{"_id":"6a687f4b97a1ea1f320cba5f","slug":"trai-june-2026-telecom-broadband-subscribers-report-india-5g-fwa-growth-2026-07-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"TRAI Report: भारत में 1.35 अरब के करीब पहुंचे टेलीकॉम यूजर्स, 5G और ब्रॉडबैंड ने दी रिकॉर्ड रफ्तार","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
TRAI Report: भारत में 1.35 अरब के करीब पहुंचे टेलीकॉम यूजर्स, 5G और ब्रॉडबैंड ने दी रिकॉर्ड रफ्तार
Tue, 28 Jul 2026 03:42 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 28 Jul 2026 03:42 PM IST
सार
देश में मोबाइल और इंटरनेट का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ताजा ट्राई रिपोर्ट बताती है कि जून में टेलीकॉम और ब्रॉडबैंड दोनों सेवाओं ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। साथ ही 5G और मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
टेलीकॉम
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की पहुंच लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की जून 2026 की टेलीकॉम सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.348 अरब हो गई है। मई में यह आंकड़ा 1.343 अरब था। यानी एक महीने के भीतर लाखों नए उपभोक्ता टेलीकॉम नेटवर्क से जुड़े हैं।
टेली-डेंसिटी में भी हुआ इजाफा
ब्रॉडबैंड यूजर्स ने पार किया नया मुकाम
मोबाइल यूजर्स की संख्या भी बढ़ी
सक्रिय मोबाइल यूजर्स और 5G FWA में भी बढ़ोतरी
मोबाइल नंबर पोर्ट कराने वालों की संख्या भी बढ़ी
मोबाइल नंबर बदले बिना ऑपरेटर बदलने की सुविधा यानी मोबाइल नंबर पोर्टेबलिटी (MNP) का इस्तेमाल भी तेजी से जारी है। जून महीने में 1.47 करोड़ उपभोक्ताओं ने अपना नंबर पोर्ट कराने के लिए आवेदन किया।
विज्ञापन
टेली-डेंसिटी में भी हुआ इजाफा
- देश में प्रति 100 लोगों पर टेलीफोन कनेक्शन की उपलब्धता यानी टेली-डेंसिटी भी बढ़ी है। जून के आखिर तक यह 94.31% दर्ज की गई, जबकि मई में यह 94.02% थी। इससे साफ है कि देश के दूर-दराज इलाकों तक भी कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है।
- TRAI के आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या 78.77 करोड़ से बढ़कर 79.20 करोड़ हो गई। वहीं ग्रामीण भारत में भी वृद्धि जारी रही और ग्राहकों की संख्या 55.53 करोड़ से बढ़कर 55.60 करोड़ पहुंच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्रॉडबैंड यूजर्स ने पार किया नया मुकाम
- तेज इंटरनेट की बढ़ती मांग का असर ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या पर भी दिखा। जून के अंत तक देश में कुल ब्रॉडबैंड कनेक्शन 1.087 अरब हो गए, जबकि मई में यह संख्या 1.080 अरब थी। यानी एक महीने में 0.68% की वृद्धि दर्ज की गई।
- मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) को मिलाकर कुल वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.3 अरब तक पहुंच गई, जो मई में 1.29 अरब थी। इस श्रेणी में 0.45% की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- शहरी वायरलेस ग्राहक बढ़कर 74.9 करोड़ हो गए, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 55.08 करोड़ तक पहुंच गई। इसी के साथ वायरलेस टेली-डेंसिटी भी बढ़कर 90.96% हो गई।
मोबाइल यूजर्स की संख्या भी बढ़ी
- केवल मोबाइल वायरलेस ग्राहकों की बात करें तो जून के आखिर तक इनकी संख्या 1.282 अरब हो गई, जो मई में 1.277 अरब थी। यह 0.42% की मासिक बढ़ोतरी को दर्शाता है।
- मोबाइल वायरलेस बाजार में निजी टेलीकॉम कंपनियों का वर्चस्व बरकरार है। जून के अंत तक कुल मोबाइल ग्राहकों में 92.73% हिस्सेदारी निजी कंपनियों के पास रही। वहीं सरकारी कंपनियों BSNL और MTNL की संयुक्त हिस्सेदारी 7.27% रही।
सक्रिय मोबाइल यूजर्स और 5G FWA में भी बढ़ोतरी
- पीक विजिटर लोकेशन रजिस्टर (VLR) के आधार पर जून में सक्रिय वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.201 अरब रही, जो नेटवर्क का वास्तविक उपयोग करने वाले ग्राहकों की तस्वीर पेश करती है।
- वहीं 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवा का विस्तार भी जारी है। जून के अंत तक 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस ग्राहकों की संख्या 1.27 करोड़ से बढ़कर 1.29 करोड़ हो गई। खास बात यह रही कि इस श्रेणी में ग्रामीण ग्राहकों की संख्या शहरी क्षेत्रों से थोड़ी अधिक दर्ज की गई।
- इसके अलावा अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो (Unlicensed Band Radio) आधारित FWA तकनीक का उपयोग करने वाले ग्राहकों की संख्या करीब 50 लाख रही।
मोबाइल नंबर पोर्ट कराने वालों की संख्या भी बढ़ी
मोबाइल नंबर बदले बिना ऑपरेटर बदलने की सुविधा यानी मोबाइल नंबर पोर्टेबलिटी (MNP) का इस्तेमाल भी तेजी से जारी है। जून महीने में 1.47 करोड़ उपभोक्ताओं ने अपना नंबर पोर्ट कराने के लिए आवेदन किया।