UP: एक्सरे कक्ष में मिली बम बनाने की विधि की परची, लंबी पूछताछ के बाद परिजनों को सुपुर्द किया गया नर्सिंग छात्
प्रारंभिक जांच में छात्र ने एक फिल्म व रील देखकर परची पर बम बनाने की विधि लिखी थी। पुलिस ने इसकी सत्यता जानने के लिए उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने लंबी पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया।
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मेडिकल कॉलेज के एक्सरे कक्ष में बम बनाने की विधि लिखी हुई परची मिलने के बाद आरोपी छात्र को लंबी पूछताछ के बाद रविवार को छोड़ दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों से क्लीनचिट मिलने के बाद कोतवाली अयोध्या पुलिस ने छात्र को परिजनों के हवाले कर दिया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अब भी उससे जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही हैं।
बलरामपुर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के पुरैनिया तालाब के पास रहने वाले 26 वर्षीय नर्सिंग छात्र के पास से शनिवार को हस्तलिखित परची बरामद हुई थी। इसमें बम बनाने की विधि, उनमें प्रयुक्त होने वाले रसायनों का विवरण आदि दर्ज था।
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्सरे कक्ष में यह परची मिलने से हलचल मच गई थी। कॉलेज प्रशासन की सूचना पर कोतवाली अयोध्या पुलिस ने छात्र को हिरासत में लिया था। इसके बाद एटीएस, आईबी, मिलिट्री इंटेलिजेंस, एलआईयू समेत कई खुफिया एजेंसियों ने उससे कई चरणों में पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में छात्र ने एक फिल्म व रील देखकर परची पर बम बनाने की विधि लिखी थी। पुलिस ने इसकी सत्यता जानने के लिए उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए थे। उनकी फोरेंसिक जांच कराई गई। सुरक्षा एजेंसियों ने कई चरणों में उससे लंबी पूछताछ की।
इसके बाद उसकी किसी आतंकी संगठन से संपर्क सामने न आने पर रविवार की शाम करीब चार बजे परिजनों को सौंप दिया गया। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि कोतवाली अयोध्या पुलिस ने छात्र को परिजनों को सुपुर्द किया है।
छह माह से सहपाठी के साथ किराये पर रहता था छात्र
आरोपी छात्र मेडिकल कॉलेज से चंद कदम दूरी पर स्थित एक मकान में किराये पर रहता था। उसके साथ बस्ती का एक अन्य छात्र भी रहता था, जो पिछले करीब एक सप्ताह से गांव गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने छात्र के रहने के दौरान उसके संपर्क में आने वाले लोगों और उसकी दिनचर्या से जुड़ी जानकारियां जुटाई हैं। जांच में छात्र की पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक उसके पिता मदरसा में शिक्षक थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उसका एक भाई श्रावस्ती में डेंटल क्लीनिक चलाता है, जबकि एक बहन मुंबई में रहती है।
ऑनलाइन नेटवर्क की हुई पड़ताल
छात्र के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की गई। एजेंसियां यह पता करने का प्रयास कर रही हैं कि छात्र किसी संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी संगठन या ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ा था या नहीं। यूट्यूब और गूगल पर उसकी गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। बैंक खातों और लेनदेन की जांच के साथ परिवार और करीबियों से जुड़ी कड़ियों को भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक अब तक उससे संबंधित कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध जानकारी सामने नहीं आई है।