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फिर शुरू हुआ डेटा चोरी का खेल: ओरेकल की खामी का फायदा उठाकर हैकर्स ने साधा निशाना, क्या सुरक्षित है आपका डेटा?

Sat, 26 Sep 2026 05:30 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sat, 26 Sep 2026 05:30 PM IST
सार

गूगल की साइबर सुरक्षा यूनिट मैंडिएंट (Mandiant) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। हैकिंग ग्रुप शाइनीहंटर्स ने ओरेकल के पीपल्सॉफ्ट (PeopleSoft) सॉफ्टवेयर की खामियों का दोबारा फायदा उठाना शुरू कर दिया है। फायरवॉल सुरक्षा को चकमा देकर दर्जनों ग्लोबल सिस्टम्स और कथित तौर पर एफबीआई के डेटा तक पहुंचे इन हैकर्स से क्या यूनिवर्सिटीज और कंपनियों के एचआर रिकॉर्ड्स सुरक्षित रह पाएंगे? आइए मामले को विस्तार से समझते हैं।
 

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ShinyHunters Resumes Mass Exploitation Oracle PeopleSoft Flaw, Dozens Systems Hit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

गूगल की साइबर सिक्योरिटी यूनिट मैंडिएंट ने शुक्रवार को बताया कि हैकिंग ग्रुप शाइनीहंटर्स ने ओरेकल के पीपल्सॉफ्ट सॉफ्टवेयर में मौजूद एक सुरक्षा खामी का बड़े पैमाने पर दोबारा फायदा उठाना शुरू कर दिया है। मैंडिएंट के अनुसार, ताजा हमले उन सुरक्षा उपायों को दरकिनार करते हुए किए गए हैं, जिन्हें गर्मियों में हुए शुरुआती हमलों के बाद संगठनों ने लागू किया था। इससे उन संस्थानों के लिए खतरा बढ़ गया है जो ह्यूमन रिसोर्स और दूसरे जरूरी कामों के लिए पीपल्सॉफ्ट पर निर्भर हैं।
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मई-जून में भी हुए थे हमले
यह हमला कोई पहली बार नहीं हुआ है। मैंडिएंट ने अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बताया कि शाइनीहंटर्स ने 27 मई से 9 जून के बीच ओरेकल के पीपल्सॉफ्ट इंटरप्राइज सॉफ्टवेयर में मौजूद एक बग का फायदा उठाया था। इन शुरुआती हमलों का मुख्य असर विश्वविद्यालयों पर पड़ा था।
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इसके बाद प्रभावित संगठनों को बचाव के लिए सुरक्षा संबंधी गाइडेंस जारी की गई थी। मैंडिएंट के अनुसार, शाइनीहंटर्स ने इन सुरक्षा उपायों के हिसाब से अपनी रणनीति को बदल लिया और नए तरीके से हमले शुरू किए।
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बचाव उपायों को चकमा देकर किया गया हमला
मैंडिएंट के अनुसार, हैकर्स ने खास तौर पर  उन संगठनों को निशाना बनाया जिन्होंने वेब एप्लीकेशन फेयरवेल (WAF) के नियम लागू किए थे, लेकिन ओरेकल की ओर से जारी किया गया सुरक्षा पैच इंस्टॉल नहीं किया था।
यानी केवल फायरवॉल नियम लागू करना पर्याप्त नहीं रहा। जिन सिस्टम में ओरेकल का जरूरी अपडेट नहीं किया गया था, वे नए हमलों के लिए फिर से कमजोर साबित हुए।

दुनिया भर में दर्जनों सिस्टम प्रभावित
रिपोर्ट में पीड़ित संगठनों के नाम नहीं बताए गए हैं। हालांकि, मैंडिएंट ने कहा कि ताजा हमलों से दुनिया भर में दर्जनों सिस्टम प्रभावित हुए हैं। इनमें कई अलग-अलग सेक्टर के संगठन जैसे उच्च शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, परिवहन और सरकारी संस्थान शामिल हैं। इससे यह चिंता बढ़ी है कि पीपल्सॉफ्ट पर निर्भर बड़े संगठनों में एक ही सुरक्षा खामी का असर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।

शाइनीहंटर्स ने एफबीआई डेटा चुराने का भी दावा किया
इस बीच शाइनीहंटर्स ने दावा किया है कि उसने पीपल्सॉफ्ट की एक खामी का फायदा उठाकर एफबीआई का डेटा एक्सेस किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रॉयटर्स भी इस दावे की पुष्टि नहीं कर पाया है। ओरेकल ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। एफबीआई ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि वह रिपोर्ट किए गए डेटा ब्रीच की आक्रामक तरीके से जांच कर रहा है।

पहले भी एफबीआई से जुड़ा संवेदनशील डेटा सामने आया था
शाइनीहंटर्स इससे पहले संवेदनशील FBI यूनिट्स में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम उजागर करने का दावा कर चुका है। इसके अलावा ग्रुप ने मेडिकल और साइकिएट्रिक रिकॉर्ड हासिल करने का भी दावा किया था।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि को लेकर भी सावधानी जरूरी है। मौजूदा मामले में एफबीआई ने जांच शुरू होने की बात कही है, जबकि पीपल्सॉफ्ट से जुड़े ताजा हमलों की जानकारी मैंडिएंट की थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट से सामने आई है।

संगठनों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
पीपल्सॉफ्ट का इस्तेमाल ह्यूमन रिसोर्स और दूसरे महत्वपूर्ण बिजनेस ऑपरेशंस के लिए किया जाता है। ऐसे में किसी सुरक्षा खामी का बड़े पैमाने पर फायदा उठाया जाना उन संगठनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जो इस सॉफ्टवेयर पर निर्भर हैं।

मौजूदा घटना से यह भी दिखाता है कि शुरुआती हमलों के बाद लगाए गए सुरक्षा उपायों के जवाब में हमलावर अपनी रणनीति बदल सकते हैं। मैंडिएंट के मुताबिक, इस बार उन संगठनों को निशाना बनाया गया जिन्होंने डब्ल्यूएएफ नियम तो लागू किए, लेकिन ओरेकल का जरूरी पैच इंस्टॉल नहीं किया था।
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