Ayodhya: दान राशि चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं में किया बदलाव, कड़ी और जवाबदेह होगी निगरानी
राम मंदिर की दान राशि चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट स्तर पर सुरक्षा और लेखा-प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। इसी समीक्षा के तहत पुराने सिस्टम में आवश्यक सुधार करते हुए नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि से जुड़े प्रकरण के सामने आने के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव शुरू कर दिए गए हैं। इसी क्रम में ट्रस्ट कार्यालय में नया उच्च सुरक्षा वाला लॉकर स्थापित कराया गया है। इसका उद्देश्य दानपेटियों से प्राप्त नकदी, बहुमूल्य आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, हाल में सामने आए दान राशि चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट स्तर पर सुरक्षा और लेखा-प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। इसी समीक्षा के तहत पुराने सिस्टम में आवश्यक सुधार करते हुए नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। बताया गया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपनी देखरेख में नए लॉकर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित करवाया है, जिससे दान सामग्री के संरक्षण और निगरानी को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
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बताया जा रहा है कि अब दानपेटियों से प्राप्त धनराशि और बहुमूल्य वस्तुओं के रख-रखाव, अभिलेखीकरण तथा बैंक में जमा करने की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ट्रस्ट प्रबंधन का मानना है कि इससे भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका को कम किया जा सकेगा।
नृपेंद्र मिश्र ने एसआईटी पर जताया भरोसा
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में जांच समिति गठित कर दी। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समिति गठन के निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि एसआईटी में अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद है। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि एसआईटी में एक मंडलायुक्त, एक आईजी स्तर के अधिकारी तथा वित्त विभाग के विशेषज्ञ अधिकारी को शामिल किया गया है। इनमें से एक अधिकारी कई वर्षों तक सीबीआई में भी कार्य कर चुके हैं। सरकार ने समिति को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति जो भी संस्तुतियां देगी, उनका क्रियान्वयन किया जाएगा तथा व्यवस्था में जहां भी कमियां होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।