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राम मंदिर प्रकरण: बढ़ सकती है एसआईटी जांच की अवधि, लगातार बढ़ता जा रहा जांच का दायरा

अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sun, 21 Jun 2026 06:51 PM IST
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सार

एसआईटी जांच के दौरान कई वित्तीय अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज और मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित बिंदु भी जांच के दायरे में आ गए हैं। ऐसे में टीम को कुछ और समय मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Ram Mandir Case: SIT probe duration likely to be extended
अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में गबन और अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) अपनी प्रारंभिक जांच लगभग पूरी कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी सोमवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप सकती है। साथ ही जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और लगातार बढ़ते दायरे को देखते हुए एसआईटी जांच अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी शासन के समक्ष रख सकती है।



प्रदेश सरकार ने एसआईटी को प्रारंभिक जांच के लिए 15 दिनों का समय दिया था। पहले सात दिन में प्रांरभिक रिपोर्ट और 15 दिन में दूध का दूध पानी का पानी करने का एलान है। हालांकि जांच के दौरान कई वित्तीय अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज और मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित बिंदु भी जांच के दायरे में आ गए हैं। ऐसे में टीम को कुछ और समय मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रारंभिक छह दिनों में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों, कर्मचारियों और सदिंग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की है। इसके अलावा दस्तावेजी साक्ष्यों का भी गहन परीक्षण किया गया है। माना जा रहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लेगी।
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राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील और राष्ट्रीय आस्था से जुड़े विषय को देखते हुए प्रदेश सरकार पूरे प्रकरण पर करीबी नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा मंदिर की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं।

पांच लोगों पर एफआईआर की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चंपत राय के करीब माने जाने वाले टिन्नू यादव, लवकुश व अनुकल्प जिनके यहां नगदी बरामद हुई है सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना प्रबल बताई जा रही है। पांचों से एसआईटी ने पहले चरण में करीब 20 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है। अधिकांश सवालों का जवाब इनके पास नहीं है, गोलमाल जवाब देकर ये घिरते जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय एसआईटी की रिपोर्ट और शासन स्तर पर समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

गोपाल का हटना तय, अन्य पदाधिकारियों पर भी नजर

राम मंदिर में निर्माण सहायक के रूप में पिछले 2022 से सेवा दे रहे गोपाल राव को हटाए जाने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। गोपाल राव राम मंदिर ट्रस्ट में किसी पद पर नहीं थे, लेकिन मंदिर की व्यवस्थाओं में उनका पूरा दखल है। अब चूंकि मंदिर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, इसलिए उनकी छुट्टी की जा सकती है। वहीं जांच के निष्कर्षों और बढ़ते विवाद के बीच वरिष्ठ पदाधिकारी राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र भी अगले कुछ महीनों में स्वास्थ्य आदि का हवाला देकर स्वयं को व्यवस्थाओं से अलग कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

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