Tips: स्मार्ट मीटर लगाने के बाद तेजी से उड़ रहा है बैलेंस? तुरंत बदलें ये 5 सेटिंग्स, वरना जेब होगी खाली
Smart Meter Settings: देशभर में तेजी से लग रहे स्मार्ट मीटर आपकी बिजली खपत का पल-पल का हिसाब रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ मीटर लगा लेने से बात नहीं बनेगी? अगर आपने इसकी जरूरी सेटिंग्स तुरंत नहीं बदलीं, तो आपका बैलेंस पानी की तरह बह सकता है। आइए जानते हैं उन 5 आदतों और सेटिंग्स के बारे में जो आपके पैसों की सीधी बचत करेंगी।
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विस्तार
1. प्रीपेड और पोस्टपेड का भ्रम दूर करें
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कई राज्यों में बिजली कंपनियां अपनी व्यवस्था के अनुसार प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड सिस्टम में बदल रही हैं। इसलिए सबसे पहले असमंजस दूर करें। इसके लिए अपनी बिजली कंपनी के आधिकारिक एप, जैसे यूपी में UPPCL कस्टमर एप पर लॉगिन करें और अकाउंट समरी सेक्शन में जाएं और वहां बिलिंग मोड देखें।
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अगर वहां पोस्टपेड लिखा है तो आपको महीने के अंत में बिल चुकाना होगा। वहीं, अगर आपको स्क्रीन पर करंट बैलेंस या रिचार्ज का विकल्प दिख रहा है, तो समझ लीजिए कि आपका मीटर अभी प्रीपेड मोड पर ही काम कर रहा है।
2. लो बैलेंस अलर्ट को रखें हमेशा ऑन
- प्रीपेड मीटर की सबसे बड़ी टेंशन यह होती है कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली गुल हो जाती है। इस झटके से बचने के लिए स्मार्ट मीटर एप में जाकर लो बैलेंस अलर्ट (Low Balance Alert) की सेटिंग को तुरंत चालू कर दें। इसे ऑन रखने से बैलेंस एक तय सीमा से कम होते ही आपके फोन पर एसएमएस या एप नोटिफिकेशन आ जाएगा, जिससे आप वक्त रहते रिचार्ज कर सकेंगे।
- इसके साथ ही, हफ्ते में कम से कम एक बार ऐप खोलकर अपनी यूनिट्स और खर्च के पैटर्न को जरूर देखें, ताकि आखिरी वक्त पर कोई सरप्राइज न मिले।
3. बिजली की बर्बादी से बचें
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क्या आपके घर में कोई पुराना फ्रिज, एसी या गीजर है? पुराने पड़ चुके ये उपकरण नए मॉडल्स के मुकाबले दोगुनी बिजली खींचते हैं। स्मार्ट मीटर एप के डेटा ग्राफ को ध्यान से देखें। इससे आपको यह साफ पता चल जाएगा कि दिन या रात के किस हिस्से में आपके घर में बिजली की खपत सबसे ज्यादा हो रही है।
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इस डेटा का समझदारी से इस्तेमाल करें और अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करके देखें। भारी-भरकम बिल में अपने आप गिरावट आने लगेगी।
4. बंद दिखने वाले उपकरण भी खा सकते हैं बिजली
- टीवी, वाई-फाई राउटर, सेटअप बॉक्स, मोबाइल चार्जर और माइक्रोवेव जैसे उपकरणों का भले ही इस्तेमाल न किया जा रहा हो, लेकिन सॉकेट में लगे रहने पर लगातार बिजली खाते रहते हैं। यानी वे स्टैंडबाय मोड में एक्टिव रहते हैं।
- सीधे शब्दों में समझें तो उनमें करंट दौड़ता रहता है जिससे कुछ मात्रा में बिजली की खपत लगातर होती रहती है। इन उपकरणों का इस्तेमाल न होने पर इन्हें सिर्फ रिमोट से नहीं, बल्कि मेन प्लग से निकालने या स्विच ऑफ कर पूरी तरह बंद करने की आदत डालें।
5. रिचार्ज के बाद बैलेंस अपडेट पर रखें नजर
- अक्सर देखा गया है कि रिचार्ज करने के तुरंत बाद भी स्मार्ट मीटर का बैलेंस ऐप में अपडेट नहीं होता। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय थोड़ा इंतजार करें। अगर फिर भी अपडेट न हो, तो तुरंत 1912 हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या बिजली विभाग के हेल्प डेस्क और एप का सहारा लें।
- सबसे जरूरी बात- ऑनलाइन या ऑफलाइन रिचार्ज की रसीद को हमेशा संभालकर रखें, क्योंकि किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में यह रसीद ही आपके भुगतान का एकमात्र पुख्ता सबूत होती है।