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Ayodhya News: आरोपों पर रुदौली बीडीओ निलंबित, जेडीसी करेंगे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 24 Mar 2026 09:17 PM IST
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भेलसर। रुदौली विकास खंड के बीडीओ अमित कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों की शिकायतें, क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामचंद्र यादव के पत्र के बाद शासन ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए यह कार्रवाई की है। पूरे मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त अयोध्या राजेश झा को सौंपी गई है।
ब्लॉक क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों ने बीडीओ पर उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाते हुए विधायक से शिकायत की थी। शिकायत पत्र में वन विभाग से निशुल्क पौध उपलब्ध होने के बावजूद निजी नर्सरी से पौधों की आपूर्ति कराने और भुगतान के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। इसमें निम्न गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध कराने और भुगतान न करने पर जांच व प्राथमिकी दर्ज की धमकी देने की बात भी शामिल थी। मनरेगा कार्यों में 10 फीसदी कमीशन मांगने, कार्यों की स्वीकृति में बाधा डालने और सचिवों का वेतन रोकने जैसे आरोप भी लगाए गए। प्रधानों का कहना था कि इस रवैये से विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। इन शिकायतों के बाद विधायक रामचंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की। शासन ने विधायक के पत्र का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक परीक्षण कराया और आरोपों को गंभीर पाया। निलंबन आदेश के अनुसार त्रिपाठी को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की मनाही होगी।
आरोपों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
बीडीओ के निलंबन के बाद क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बीते 12 फरवरी को मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लॉक मुख्यालय रुदौली का निरीक्षण किया था। उस दौरान बीडीओ अमित कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम के कार्यों की सराहना भी की गई थी। वहीं, प्रधान संघ अध्यक्ष बलभद्र यादव सहित कुछ ग्राम प्रधानों ने बीडीओ को कर्मठ व विकासोन्मुख अधिकारी बताया है। कुछ अन्य प्रधानों का कहना है कि बीडीओ के खिलाफ पहले कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।
जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहें
फिलहाल, पूरे मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त राजेश झा द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच, बीडीओ के निलंबन को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। सभी की निगाहें अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।
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ब्लॉक क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों ने बीडीओ पर उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाते हुए विधायक से शिकायत की थी। शिकायत पत्र में वन विभाग से निशुल्क पौध उपलब्ध होने के बावजूद निजी नर्सरी से पौधों की आपूर्ति कराने और भुगतान के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। इसमें निम्न गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध कराने और भुगतान न करने पर जांच व प्राथमिकी दर्ज की धमकी देने की बात भी शामिल थी। मनरेगा कार्यों में 10 फीसदी कमीशन मांगने, कार्यों की स्वीकृति में बाधा डालने और सचिवों का वेतन रोकने जैसे आरोप भी लगाए गए। प्रधानों का कहना था कि इस रवैये से विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। इन शिकायतों के बाद विधायक रामचंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की। शासन ने विधायक के पत्र का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक परीक्षण कराया और आरोपों को गंभीर पाया। निलंबन आदेश के अनुसार त्रिपाठी को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की मनाही होगी।
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आरोपों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
बीडीओ के निलंबन के बाद क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बीते 12 फरवरी को मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लॉक मुख्यालय रुदौली का निरीक्षण किया था। उस दौरान बीडीओ अमित कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम के कार्यों की सराहना भी की गई थी। वहीं, प्रधान संघ अध्यक्ष बलभद्र यादव सहित कुछ ग्राम प्रधानों ने बीडीओ को कर्मठ व विकासोन्मुख अधिकारी बताया है। कुछ अन्य प्रधानों का कहना है कि बीडीओ के खिलाफ पहले कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।
जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहें
फिलहाल, पूरे मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त राजेश झा द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच, बीडीओ के निलंबन को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। सभी की निगाहें अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।