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Ayodhya News: संतों ने खेली फूलों की होली, भक्ति और संगीत से सराबोर हुआ माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 02 Mar 2026 08:17 PM IST
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04- बावन मंदिर में फूलों की होली खेलते संत व सजे सीता-राम के स्वरूप- संवाद
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अयोध्या। रामनगरी के प्राचीन बावन मंदिर में सोमवार को फूलों की होली बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। मंदिर परिसर में रंगों की जगह गुलाब, गेंदे और विभिन्न पुष्पों की वर्षा के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण ने भगवान के विधिवत पूजन-अर्चन से की। इसके बाद संत-महात्माओं ने एक-दूसरे पर पुष्प अर्पित कर होली की शुभकामनाएं दीं। रंग बरसे, राम नाम बरसे..., होली खेलैं रघुबीरा... और फाग के पारंपरिक भजनों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। स्थानीय कलाकारों और भजन मंडली ने होली के पारंपरिक पदों और रामभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर संतगण और श्रद्धालु झूम उठे। ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की मधुर ध्वनि के बीच वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि फूलों की होली प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का संदेश देती है। यह उत्सव केवल रंगों का नहीं, बल्कि मन के विकारों को त्यागकर भक्ति के रंग में रंगने का प्रतीक है। आयोजन के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पुष्प अर्पित कर होली की बधाई दी। इस दौरान महंत राजीव लोचन शरण, महंत रामशंकर दास रामायणी, आचार्य ब्रह्मजीत द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण ने भगवान के विधिवत पूजन-अर्चन से की। इसके बाद संत-महात्माओं ने एक-दूसरे पर पुष्प अर्पित कर होली की शुभकामनाएं दीं। रंग बरसे, राम नाम बरसे..., होली खेलैं रघुबीरा... और फाग के पारंपरिक भजनों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। स्थानीय कलाकारों और भजन मंडली ने होली के पारंपरिक पदों और रामभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर संतगण और श्रद्धालु झूम उठे। ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की मधुर ध्वनि के बीच वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
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मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि फूलों की होली प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का संदेश देती है। यह उत्सव केवल रंगों का नहीं, बल्कि मन के विकारों को त्यागकर भक्ति के रंग में रंगने का प्रतीक है। आयोजन के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पुष्प अर्पित कर होली की बधाई दी। इस दौरान महंत राजीव लोचन शरण, महंत रामशंकर दास रामायणी, आचार्य ब्रह्मजीत द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।
