Sim Swap: एयरटेल पर लगा चार लाख का जुर्माना, सिम स्वैप करके सेना के जवान के साथ हुआ था फ्रॉड
2017 में, एक अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी से सेना के जवान के समान मोबाइल नंबर वाला एक सिम कार्ड प्राप्त किया और उसके बैंक खाते से 2,87,630 रुपये निकाल लिए। यह सिम स्वैप फ्रॉड का मामला था।
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राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने एयरटेल को सेना के एक जवान को मुआवजा देने के लिए आदेश दिया है जिसने 2017 में बैंक धोखाधड़ी में 2.87 लाख खो दिए थे। सेना के जवान के साथ यह फ्रॉड सिम स्वैप करके किया गया था और एयरटेल इसे रोकने में नाकाम रहा। एक ही समय पर एक ही नंबर के दो सिम कार्ड एक्टिव हुए थे।
पीठासीन सदस्य डॉ. इंद्रजीत सिंह ने जिला फोरम, अल्मोड़ा के 2018 के उस फैसले को बहाल किया, जिसमें एयरटेल को शिकायतकर्ता श्याम कुमार को 2,87,630 रुपये का भुगतान करने के साथ-साथ 1 लाख रुपये का मुआवजा और 15,000 रुपये मुकदमे के खर्च का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था यानी एयरटेल को मुआवजे के तौर पर 4,02,630 रुपये का भुगतान करना होगा।
2017 में, एक अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी से सेना के जवान के समान मोबाइल नंबर वाला एक सिम कार्ड प्राप्त किया और उसके बैंक खाते से 2,87,630 रुपये निकाल लिए। यह सिम स्वैप फ्रॉड का मामला था। आयोग ने पाया कि एयरटेल डुप्लिकेट सिम प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने में विफल रहा है और निष्कर्ष निकाला कि इसने सीधे तौर पर धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया था।
आयोग ने यह भी कहा कि श्याम कुमार, जो उस समय जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सेना में तैनात थे, ने तुरंत धोखाधड़ी की सूचना दी थी और अपने विभाग के माध्यम से स्थिति को सुधारने का प्रयास किया था, लेकिन एयरटेल की प्रतिक्रिया अपर्याप्त थी। इस प्रकार यह माना गया कि डुप्लिकेट सिम का अनुरोध करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने में एयरटेल ने लापरवाही की थी।