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Ayodhya News: अयोध्या के रामकथा संग्रहालय में नई तकनीक लाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 03 May 2026 10:31 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी के रामकथा संग्रहालय को आधुनिक तकनीक से और समृद्ध बनाने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। बेंगलुरु स्थित म्यूजियम ऑफ आर्ट एंड फोटोग्राफी (एमएपी) की विशेषज्ञ टीम अयोध्या पहुंची और संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण कर निदेशक डॉ. संजीव सिंह के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान टीम ने एक विशेष तकनीक का प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके माध्यम से रामकथा संग्रहालय में डिजिटल और इंटरैक्टिव अनुभव विकसित किए जा सकते हैं। इस तकनीक में वैचारिक दृष्टिकोण और स्थापत्य के मानक सिद्धांतों का समन्वय कर एक नया संग्रहालयीय अनुभव तैयार करने की योजना पर चर्चा की गई। डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि हाल ही में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ उन्होंने बंगलुरु स्थित संग्रहालय का दौरा किया था। उसी क्रम में वहां की टीम अयोध्या आई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्रारंभिक स्तर की चर्चा है, क्योंकि वर्तमान में संग्रहालय की गैलरियां पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आगे कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
बंगलुरु के संग्रहालय में 12वीं शताब्दी से लेकर आधुनिक काल तक की 60 हजार से अधिक कलाकृतियों का संग्रह है, जिसमें पेंटिंग, मूर्तियां, फोटोग्राफी, टेक्सटाइल और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री शामिल है। अपनी अत्याधुनिक तकनीक और इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों के लिए प्रसिद्ध यह संग्रहालय अब अयोध्या के रामकथा संग्रहालय के साथ संभावित सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि यह पहल साकार होती है, तो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामकथा के दर्शन का एक नया, आधुनिक और जीवंत अनुभव मिल सकेगा।
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बैठक के दौरान टीम ने एक विशेष तकनीक का प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके माध्यम से रामकथा संग्रहालय में डिजिटल और इंटरैक्टिव अनुभव विकसित किए जा सकते हैं। इस तकनीक में वैचारिक दृष्टिकोण और स्थापत्य के मानक सिद्धांतों का समन्वय कर एक नया संग्रहालयीय अनुभव तैयार करने की योजना पर चर्चा की गई। डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि हाल ही में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ उन्होंने बंगलुरु स्थित संग्रहालय का दौरा किया था। उसी क्रम में वहां की टीम अयोध्या आई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्रारंभिक स्तर की चर्चा है, क्योंकि वर्तमान में संग्रहालय की गैलरियां पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आगे कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
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बंगलुरु के संग्रहालय में 12वीं शताब्दी से लेकर आधुनिक काल तक की 60 हजार से अधिक कलाकृतियों का संग्रह है, जिसमें पेंटिंग, मूर्तियां, फोटोग्राफी, टेक्सटाइल और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री शामिल है। अपनी अत्याधुनिक तकनीक और इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों के लिए प्रसिद्ध यह संग्रहालय अब अयोध्या के रामकथा संग्रहालय के साथ संभावित सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि यह पहल साकार होती है, तो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामकथा के दर्शन का एक नया, आधुनिक और जीवंत अनुभव मिल सकेगा।
