{"_id":"6a32c7bd299c6504b000a1d7","slug":"two-cases-dismissed-for-lack-of-prosecution-ayodhya-news-c-13-1-jam1008-1787750-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: पैरवी न करने पर दो मुकदमे खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: पैरवी न करने पर दो मुकदमे खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 17 Jun 2026 09:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अयोध्या। अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गैर हाजिर रहने पर मुकदमों को निरस्त किए जाने की प्रक्रिया अदालतों ने शुरू कर दी है।
बुधवार को चेक बाउंस के दो परिवाद अतिरिक्त न्यायालय की अदालत से खारिज किए गए। इन मुकदमों में परिवादी न तो अदालत आते थे और न ही अदालत की ओर से पारित आदेश का अनुपालन कर रहे थे।
वर्ष 2018 में थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के करम वीर राजपूत ने चेक बाउंस हो जाने का परिवाद संतोष कुमार गुप्ता के खिलाफ दायर किया जिसमें अदालत ने संतोष कुमार को कोर्ट में तलब करने का आदेश पारित किया लेकिन करम वीर की ओर से कोर्ट के आदेश का न तो अनुपालन किया गया और न ही अदालत में हाजिर हो रहे थे।
इसी तरह वर्ष 2021 में रमा सिंह की ओर से हरी संस डिस्ट्रीब्यूटर के विरुद्ध चेक के बाउंस होने का मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें भी परिवादी रमा सिंह की ओर से कोई पैरवी नहीं की गई। दोनों परिवाद को अदालत ने परिवादी की मुकदमा के प्रति उदासीनता को देखते हुए खारिज कर दिया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
दो लाख रुपये वापस मिलने पर मुकदमा समाप्त
अयोध्या। चेक की धनराशि वापस प्राप्त करने पर परिवादी ऊषा सिंह ने अदालत में मुकदमा वापस लिए जाने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने परिवादी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद साहब राज सिंह के विरुद्ध दर्ज किए गए परिवाद को वापस लिए जाने की अनुमति प्रदान कर दी। यह आदेश अतिरिक्त न्यायालय की अदालत में हुआ है।
साहब राज सिंह ने ऊषा सिंह को दो लाख रुपये की चेक दी थी जो बाउंस हो गया था। ऊषा सिंह ने चेक डिसऑनर का मुकदमा वर्ष 2024 में अदालत में दर्ज कराया। अदालती कार्यवाही के बीच साहब राज सिंह ने ऊषा सिंह को दो लाख रुपये वापस कर दिए।
तब ऊषा सिंह दो लाख रुपये का भुगतान प्राप्त करने के आधार पर परिवाद को वापस लेकर कार्यवाही समाप्त किए जाने का अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
बुधवार को चेक बाउंस के दो परिवाद अतिरिक्त न्यायालय की अदालत से खारिज किए गए। इन मुकदमों में परिवादी न तो अदालत आते थे और न ही अदालत की ओर से पारित आदेश का अनुपालन कर रहे थे।
वर्ष 2018 में थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के करम वीर राजपूत ने चेक बाउंस हो जाने का परिवाद संतोष कुमार गुप्ता के खिलाफ दायर किया जिसमें अदालत ने संतोष कुमार को कोर्ट में तलब करने का आदेश पारित किया लेकिन करम वीर की ओर से कोर्ट के आदेश का न तो अनुपालन किया गया और न ही अदालत में हाजिर हो रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी तरह वर्ष 2021 में रमा सिंह की ओर से हरी संस डिस्ट्रीब्यूटर के विरुद्ध चेक के बाउंस होने का मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें भी परिवादी रमा सिंह की ओर से कोई पैरवी नहीं की गई। दोनों परिवाद को अदालत ने परिवादी की मुकदमा के प्रति उदासीनता को देखते हुए खारिज कर दिया।
दो लाख रुपये वापस मिलने पर मुकदमा समाप्त
अयोध्या। चेक की धनराशि वापस प्राप्त करने पर परिवादी ऊषा सिंह ने अदालत में मुकदमा वापस लिए जाने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने परिवादी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद साहब राज सिंह के विरुद्ध दर्ज किए गए परिवाद को वापस लिए जाने की अनुमति प्रदान कर दी। यह आदेश अतिरिक्त न्यायालय की अदालत में हुआ है।
साहब राज सिंह ने ऊषा सिंह को दो लाख रुपये की चेक दी थी जो बाउंस हो गया था। ऊषा सिंह ने चेक डिसऑनर का मुकदमा वर्ष 2024 में अदालत में दर्ज कराया। अदालती कार्यवाही के बीच साहब राज सिंह ने ऊषा सिंह को दो लाख रुपये वापस कर दिए।
तब ऊषा सिंह दो लाख रुपये का भुगतान प्राप्त करने के आधार पर परिवाद को वापस लेकर कार्यवाही समाप्त किए जाने का अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।