सरकार का बड़ा अलर्ट: बिना अनुमति फोटो शेयर करने वालों की खैर नहीं; इस तकनीक से तुरंत ब्लॉक करें आपत्तिजनक इमेज
StopNCII.org free service: फोटो और वीडियो के दुरुपयोग और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सरकार की विभिन्न एजेंसियां अब जागरूकता अभियान चला रही हैं। गृह मंत्रालय के साइबर विंग (I4C) ने भी डिजिटल सुरक्षा का बढ़ाने देने के लिए खास संदेश दिया है।
विस्तार
डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सरकार (I4C, MHA) ने एक नई जानकारियां साझा की हैं। सरकार का कहना है कि StopNCII.org के माध्यम से पीड़ित अपनी मॉर्फ की गई या लीक हुई तस्वीरों का डिजिटल हैश बनाकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक कर सकते हैं। ये प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय है और इसमें ओरिजिनल इमेज कहीं भी अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती।
सरकार की पहल और सुरक्षा के नए नियम
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) लगातार नागरिकों को सुरक्षित रहने के तरीके बता रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पीड़ित लोक-लाज या प्राइवेसी के डर से शिकायत करने से न कतराए। इसीलिए ऐसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है जहां फोटो शेयर किए बिना ही उसे ब्लॉक किया जा सके।
Kya aapki ya aapke kisi जानने वाले की photo बिना permission के online share या morph की गई है?
इसे Non-Consensual Intimate Image Abuse (NCII) कहा जाता है। यह सिर्फ privacy का issue नहीं है, बल्कि harassment, emotional trauma और blackmail का कारण भी बन सकता है।… pic.twitter.com/u8WAnCTw9p— CyberDost I4C (@Cyberdost) April 8, 2026
डिजिटल फिंगरप्रिंट तकनीक
- यह सिस्टम तस्वीरों को स्कैन करके उनका एक यूनिक कोड (Hash) बनाता है।
- यह कोड एक तरह का डिजिटल फिंगरप्रिंट है।
- जब यह कोड फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य पार्टनर साइट्स को भेजा जाता है, तो उनका एल्गोरिथम उस फोटो को पहचान लेता है।
- भविष्य में कोई भी उस फोटो को दोबारा अपलोड नहीं कर पाएगा।
अक्सर लोग पुलिस या पोर्टल के पास जाने से डरते हैं कि उनकी फोटो और भी लोग देखेंगे।
- इस नई व्यवस्था में आपकी फोटो आपके डिवाइस (फोन/लैपटॉप) से बाहर नहीं जाती।
- सिर्फ फोटो का कोड सर्वर पर जाता है।
- प्राइवेसी से कोई समझौता नहीं होता।
अगर आपके साथ या किसी जानने वाले के साथ ऐसा हुआ है, तो StopNCII.org पर जाकर Get Started पर क्लिक करें। वहां दी गई शर्तों को पूरा करने के बाद आपको एक केस नंबर और सिक्योर पिन मिलेगा। इससे आप कभी भी चेक कर सकते हैं कि आपकी फोटो ब्लॉक हुई या नहीं।
I4C का सुझाव
गृह मंत्रालय के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी निजी तस्वीरें किसी संदिग्ध प्लेटफॉर्म पर साझा करें। अगर कोई आपको ब्लैकमेल करता है, तो डरे नहीं, बल्कि तुरंत cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।