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Ayodhya News: दस्तावेज लेखक संघ अडिग, पांच दिनों से ठप है रजिस्ट्री
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:17 PM IST
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रुदौली में धरने पर बैठे निबंधन से जुड़े लोग।
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रुदौली/बीकापुर/ मिल्कीपुर। नई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखक संघ, अधिवक्ताओं एवं स्टांप विक्रेताओं का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के चलते उपनिबंधक कार्यालय मे लगातार पांचवें दिन भी कोई रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
रुदौली प्रतिनिधि के मुताबिक इन पांच दिनों में शासन को लगभग ढाई करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है।। आंदोलनकारियों का कहना है कि नई प्रणाली उनके रोजगार और पारंपरिक कार्य व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी, जिससे आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। दस्तावेज लेखक संघ के अगुवा नितिन गुप्ता ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, धरना जारी रहेगा।
बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक जमीन के क्रय-विक्रय के लिए आने वाले लोग मायूस होकर लौट रहे हैं। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष गुरु प्रसाद इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। दस्तावेज लेखक विनय पांडेय ने कहा कि इससे पंजीकरण कार्य जटिल होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक मायाराम वर्मा ने कहा कि उनका संगठन निजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखकों के साथ है।
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मिल्कीपुर प्रतिनिधि के मुताबिक दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शिव प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलम बंद हड़ताल जारी है। संघ का कहना है कि पंजीकरण एवं निबंधन विभाग ने चार जून 26 को जारी आदेश के तहत निजी संस्थाओं को पंजीकरण प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी की है। इससे लाखों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान धरना-प्रदर्शन में सुरेश मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, अवधेश शर्मा, इंद्र प्रताप यादव, प्रवेश यादव, राजेश सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।
रुदौली प्रतिनिधि के मुताबिक इन पांच दिनों में शासन को लगभग ढाई करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है।। आंदोलनकारियों का कहना है कि नई प्रणाली उनके रोजगार और पारंपरिक कार्य व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी, जिससे आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। दस्तावेज लेखक संघ के अगुवा नितिन गुप्ता ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, धरना जारी रहेगा।
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बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक जमीन के क्रय-विक्रय के लिए आने वाले लोग मायूस होकर लौट रहे हैं। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष गुरु प्रसाद इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। दस्तावेज लेखक विनय पांडेय ने कहा कि इससे पंजीकरण कार्य जटिल होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक मायाराम वर्मा ने कहा कि उनका संगठन निजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखकों के साथ है।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के मुताबिक दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शिव प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलम बंद हड़ताल जारी है। संघ का कहना है कि पंजीकरण एवं निबंधन विभाग ने चार जून 26 को जारी आदेश के तहत निजी संस्थाओं को पंजीकरण प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी की है। इससे लाखों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान धरना-प्रदर्शन में सुरेश मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, अवधेश शर्मा, इंद्र प्रताप यादव, प्रवेश यादव, राजेश सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।