सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Tips in Hindi ›   Windows Shutdown vs Restart Why Restarting Better Your PC Health Performance

Shutdown vs Restart: आपकी एक गलती बिगाड़ सकती है PC की परफॉरमेंस, जानें कब कौन सा बटन दबाना है सही

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Thu, 05 Feb 2026 07:00 AM IST
विज्ञापन
सार

Fast Startup Windows 10: अक्सर हम कंप्यूटर पर काम खत्म करने के बाद शटडाउन बटन दबा देते हैं और सोचते हैं कि मशीन को आराम मिल गया। असल में आधुनिक विंडोज (10 और 11) में शटडाउन का मतलब पूरी तरह आराम मिलना नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट ने समय बचाने के लिए इसे एक हाइबरनेशन जैसा मोड़ दे दिया है।
 

Windows Shutdown vs Restart Why Restarting Better  Your PC Health Performance
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार

विंडोज कंप्यूटर में मिलने वाले शटडाउन और रीस्टार्ट ऑप्शन दिखने में भले ही एक जैसे लगें, लेकिन विंडोज 8 और उसके बाद के वर्जन में इनके काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है। शटडाउन फास्ट स्टार्टअप फीचर की वजह से सिस्टम को आंशिक रूप से सेव रखता है, जबकि रीस्टार्ट सिस्टम को पूरी तरह बंद करके क्लीन स्टार्ट देता है। सही समय पर सही ऑप्शन चुनना सिस्टम की परफॉर्मेंस और एरर फिक्सिंग के लिए बेहद जरूरी है।

Trending Videos


विंडोज में शटडाउन क्या होता है?
विंडोज 8 के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने फास्ट स्टार्टअप नाम का फीचर जोड़ा। लोगों को लगता है शटडाउन करते ही सभी एप्स और फाइल्स बंद हो जाती हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता। दरअसल र्केनल की स्थित हार्ड डिस्क में सेव हो जाती है। फिर अगली बार पीसी ऑन करने पर सिस्टम तेजी से बूट होता है। यही वजह है कि शटडाउन के बाद भी कई बार सिस्टम की पुरानी समस्याएं बनी रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रीस्टार्ट करने पर क्या होता है?
रीस्टार्ट ऑप्शन सिस्टम को पूरी तरह से बंद और दोबारा शुरू करता है। हालांकि इसके कई फायदे भी हैं। जैसे विंडोज र्केनल समेत सभी प्रोसेस बंद हो जाती है। जिससे सिस्टम को क्लीन बोट मिल जाता है। इससे सॉफ्टवेयर गड़बड़ी और सिस्टम एरर ठीक होने की संभावना भी ज्यादा हो जाती है। लेकिन इसमें बूट होने में शटडाउन से थोड़ा ज्यादा समय लगता है।

Windows Shutdown vs Restart Why Restarting Better  Your PC Health Performance
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
कब करें शटडाउन और कब रीस्टार्ट ?
जब कंप्यूटर पर सारा काम पूरा हो जाए और सिस्टम बिल्कुल सामान्य तरीके से काम करे, तब शटडाउन करना सही विकल्प माना जाता है। शटडाउन का मतलब है कि आप सिर्फ पीसी को बंद कर रहे हैं ताकि अगली बार उसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। यानी मान लीजिए अगर सिस्टम में कोई दिक्कत नहीं है, कोई अपडेट या नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं हुआ है और आप समय के लिए कंप्यूटर बंद करना चाहते हैं, तो शटडाउन पर्याप्त होता है। इससे सिस्टम सुरक्षित तरीके से बंद हो जाता है और फास्ट स्टार्टअप की वजह से अगली बार जल्दी ऑन भी हो जाता है।

वहीं रीस्टार्ट तब करना चाहिए जब सिस्टम में कोई बदलाव हुआ हो या कोई समस्या सामने आ रही हो। जैसे विंडोज अपडेट इंस्टॉल करते हैं, नया सॉफ्टवेयर या ड्राइवर डालते हैं, सिस्टम की फाइल्स में बदलाव होता है, जिसे सही तरीके से लागू करने के लिए रीस्टार्ट जरूरी होता है। इसके अलावा अगर कंप्यूटर स्लो चल रहा हो, बार-बार हैंग हो रहा हो या कोई एरर ठीक नहीं हो रहा हो, तो रीस्टार्ट करने से सारी प्रोसेस बंद होकर सिस्टम को एक क्लीन स्टार्ट मिलता है। यही वजह है कि टेक्निकल समस्याओं को ठीक करने के लिए रीस्टार्ट को सबसे असरदार उपाय माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadgets News apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed