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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   UP: New angle in Ram Mandir donation case; SIT now scrutinizing the role of Trust Treasurer Swami Govind Dev G

UP: राम मंदिर चढ़ावा केस में नया एंगल, अब SIT ने ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की भूमिका भी खंगाली

Wed, 15 Jul 2026 05:49 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Wed, 15 Jul 2026 05:49 PM IST
सार

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच में विशेष जांच दल ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारियों और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल की। जांच टीम ने संबंधित लोगों से पूछताछ और अभिलेखों का सत्यापन किया। अंतिम रिपोर्ट के बाद ही विभिन्न पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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UP: New angle in Ram Mandir donation case; SIT now scrutinizing the role of Trust Treasurer Swami Govind Dev G
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी पड़ताल केवल तत्कालीन महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव तक सीमित नहीं रखी, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की भूमिका और जिम्मेदारियों की भी विस्तृत जांच की। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और चढ़ावा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं का सत्यापन किया है।

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वैदेही भवन पहुंची SIT

जांच के दौरान एसआईटी की टीम अयोध्याधाम स्थित वैदेही भवन भी पहुंची, जहां स्वामी गोविंद देव गिरि अपने अयोध्या प्रवास के दौरान ठहरते हैं। टीम ने वहां के महंत और सेवादारों से पूछताछ कर उनके प्रवास की प्रकृति, ठहरने की व्यवस्था और वहां किसी स्थायी संपत्ति अथवा विशेष प्रबंध की जानकारी जुटाई। साथ ही यह भी परखा गया कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में उनकी प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां क्या थीं तथा चढ़ावा प्रबंधन की व्यवस्था में उनकी भूमिका किस सीमा तक थी।

 

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कोषाध्यक्ष से जुड़े पहलुओं की पड़ताल

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने इस क्रम में उनसे जुड़े विभिन्न तथ्यों और अभिलेखों का भी सत्यापन किया है। हालांकि जांच में क्या निष्कर्ष सामने आए हैं और अंतिम रिपोर्ट में स्वामी गोविंद देव गिरि के संबंध में कोई टिप्पणी की गई है या नहीं, इसका आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अंतिम चरण में है और एसआईटी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले में विभिन्न पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ट्रस्ट और श्रद्धालुओं की नजरें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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गोविंद देवगिरी बोले- चंपत राय के मन में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने अयोध्या से रवाना होने से पहले ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया था कि चंपत राय का स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक है और उनके मन में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है।

मुलाकात के दौरान चंपत राय के स्वास्थ्य, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, राम मंदिर की व्यवस्थाओं तथा हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि चंपत राय ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे नए निर्णयों और व्यवस्थाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

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