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Ayodhya News: सावन पूर्णिमा स्नान के लिए अयोध्या पहुंचे तीन लाख श्रद्धालु
Fri, 28 Aug 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:21 AM IST
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राम की पैड़ी पर उमड़े श्रद्धालु।
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अयोध्या। सावन की विदाई से पहले रामनगरी आस्था, संगीत और उत्सव के रंग में पूरी तरह रंग गई है। शुक्रवार को सावन पूर्णिमा के स्नान और झूलनोत्सव के अंतिम पड़ाव का उल्लास देखने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का रेला अयोध्या पहुंच गया है। बृहस्पतिवार शाम तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के रामनगरी पहुंचने का अनुमान है। शुक्रवार को पूर्णिमा स्नान के लिए यह संख्या पांच लाख के पार जाने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है।
सावन पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रामनगरी के मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव अपने शिखर पर पहुंच गया। मंदिरों में सजे भव्य हिंडोलों पर विराजमान भगवान के स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कहीं कजरी की तान गूंजी तो कहीं आचार्यों के रचित पदों पर गायन-वादन ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। आज पूर्णिमा के साथ ही अधिकांश मंदिरों में झूले उतर जाएंगे। सावन के साथ झूलनोत्सव का उल्लास भी आज अपने अंतिम शिखर पर होगा। रामनगरी के दशरथ महल, मणिरामदास की छावनी, रामहर्षण कुंज, कनक भवन, श्रीरामवल्लभाकुंज, कोसलेश सदन, सियाराम किला, लक्ष्मण किला और रंगमहल समेत विभिन्न मंदिरों में झूलन झांकियां सजाई गईं।
झूलनोत्सव की सबसे खास छटा लक्ष्मण किला में देखने को मिली। यहां भगवान सीताराम समेत चारों भाइयों की झूलन झांकी सजाई गई है। मंदिर के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने बताया कि सावन शुक्ल तृतीया से रक्षाबंधन तक प्रतिदिन कजरी और आचार्य प्रणीत पदों का गायन होता है। उत्सव की शुरुआत आठ से दस कलाकारों से हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे झूलनोत्सव चरम पर पहुंचा, कलाकारों की संख्या बढ़कर 60 से 70 तक पहुंच गई।
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1़ 10 लाख ने किए रामलला के दर्शन
बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पहले सरयू में आस्था की डुबकी लगाई और फिर मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। रामलला के दरबार में रात आठ बजे तक 1़ 10 लाख से अधिक श्रद्धालु माथा टेक चुके थे। पूर्णिमा स्नान को देखते हुए देर रात तक श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार को भीड़ का दवाब अधिक होने पर दर्शन का समय बढ़ाया जा सकता है।
एटीएस ने संभाला मोर्चा, सरयू घाटों पर बढ़ी सतर्कता
पूर्णिमा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सरयू घाटों और प्रमुख मेला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एटीएस व अर्द्धसैनिक बलों के हवाले सुरक्षा की कमान कर दी गई है। भीड़ की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस टीमें प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं।
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सावन पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रामनगरी के मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव अपने शिखर पर पहुंच गया। मंदिरों में सजे भव्य हिंडोलों पर विराजमान भगवान के स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कहीं कजरी की तान गूंजी तो कहीं आचार्यों के रचित पदों पर गायन-वादन ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। आज पूर्णिमा के साथ ही अधिकांश मंदिरों में झूले उतर जाएंगे। सावन के साथ झूलनोत्सव का उल्लास भी आज अपने अंतिम शिखर पर होगा। रामनगरी के दशरथ महल, मणिरामदास की छावनी, रामहर्षण कुंज, कनक भवन, श्रीरामवल्लभाकुंज, कोसलेश सदन, सियाराम किला, लक्ष्मण किला और रंगमहल समेत विभिन्न मंदिरों में झूलन झांकियां सजाई गईं।
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झूलनोत्सव की सबसे खास छटा लक्ष्मण किला में देखने को मिली। यहां भगवान सीताराम समेत चारों भाइयों की झूलन झांकी सजाई गई है। मंदिर के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने बताया कि सावन शुक्ल तृतीया से रक्षाबंधन तक प्रतिदिन कजरी और आचार्य प्रणीत पदों का गायन होता है। उत्सव की शुरुआत आठ से दस कलाकारों से हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे झूलनोत्सव चरम पर पहुंचा, कलाकारों की संख्या बढ़कर 60 से 70 तक पहुंच गई।
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1़ 10 लाख ने किए रामलला के दर्शन
बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पहले सरयू में आस्था की डुबकी लगाई और फिर मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। रामलला के दरबार में रात आठ बजे तक 1़ 10 लाख से अधिक श्रद्धालु माथा टेक चुके थे। पूर्णिमा स्नान को देखते हुए देर रात तक श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार को भीड़ का दवाब अधिक होने पर दर्शन का समय बढ़ाया जा सकता है।
एटीएस ने संभाला मोर्चा, सरयू घाटों पर बढ़ी सतर्कता
पूर्णिमा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सरयू घाटों और प्रमुख मेला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एटीएस व अर्द्धसैनिक बलों के हवाले सुरक्षा की कमान कर दी गई है। भीड़ की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस टीमें प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं।