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Security Tips: क्या VPN आपको हैकिंग से पूरी तरह बचा सकता है? जानिए क्या है सच और सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियम
Sat, 01 Aug 2026 09:23 AM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sat, 01 Aug 2026 09:23 AM IST
सार
VPN Safety: क्या आप भी वीपीएन का इस्तेमाल करते हैं और आपको लगता है कि यह फोन को हैकिंग और वायरस से पूरी तरह बचा सकता है? तो जवाब उतना आसान नहीं है। इस लेख में जानिए VPN कैसे काम करता है, इसकी सीमाएं क्या हैं और ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए आपको और क्या करना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
VPN Security: इंटरनेट पर प्राइवेसी बनाए रखने के लिए वीपीएन एक सुरक्षित तरीका माना जाता है। यह आपके IP एड्रेस को छिपाने और इंटरनेट गतिविधियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि VPN उन्हें हर तरह की हैकिंग और साइबर हमलों से बचा सकता है, जबकि सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। आइए जानते हैं कि वीपीएन क्या है, यह कैसे काम करता है और इसकी क्या सीमाएं हैं।
वीपीएन क्या होता है?
वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसी तकनीक है, जो आपके इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित बनाती है। यह आपके डिवाइस और इंटरनेट के बीच एक एंक्रीप्टेड ट्यूनल तैयार करता है। जिसके जरिए आपकी पूरी ऑनलाइन गतिविधि गुजरती है। वीपीएन आपके असली IP एड्रेस को छिपा देता है, जिससे वेबसाइट्स और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आपकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
क्या वीपीएन आपको हैकिंग से बचा सकता है?
सीधे शब्दों में कहें तो नहीं... वीपीएन आपको हैकिंग से पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकता। यह सिर्फ आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को छिपा सकता है और डेटा को एन्क्रिप्ट कर सकता है, लेकिन अग आप इसे यूज करने के दौरान किसी मालवेयर वाले लिंक पर क्लिक करते हैं या वायरस से संक्रमित फाइल डाउनलोड कर लेते हैं, तो वीपीएन आपको नहीं बचा पाएगा। एक बार वायरस आपके सिस्टम में पहुंच गया, तो उसे रोकने या हटाने में सक्षम नहीं होता।
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वीपीएन किन खतरों से बचाता है?
लेकिन DDoS अटैक क्या होता है और इससे कैसे बचाता है VPN?
वीपीएन ऑनलाइन सुरक्षा की सिर्फ एक परत है। बेहतर सुरक्षा के लिए आपको भरोसेमंद एंटीवायरस सॉफ्टवेयर, मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड, पासवर्ड मैनेजर, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का भी इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही संदिग्ध लिंक और फाइलों को कभी भी ओपन न करें।
किन देशों में VPN पर प्रतिबंध है?
हालांकि कुछ देशों में वीपीएन के इस्तेमाल पर पूरी या आंशिक पाबंदी है। इनमें चीन, ईरान, नॉर्थ कोरिया, बेलारूस, इराक, तुर्कमेनिस्तान जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में वीपीएन के इस्तेमाल से पहले स्थानीय नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।
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वीपीएन क्या होता है?
वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसी तकनीक है, जो आपके इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित बनाती है। यह आपके डिवाइस और इंटरनेट के बीच एक एंक्रीप्टेड ट्यूनल तैयार करता है। जिसके जरिए आपकी पूरी ऑनलाइन गतिविधि गुजरती है। वीपीएन आपके असली IP एड्रेस को छिपा देता है, जिससे वेबसाइट्स और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आपकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
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क्या वीपीएन आपको हैकिंग से बचा सकता है?
सीधे शब्दों में कहें तो नहीं... वीपीएन आपको हैकिंग से पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकता। यह सिर्फ आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को छिपा सकता है और डेटा को एन्क्रिप्ट कर सकता है, लेकिन अग आप इसे यूज करने के दौरान किसी मालवेयर वाले लिंक पर क्लिक करते हैं या वायरस से संक्रमित फाइल डाउनलोड कर लेते हैं, तो वीपीएन आपको नहीं बचा पाएगा। एक बार वायरस आपके सिस्टम में पहुंच गया, तो उसे रोकने या हटाने में सक्षम नहीं होता।
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वीपीएन किन खतरों से बचाता है?
- वीपीएन कई मामलों में आपकी सुरक्षा बढ़ाता है। जैसे की आईपी एड्रेस को छिपाता है।
- इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है।
- विज्ञापनदाताओं और थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स से बचाता है।
- इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आपकी गतिविधियां देखना मुश्किल बनाता है।
- DDoS अटैक से सुरक्षा देने में मदद करता है।
लेकिन DDoS अटैक क्या होता है और इससे कैसे बचाता है VPN?
- DDoS यानी Distributed Denial of Service अटैक का इस्तेमाल किसी वेबसाइट या सर्वर को ठप करने के लिए किया जाता है।
- वीपीएन आपके असली IP एड्रेस को छिपा देता है, जिससे साइबर अपराधियों के लिए सीधे आपके नेटवर्क को निशाना बनाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि कई विशेषज्ञ वीपीएन को हमेशा चालू रखने की सलाह देते हैं।
- लेकिन यहां पर एक बात याद रखना जरुरी है कि फ्री वीपीएन सेवाएं हमेशा सुरक्षित नहीं होतीं। कई फ्री वीपीएन एप्स यूजर्स का डेटा इकट्ठा करती हैं,
- डेटा लीक कर सकती हैं। जानकारी को बिना एन्क्रिप्शन के भेज सकती हैं। और विज्ञापनों के जरिए कमाई करती हैं।
- ऐसे में किसी भी वीपीएन सेवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
वीपीएन ऑनलाइन सुरक्षा की सिर्फ एक परत है। बेहतर सुरक्षा के लिए आपको भरोसेमंद एंटीवायरस सॉफ्टवेयर, मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड, पासवर्ड मैनेजर, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का भी इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही संदिग्ध लिंक और फाइलों को कभी भी ओपन न करें।
किन देशों में VPN पर प्रतिबंध है?
हालांकि कुछ देशों में वीपीएन के इस्तेमाल पर पूरी या आंशिक पाबंदी है। इनमें चीन, ईरान, नॉर्थ कोरिया, बेलारूस, इराक, तुर्कमेनिस्तान जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में वीपीएन के इस्तेमाल से पहले स्थानीय नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।