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SpaceX: एलन मस्क अंतरिक्ष में बिछाएंगे 10 लाख सैटेलाइट्स का 'महाजाल', स्पेस से कंट्रोल होंगे AI डेटा सेंटर

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Mon, 02 Feb 2026 12:39 PM IST
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सार

SpaceX Data Centre In Spcae: एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक बेहद क्रांतिकारी योजना पेश की है। कंपनी अंतरिक्ष में 10 लाख सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स तैनात करना चाहती है, जिन्हें AI डेटा सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

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अंतरिक्ष बनेगा डेटा सेंटर्स का नया ठिकाना - फोटो : AI
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विस्तार
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली, पानी और जगह की जरूरत होती है। अमेरिका और यूरोप समेत कई देशों में एआई डेटा सेंटर्स द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के खिलाफ आवाजें भी उठने लगी हैं, जिसके चलते अब नए डेटा सेंटर कंपनियों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। इसी बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन कंपनी SpaceX ने एक चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा है।
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स्पेस में 10 लाख सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स छोड़ने का प्लान
कंपनी ने अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) के पास आवेदन दाखिल कर अंतरिक्ष में करीब 10 लाख सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स लॉन्च करने की अनुमति मांगी है। SpaceX का कहना है कि ये सैटेलाइट्स असल में AI के लिए काम करने वाले डेटा सेंटर होंगे। कंपनी के मुताबिक, AI कंप्यूटिंग पावर की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसे पूरा करने का यह सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। अंतरिक्ष में मौजूद ये सैटेलाइट्स सोलर एनर्जी से चलेंगे, जिससे बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग संभव हो पाएगी।
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नई सभ्यता की ओर कदम
SpaceX ने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि यह प्रस्ताव इंसानियत के लिए एक नई सभ्यता के दरवाजे खोल सकता है। स्पेसएक्स ने अपने प्रस्ताव में 'कर्दाशेव II' (Kardashev II) लेवल की सभ्यता बनने का जिक्र किया है। यह एक ऐसी उन्नत सभ्यता होती है जो अपने तारे (सूरज) की पूरी ऊर्जा का इस्तेमाल करने की ताकत रखती है। मस्क का मानना है कि अगर हमें इंसानों को दूसरे ग्रहों तक पहुंचाना है, तो हमें अंतरिक्ष की असीमित ऊर्जा का इस्तेमाल करना ही होगा।

कंपनी का मानना है कि यह नेटवर्क इंसान को मल्टी-प्लैनेटरी फ्यूचर की ओर ले जा सकता है, जहां मानव सभ्यता सिर्फ पृथ्वी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अंतरिक्ष में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी।

कानूनी चुनौतियां और अंतरिक्ष के कचरे का डर
हालांकि, 10 लाख सैटेलाइट्स भेजने की राह में कई बड़े रोड़े हैं। हाल ही में एफसीसी (FCC) ने स्पेसएक्स को 7,500 नए स्टारलिंक सैटेलाइट्स लॉन्च करने की अनुमति तो दी है, लेकिन बाकी के 15,000 सैटेलाइट्स पर अभी रोक लगा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि '10 लाख' की संख्या केवल एक शुरुआती आंकड़ा हो सकती है ताकि भविष्य में मोलभाव किया जा सके।

सबसे बड़ी चिंता 'स्पेस डेबरी' यानी अंतरिक्ष के कचरे को लेकर है। वर्तमान में पृथ्वी के चारों ओर करीब 15,000 सैटेलाइट्स चक्कर काट रहे हैं, जिनसे पहले ही कचरे और टक्करों का खतरा बढ़ गया है। अगर लाखों नए सैटेलाइट्स भेजे जाते हैं, तो अंतरिक्ष का वातावरण और भी खराब हो सकता है।

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