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Phone Charger: फोन चार्ज होने के बाद भी ऑन रहता है स्विच? देश में बर्बाद हो रही करोड़ो की बिजली, जानें कैसे

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Fri, 10 Apr 2026 07:07 AM IST
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सार

Phone charger electricity consumption: अक्सर हम फोन चार्ज करने के बाद मोबाइल तो हटा लेते हैं, लेकिन चार्जर को सॉकेट में लगा हुआ और स्विच ऑन ही छोड़ देते हैं। हमें लगता है कि जब फोन कनेक्टेड नहीं है, तो बिजली खर्च नहीं हो रही होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी लापरवाही देश को सालाना करोड़ों रुपये का चूना लगा रही है?
 

Phone Charger Myth:  plugged in charger consume electricity without phone? Here truth
Phone charger - फोटो : AI
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विस्तार

Mobile charger plug in waste money: ज्यादातर घरों और ऑफिसों में चार्जर को सॉकेट में लटका हुआ छोड़ देना एक सामान्य बात है। लेकिन यह निष्क्रीय दिखने वाला चार्जर बिजली की लगातार खपत करता रहता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में इस लापरवाही की वजह से हर साल 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली बर्बाद हो जाती है। सॉकेट में लगा हुआ चार्जर, भले ही फोन से न जुड़ा हो, बिजली की खपत करता रहता है। 
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Phantom load electricity: एक अनुमान के मुताबिक, एक चार्जर दिन भर ऑन रहने पर लगभग 7.2 वाट या 0.072 यूनिट बिजली पी जाता है। हालांकि एक व्यक्ति के लिए ये खर्च महीने में मात्र 1-2 रुपये का है, लेकिन करोड़ों भारतीयों की ये सामूहिक आदत देश के ऊर्जा संसाधनों पर भारी बोझ डाल रही है।
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How much power does a phone charger use when not charging: कितनी बिजली पीता है खाली चार्जर?

बिजली की खपत के चौंकाने वाले आंकड़े
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर आप चार्जर को सॉकेट में लगाकर स्विच ऑन छोड़ देते हैं, तो ये बिजली खींचना बंद नहीं करता। भारत जैसे बड़े देश में जहां करोड़ों मोबाइल यूजर्स हैं, वहां सॉकेट में ऑन छूटे चार्जरों की वजह से सालाना 200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली बर्बाद हो जाती है।

महीने भर के खर्च का हिसाब
  • डेली खपत: प्लग में लगा एक चार्जर औसतन एक दिन में 7.2 वाट बिजली खर्च करता है।
  • यूनिट में: यह रोजाना लगभग 0.072 यूनिट बिजली की खपत है।
  • महीने का बोझ: अगर बिजली की औसत दर देखी जाए, तो एक चार्जर महीने भर में 1 से 2 रुपये की बिजली इस्तेमाल करता है।

फैंटम लोड का खतरा
इसे तकनीकी भाषा में फैंटम लोड या स्टैंडबाय पावर कहा जाता है। जब चार्जर प्लग में होता है, तो उसके अंदर लगा ट्रांसफार्मर सर्किट को चालू रखता है, जिससे बिजली की खपत होती रहती है। भले ही फोन कनेक्ट न हो, चार्जर गर्म रहता है क्योंकि वह ऊर्जा ले रहा होता है।

सुरक्षा का पहलू भी है अहम
बिजली की बर्बादी के अलावा, चार्जर को सॉकेट में ऑन छोड़ना सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं माना जाता है। लंबे समय तक ऑन रहने से चार्जर ओवरहीट हो सकता है, जिससे शॉर्ट सर्किट या चार्जर के खराब होने का खतरा बना रहता है।

क्या है सही तरीका?
फोन चार्ज होते ही सबसे पहले चार्जर का स्विच बंद करें और संभव हो तो उसे सॉकेट से बाहर निकाल लें। आपकी ये छोटी सी आदत न केवल आपके बिजली बिल को कम करेगी, बल्कि देश की बिजली बचाने में भी बड़ा योगदान दे सकती है।
 
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