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Tech Tips: 24 घंटे प्लग में लगा रहता है आपका चार्जर? जानिए 'वैंपायर पॉवर' कैसे खाली करता रहता है आपकी जेब
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:28 PM IST
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सार
Charger plugged in all the time safe or not: स्मार्टफोन और लैपटॉप चार्ज होने के बाद क्या आप भी चार्जर को स्विच बोर्ड में लगा छोड़ देते हैं? भले ही यह सुविधा जनक लगे, लेकिन क्या आपको पता है यह वैंपायर एनर्जी की चोरी और सुरक्षा जोखिमों का कारण बन सकता है। इस रिपोर्ट में जानें कि क्यों आपका स्मार्ट चार्जर भी लापरवाही बरतने पर आपके बिजली बिल और घर की सुरक्षा पर भारी पड़ सकता है या नहीं....
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Freepik
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विस्तार
आज के समय में स्मार्टफोन और लैपटॉप हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इन डिवाइस को चार्ज करने के लिए उनके चार्जर अक्सर बिजली के सॉकेट में लगे रहते हैं। कई लोग सुविधा के लिए चार्जर को निकालने की बजाय उसे हमेशा प्लग में लगा रहने देते हैं और जरूरत पड़ने पर बस फोन या लैपटॉप कनेक्ट कर लेते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आदत पूरी तरह सुरक्षित है या इससे बिजली की खपत, चार्जर की उम्र और घर की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
क्या इससे फोन या लैपटॉप की बैटरी खराब होती है?
आज के समय के स्मार्टफोन और लैपटॉप चार्जर पहले की तुलना में काफी विकसित तकनीक के साथ बनाए जाते हैं। जब कोई डिवाइस पूरी तरह चार्ज हो जाती है तो चार्जर अपने आप करंट को कम कर देता है या लगभग रोक देता है। इसके अलावा आधुनिक बैटरियों में ओवरचार्जिंग से बचाने वाले सुरक्षा सर्किट भी होते हैं। इसलिए अगर चार्जर सॉकेट में लगा है लेकिन फोन उससे कनेक्ट नहीं है, तो इससे बैटरी को सीधे नुकसान होने की संभावना बहुत कम होती है।
ये भी पढ़े: SIM Card: फोन में लगे-लगे कैसे खराब हो जाती है सिम? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां, जानें बचने के तरीके
वैंपायर एनर्जी क्या होती है?
अगर चार्जर सॉकेट में लगा है लेकिन उससे कोई डिवाइस जुड़ा नहीं है, तब भी वह थोड़ी बहुत बिजली का इस्तेमाल करता रहता है। इसे तकनीकी भाषा में Vampire Energy (वैंपायर एनर्जी) या स्टैंडबाय पावर कहा जाता है। हालांकि यह बिजली की मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन अगर घर में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगातार स्टैंडबाय मोड में रहते हैं तो समय के साथ यह बिजली बिल को थोड़ा बढ़ा सकती है।
क्या इससे चार्जर खराब हो सकता है?
चार्जर लंबे समय तक प्लग में लगा रहने पर हल्का गर्म हो सकता है। अगर चार्जर पुराना है या उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है, तो ज्यादा गर्मी उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है। समय के साथ इससे चार्जर की उम्र कम हो सकती है और वह जल्दी खराब भी हो सकता है।
ये भी पढ़े: Lift: लोहे का डिब्बा या सिग्नल का दुश्मन? जानें लिफ्ट में घुसते ही क्यों डेड हो जाता है मोबाइल नेटवर्क
किन बातों का ध्यान रखें?
चार्जर इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां रखना जरूर बरतें। जैसे:
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क्या इससे फोन या लैपटॉप की बैटरी खराब होती है?
आज के समय के स्मार्टफोन और लैपटॉप चार्जर पहले की तुलना में काफी विकसित तकनीक के साथ बनाए जाते हैं। जब कोई डिवाइस पूरी तरह चार्ज हो जाती है तो चार्जर अपने आप करंट को कम कर देता है या लगभग रोक देता है। इसके अलावा आधुनिक बैटरियों में ओवरचार्जिंग से बचाने वाले सुरक्षा सर्किट भी होते हैं। इसलिए अगर चार्जर सॉकेट में लगा है लेकिन फोन उससे कनेक्ट नहीं है, तो इससे बैटरी को सीधे नुकसान होने की संभावना बहुत कम होती है।
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वैंपायर एनर्जी क्या होती है?
अगर चार्जर सॉकेट में लगा है लेकिन उससे कोई डिवाइस जुड़ा नहीं है, तब भी वह थोड़ी बहुत बिजली का इस्तेमाल करता रहता है। इसे तकनीकी भाषा में Vampire Energy (वैंपायर एनर्जी) या स्टैंडबाय पावर कहा जाता है। हालांकि यह बिजली की मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन अगर घर में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगातार स्टैंडबाय मोड में रहते हैं तो समय के साथ यह बिजली बिल को थोड़ा बढ़ा सकती है।
क्या इससे चार्जर खराब हो सकता है?
चार्जर लंबे समय तक प्लग में लगा रहने पर हल्का गर्म हो सकता है। अगर चार्जर पुराना है या उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है, तो ज्यादा गर्मी उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है। समय के साथ इससे चार्जर की उम्र कम हो सकती है और वह जल्दी खराब भी हो सकता है।
ये भी पढ़े: Lift: लोहे का डिब्बा या सिग्नल का दुश्मन? जानें लिफ्ट में घुसते ही क्यों डेड हो जाता है मोबाइल नेटवर्क
किन बातों का ध्यान रखें?
चार्जर इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां रखना जरूर बरतें। जैसे:
- चार्जर हमेशा मजबूत और सही सॉकेट में लगाएं।
- ढीले या खराब सॉकेट से बचें।
- गीले स्थान पर चार्जर न लगाएं।
- ज्वलनशील चीजों के पास चार्जर न रखें।
- चार्जिंग पूरी होते ही स्विच बंद करें और चार्जर को हटा दें।
- तकिए या बिस्तर के नीचे रखकर फोन चार्ज न करें, इससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती।
- हमेशा ओरिजिनल या ब्रांडेड चार्जर का ही इस्तेमाल करें। लोकल चार्जर में सुरक्षा मानकों (ISI) की कमी होती है।
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