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Samwad 2026: विदेशी तकनीक लागू करना 'भारतीयता' नहीं, BharatGPT फाउंडर ने बताया कैसा हो असली देशी LLM

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Tue, 19 May 2026 06:34 PM IST
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सार

Amar Ujala Samwad Lucknow 2026: अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन राजधानी लखनऊ में जारी है। दो दिवसीय संवाद के दूसरे दिन आज भारत जीपीटी के संस्थापक एवं सीईओ अंकुश सभरवाल इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे हैं। 'एआई और नया भारत' सेशन के अंतर्गत अंकुश ने अपनी एआई को लेकर सवालों के जवाब दिए और अपनी बात रखी।
 

Samwad 2026 Live: BharatGPT Founder Ankush Sabharwal Joins Lucknow Event
अंकुश सभरवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन राजधानी लखनऊ में जारी है। इस वैचारिक कार्यक्रम में कई मशहूर नेता, अभिनेता और चर्चित चेहरों ने शिरकत की। इन्हीं चर्चित चेहरों में से एक देश में एआई का बड़ा चेहरा 'भारत जीपीटी' के फाउंडर 'अंकुश सभरवाल' भी शामिल हुए। संवाद के मंच पर न सिर्फ अपनी राय रखी बल्कि कुछ मुश्किल सवालों का भी जवाब दिया। आइए देखते हैं क्या थे वो सवाल?

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सवाल: क्या 'भारतजीपीटी' ग्लोबल LLM का सिर्फ एक भारतीय संस्करण है या आप मूल रूप से कुछ अलग कर रहे हैं? आखिर इसमें 'भारतीयता' के अंश कहां हैं?


अंकुश सबरवाल (BharatGPT):

जब हम किसी चीज को भारतीय कहते हैं तो उसका मतलब यह कतई नहीं है कि हम बाहर से कोई तकनीक लाएं और उसे यहां लागू कर दें। असली भारतीयता तब है, जब उसका सारा रॉ-मटेरियल भी इसी देश में बना हो। एआई की दुनिया में डेटा ही रॉ-मटेरियल है। इसलिए, जब हम एक भारतीय LLM की बात करते हैं तो उसका डेटा भी पूरी तरह से भारतीय होना चाहिए।

यहां डेटा से हमारा मतलब केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि भारत की सोच, हमारी सभ्यता, लहजे और संवाद के उस तरीके से है। बिल्कुल वैसे ही, जैसे हम चाय पर चर्चा करते हैं। भारतजीपीटी में न सिर्फ 14 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट है, बल्कि इसमें एक दमदार वॉइस मॉडल भी मौजूद है।

आजकल के ज्यादातर ग्लोबल एआई मॉडल रेडिट जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म के डेटा से तैयार किए गए हैं। अगर हम उस डेटा को लेकर अपना मॉडल बनाएंगे तो उसमें भारतीय सोच कभी नहीं आ पाएगी। हालांकि, मैं यह नहीं कहता कि चैटजीपीटी या जेमिनी का इस्तेमाल करना गलत है। मैं खुद उनका इस्तेमाल करता हूं। जिसकी जहां जरूरत हो, उसका वहां इस्तेमाल होना चाहिए। हमारी जिद सिर्फ स्वदेशी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने की नहीं होनी चाहिए, बल्कि मुख्य उद्देश्य अपनी समस्या का सही समाधान खोजना होना चाहिए।

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