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Ayodhya: रामलला के दिव्य वस्त्रों में दिखेगी भारत की विविध शिल्प परंपरा, मौसम के अनुकूल तैयार हो रहे वस्त्र
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 03 May 2026 08:04 PM IST
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सार
रामनगरी अयोध्या में विराजमान रामलला का शृंगार केवल आस्था का विषय नहीं है। यह भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा का जीवंत प्रदर्शन भी बन गया है।
रामलला।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रामनगरी अयोध्या में विराजमान रामलला का शृंगार केवल आस्था का विषय नहीं है। यह भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा का जीवंत प्रदर्शन भी बन गया है। इन दिनों अधिक गर्मी के कारण रामलला के लिए मौसम के अनुकूल विशेष वस्त्र तैयार किए जा रहे हैं। इन वस्त्रों से उन्हें गर्मी का तनिक भी एहसास नहीं होगा।
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गर्मी के इस मौसम में रामलला को शुद्ध कॉटन के हल्के और आरामदायक वस्त्र पहनाए जा रहे हैं, जबकि जून माह में उन्हें बेहद मुलायम मलमल के परिधान धारण कराए जाएंगे। रामलला के दिव्य वस्त्रों को डिजाइन करने का दायित्व संभाल रहे प्रसिद्ध डिजाइनर मनीष त्रिपाठी बताते हैं कि रामलला के परिधान देश के अलग-अलग हिस्सों के उत्कृष्ट टेक्सटाइल से बनाए जाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों मुर्शिदाबाद, कोयंबटूर, राजस्थान, गुजरात और विदर्भ से विशेष कपड़ा रामलला के लिए आया है।
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रामलला के हर परिधान में भारत की विविध शिल्प परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। कहीं जामदानी की महीन बुनाई, तो कहीं राजस्थानी रंगाई, गुजरात की पारंपरिक बंधनी, कच्छ और सौराष्ट्र की कढ़ाई तो लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी हर कला का स्पर्श इन वस्त्रों को दिव्यता और आकर्षण प्रदान करता है। उनकी देखरेख में दिल्ली में करीब दो दर्जन कारीगरों की टीम इन परिधानों को तैयार करती है, जहां हर धागे में श्रद्धा और परंपरा को पिरोया जाता है। इससे हर पोशाक एक अद्वितीय कलाकृति बन जाती है।
विमान से अयोध्या पहुंचते हैं रामलला के वस्त्र
- डिजाइनर मनीष त्रिपाठी बताते हैं कि तैयार वस्त्रों को विमान के माध्यम से अयोध्या भेजा जाता है और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित किया जाता है। महीने में दो बार कपड़े भेजे जाते हैं। इनमें एक बार में सात दिनों के लिए अलग-अलग रंग और डिजाइन के वस्त्र शामिल होते हैं। रामलला को दिन के अनुसार विविध परिधान धारण कराए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनते हैं। उन्होंने बताया कि रामनवमी, सावन मेला, दीवाली या अन्य प्रमुख विशेष अवसरों पर रामलला के वस्त्रों की डिजाइन और अलंकरण बदला जाता है।
