{"_id":"698af60804967180030b9a73","slug":"how-charging-smartphone-upto-80-maintain-battery-health-details-2026-02-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Charging Tips: स्मार्टफोन चार्जिंग का 80-20 नियम क्या है? 100% चार्ज करना क्यों पड़ सकता है भारी","category":{"title":"Tech Tips in Hindi","title_hn":"टेक टिप्स एंड ट्रिक्स","slug":"tip-of-the-day"}}
Charging Tips: स्मार्टफोन चार्जिंग का 80-20 नियम क्या है? 100% चार्ज करना क्यों पड़ सकता है भारी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:41 PM IST
विज्ञापन
सार
Smartphone Charging Tips: फोन की बैटरी यदि 100% चार्ज हो तो आप दिनभर के लिए निश्चिंत हो जाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह आदत आपकी बैटरी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए वे स्मार्टफोन को लंबे समय तक फिट रखने के लिए 80-20 चार्जिंग रूल को अपनाने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं क्या है यह रूल।
जानिए स्मार्टफोन चार्ज करने का सही तरीका
- फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन
विस्तार
अधिकांश लोग रातभर फोन चार्ज पर लगाकर सो जाते हैं या बाहर निकलने से पहले फोन को 100% चार्ज करने के बाद ही निकलते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि रोजमर्रा की यही आदत स्मार्टफोन की बैटरी की उम्र घटाने का काम करती है। इसका आसान और असरदार समाधान है 80-20 चार्जिंग नियम।
क्या है 80–20 चार्जिंग रूल?
80-20 नियम का मतलब है कि फोन की बैटरी को ज्यादातर समय 20% से 80% के बीच ही रखा जाए। यानी न तो फोन को पूरी तरह 0% तक डिस्चार्ज होने दें और न ही हर बार 100% तक चार्ज करें।
आज के स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी तब ज्यादा तेजी से खराब होती है, जब उसे बार-बार चरम स्तर तक ले जाया जाता है। 100% तक चार्ज करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जबकि 0% तक गिरने से गहरी डिस्चार्ज की स्थिति बनती है।
यह भी पढ़ें: मुसीबत में जान बचाएंगे आपके फोन के ये पांच फीचर्स, आज ही जान लें सेटिंग का तरीका
100% चार्ज करना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
आपको बता दें कि बैटरी की सबसे बड़ी दुश्मन गर्मी होती है। फोन को 100% तक चार्ज करने में लंबा समय लगता है। इस दौरान बैटरी ज्यादा हीट होती है। लंबे समय तक ऐसा करते रहने पर बैटरी के सेल डैमेज हो जाते हैं और चार्जिंग कैपसिटी कम होने लगती है।
फोन को पूरी तरह डिस्चार्ज करना भी सही नहीं
कई लोग तब तक चार्ज नहीं करते, जब तक फोन अपने आप बंद न हो जाए। यह आदत भी बैटरी के लिए ठीक नहीं है। बार-बार गहरी डिस्चार्जिंग से लिथियम-आयन बैटरी पर दबाव बढ़ता है और उसकी लाइफ कम हो जाती है। फिर उसे 100% तक चार्ज करने पर नुकसान दोगुना होता है।
फोन में चार्जिंग लिमिट कैसे सेट करें?
अच्छी बात यह है कि आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में 80-20 नियम अपनाने के लिए इन-बिल्ट फीचर मिलते हैं। इनकी मदद से आप फोन को फुल चार्ज होने से रोक सकते हैं।
यह भी पढ़ें: भूल गए मेट्रो कार्ड तो नो टेंशन! मोबाइल को बनाएं टिकट, फोन पर ऐसे एक्टिवेट करें वर्चुअल कार्ड
iPhone में:
Apple के iPhone फोन में Optimized Battery Charging और Charge Limit जैसे फीचर्स दिए जाते हैं। ये 80% के बाद चार्जिंग की रफ्तार धीमी कर देते हैं या वहीं रोक देते हैं, जिससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
Android फोन में:
कई Android स्मार्टफोन्स में Protect Battery, Charging Optimization या Battery Health जैसे ऑप्शन मिलते हैं। ब्रांड के अनुसार ये चार्जिंग को 80–85% तक सीमित कर देते हैं। इन फीचर्स को ऑन करने के बाद फोन खुद ही ओवरचार्जिंग से बचाव करता है।
Trending Videos
क्या है 80–20 चार्जिंग रूल?
80-20 नियम का मतलब है कि फोन की बैटरी को ज्यादातर समय 20% से 80% के बीच ही रखा जाए। यानी न तो फोन को पूरी तरह 0% तक डिस्चार्ज होने दें और न ही हर बार 100% तक चार्ज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
आज के स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी तब ज्यादा तेजी से खराब होती है, जब उसे बार-बार चरम स्तर तक ले जाया जाता है। 100% तक चार्ज करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जबकि 0% तक गिरने से गहरी डिस्चार्ज की स्थिति बनती है।
यह भी पढ़ें: मुसीबत में जान बचाएंगे आपके फोन के ये पांच फीचर्स, आज ही जान लें सेटिंग का तरीका
100% चार्ज करना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
आपको बता दें कि बैटरी की सबसे बड़ी दुश्मन गर्मी होती है। फोन को 100% तक चार्ज करने में लंबा समय लगता है। इस दौरान बैटरी ज्यादा हीट होती है। लंबे समय तक ऐसा करते रहने पर बैटरी के सेल डैमेज हो जाते हैं और चार्जिंग कैपसिटी कम होने लगती है।
फोन को पूरी तरह डिस्चार्ज करना भी सही नहीं
कई लोग तब तक चार्ज नहीं करते, जब तक फोन अपने आप बंद न हो जाए। यह आदत भी बैटरी के लिए ठीक नहीं है। बार-बार गहरी डिस्चार्जिंग से लिथियम-आयन बैटरी पर दबाव बढ़ता है और उसकी लाइफ कम हो जाती है। फिर उसे 100% तक चार्ज करने पर नुकसान दोगुना होता है।
फोन में चार्जिंग लिमिट कैसे सेट करें?
अच्छी बात यह है कि आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में 80-20 नियम अपनाने के लिए इन-बिल्ट फीचर मिलते हैं। इनकी मदद से आप फोन को फुल चार्ज होने से रोक सकते हैं।
यह भी पढ़ें: भूल गए मेट्रो कार्ड तो नो टेंशन! मोबाइल को बनाएं टिकट, फोन पर ऐसे एक्टिवेट करें वर्चुअल कार्ड
iPhone में:
Apple के iPhone फोन में Optimized Battery Charging और Charge Limit जैसे फीचर्स दिए जाते हैं। ये 80% के बाद चार्जिंग की रफ्तार धीमी कर देते हैं या वहीं रोक देते हैं, जिससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
Android फोन में:
कई Android स्मार्टफोन्स में Protect Battery, Charging Optimization या Battery Health जैसे ऑप्शन मिलते हैं। ब्रांड के अनुसार ये चार्जिंग को 80–85% तक सीमित कर देते हैं। इन फीचर्स को ऑन करने के बाद फोन खुद ही ओवरचार्जिंग से बचाव करता है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadgets News apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.
विज्ञापन
विज्ञापन