Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट के दस्तावेजों ने खड़े किए कई सवाल, खर्च और निगरानी व्यवस्था को भी जांच रही एसआईटी
मंदिर परिसर में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे, निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद दान पेटियों से कथित धन और आभूषणों की चोरी का मामला सामने आने के बाद अब सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राम मंदिर की दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच के बीच ट्रस्ट के वित्तीय दस्तावेजों से कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दस्तावेजों के अनुसार मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर 11 माह में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसी अवधि में दान पेटियों से चोरी और दानराशि में गड़बड़ी का मामला सामने आ गया।
जानकारी के अनुसार, 21 मार्च को हुई ट्रस्ट की बैठक में एक अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 तक की आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया गया था। इसी विवरण में सुरक्षा मद पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख है। मंदिर परिसर में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे, निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद दान पेटियों से कथित धन और आभूषणों की चोरी का मामला सामने आने के बाद अब सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था पर हुए खर्च के अनुपात में निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
ये भी पढ़ें - राम मंदिर दान राशि में गड़बड़ी: जांच में पूरे सिस्टम की कड़ियां जोड़ रही एसआईटी, निगरानी तंत्र की भी हो रही पड़ताल
ये भी पढ़ें - नृपेंद्र मिश्र बोले- राम मंदिर में की जानी चाहिए अनुभवी कार्याधिकारी की नियुक्ति, बोले- मामला गंभीर
11 माह में दान से 83 करोड़ की आय
ट्रस्ट की बैठक में पेश रिपोर्ट के अनुसार, 11 माह के दौरान ट्रस्ट को विभिन्न माध्यमों से लगभग 83 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। इसमें दान पेटियों से 55 करोड़ रुपये, दान काउंटरों से 18 करोड़ रुपये, ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ रुपये, विदेशी श्रद्धालुओं से 78 लाख रुपये तथा अन्य स्रोतों से 1.22 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसी अवधि में मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं के दर्शन करने का उल्लेख भी दस्तावेजों में किया गया है। दान की कुल राशि और श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है, जिसे लेकर जांच एजेंसियां उपलब्ध अभिलेखों और आंकड़ों का परीक्षण कर रही हैं। ट्रस्ट के विभिन्न बैंक खातों और निवेशों पर 11 माह में लगभग 138 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त हुआ।
निर्माण और व्यवस्थाओं पर हुआ बड़ा खर्च
वित्तीय विवरण के अनुसार इसी अवधि में निर्माण कार्यों पर 152 करोड़ रुपये, परकोटा और दीवार निर्माण पर 87 करोड़ रुपये, भोग-प्रसाद पर 11 करोड़ रुपये, अन्न भंडार पर आठ करोड़ रुपये, कर्मचारियों के वेतन पर 7.67 करोड़ रुपये तथा बिजली मद में 3.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा यात्री सुविधा केंद्र, अस्पताल और अन्य सुविधाओं के लिए दो भूखंडों की खरीद पर 26.69 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.