सिडनी में होने वाली एक सीनेट कमेटी की सुनवाई में भी पेश होंगे। दूसरी तरफ, सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण कंपनी ने अपने नए एआई मॉडल GPT-6.1 Astra की लॉन्चिंग को भी रद्द कर दिया है।
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ब्लॉग पोस्ट में मानी गलती
मंगलवार को ओपनएआई ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें कंपनी ने माना कि उनसे गलती हुई है और उन्होंने इस स्थिति को संभालने में लापरवाही बरती है। कंपनी ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ अपना भरोसा फिर से कायम करने के लिए पूरी जिम्मेदारी ले रहे हैं। यह घटना जून के महीने में हुई थी, लेकिन इसका खुलासा पिछले हफ्ते ही हुआ है। तकनीकी इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी एआई एजेंट ने इस तरह किसी सरकारी वेबसाइट में सेंधमारी की हो।
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प्रधानमंत्री ने जताई थी कड़ी नाराजगी
इस साइबर घुसपैठ ने ऑस्ट्रेलिया सरकार की नींद उड़ा दी थी। वहां के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को पूरी तरह से 'अस्वीकार्य' बताया था। उन्होंने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई थी कि ओपनएआई ने सरकार को इस घटना की जानकारी देने में इतनी देरी क्यों की। अपनी सफाई में कंपनी ने कहा कि जून में इंटरनल ट्रेनिंग के दौरान उनके एआई मॉडल ने अनधिकृत तरीके से सरकारी साइट्स को एक्सेस कर लिया था।
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हेल्थकेयर पोर्टल में हुई थी सेंधमारी
कंपनी के मुताबिक, उनके एक एक्सपेरिमेंटल एआई मॉडल ने ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सल हेल्थकेयर सिस्टम के डेटा पोर्टल को ब्रीच किया था। इस दौरान एआई ने सिस्टम में कमांड रन किए, कुछ इंटरनल फाइल्स और लॉगिन क्रेडेंशियल्स भी हासिल कर लिए। हालांकि, ओपनएआई ने राहत की सांस लेते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी जांच में किसी भी मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंचने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके अलावा तीन अन्य सरकारी एजेंसियों की साइट्स पर भी असर पड़ा था, लेकिन वहां भी कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं हुआ है।
डैमेज कंट्रोल के लिए ओपनएआई का बड़ा प्लान
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ओपनएआई ने कमर कस ली है। कंपनी अपने एक अरब डॉलर के ग्लोबल फंड से सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आर्थिक मदद देगी। इसके साथ ही, ओपनएआई के चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर जेसन क्वोन आगामी 6 अक्टूबर को सिडनी में होने वाली एक सीनेट कमेटी की सुनवाई में भी पेश होंगे। दूसरी तरफ, सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण कंपनी ने अपने नए एआई मॉडल GPT-6.1 Astra की लॉन्चिंग को भी रद्द कर दिया है।