UP: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने छोड़ी अयोध्या, वापसी पर साधी चुप्पी
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य ने अयोध्या छोड़ने की पुष्टि की है, लेकिन वापसी की तारीख नहीं बताई। हाल ही में उन्हें ट्रस्ट की बैठक में पद से हटाया गया था। उनके जाने के बाद धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव फिलहाल अयोध्या छोड़कर बाहर चले गए हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वह अब अयोध्या में नहीं हैं, हालांकि उनकी वापसी कब होगी, इस संबंध में उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की।
गौरतलब है कि छह जुलाई को हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में गोपाल राव को आमंत्रित सदस्य के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर परिसर में जाना भी बंद कर दिया था। हालांकि अयोध्या में रहने के दौरान वह लगातार संतों, धर्माचार्यों और विभिन्न धार्मिक संगठनों से मुलाकात करते रहे तथा कई धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दिए।
अगली भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई
कुछ दिन पहले पत्रकारों से बातचीत में गोपाल राव ने कहा था कि वह 15 जुलाई तक अयोध्या में रहकर मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। इसके बाद अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बाहर चले जाएंगे। अब उनके अयोध्या छोड़ने की पुष्टि के बाद उनकी अगली भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गोपाल राव वर्ष 2022 में अयोध्या आए थे और राम मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग के लिए सक्रिय रहे। वह राम मंदिर निर्माण सहायक के रूप में कार्य कर रहे थे। ट्रस्ट में किसी औपचारिक पद पर न होने के बावजूद मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं और समन्वय कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। ट्रस्ट से आमंत्रित सदस्य के रूप में हटाए जाने के बाद उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनी हुई थी।
आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
बृहस्पतिवार को बातचीत में उन्होंने केवल इतना कहा था कि वह अयोध्या से बाहर आ चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह कब लौटेंगे या भविष्य में राम मंदिर की व्यवस्थाओं से किसी रूप में जुड़े रहेंगे या नहीं।
गोपाल राव के अयोध्या छोड़ने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट और धार्मिक हलकों में इसे लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।