फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ram Mandir Offering Theft: Investigation into FIR to intensify following SIT's final report

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट के बाद तेज होगी एफआईआर की जांच, कार्रवाई पर रहेगी नजर

Tue, 18 Aug 2026 06:16 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 18 Aug 2026 06:16 PM IST
सार

राम मंदिर ट्रस्ट की मांग पर प्रदेश सरकार की ओर से गठित तीन सदस्यीय एसआईटी ने जांच के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की है। अब कार्रवाई पर नजर है।

विज्ञापन
Ram Mandir Offering Theft: Investigation into FIR to intensify following SIT's final report
- फोटो : amar ujala

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा और दान से जुड़े मामले में पहले से दर्ज एफआईआर की जांच अब एसआईटी की रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ सकती है। ऐसे में रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर नजर है।

विज्ञापन


वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में ट्रस्ट के बैंक खातों, लेन-देन और आय-व्यय से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की है। जांच अभी जारी है। एसआईटी की ओर से तैयार रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत किया जाना है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - लखनऊ में लोहे की जंजीर से दरोगा को मारा, 24 पर मुकदमा, 200 भैंसें उठवाईं; मेयर बोलीं- इलाका साफ कर देंगे
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - इसलिए विनोद तावड़े ही बनाए गए प्रभारी, संगठन और भाजपा के लिए काम का लंबा अनुभव; जानिए पूरा राजनीतिक सफर


इससे पहले राम मंदिर ट्रस्ट की मांग पर प्रदेश सरकार की ओर से गठित तीन सदस्यीय एसआईटी ने जांच के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की है। जांच के दायरे में राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों और आय-व्यय का पूरा ऑडिट रिकॉर्ड भी शामिल रहा।


जांच टीम ने वित्तीय अभिलेखों के आधार पर चढ़ावे और दान से जुड़े लेन-देन की स्थिति को भी परखा है। यही नहीं राम मंदिर ट्रस्ट में सिफारिश पर की गई नियुक्तियों की भी जांच की गई थी। एसबीआई और ट्रस्ट के बीच किए गए अनुबंध की खामियां भी प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआईटी ने सरकार के समक्ष रखी थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को क्लीन चिट दी थी लेकिन डॉक्टर अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

हालांकि, एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट के आधार पर किसकी भूमिका तय हुई है, किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है या किसी नई कार्रवाई की जरूरत बताई गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

विवेचना में एसआईटी रिपोर्ट बन सकती है आधार
मामले में पहले से दर्ज एफआईआर की जांच भी चल रही है। एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों को विवेचना में शामिल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से दोबारा पूछताछ, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल भी की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed