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Ayodhya News: सरकारी नावों के दावों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, निजी नावों पर निर्भरता
Mon, 03 Aug 2026 09:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 03 Aug 2026 09:45 PM IST
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रुदौली। सरयू नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है, लेकिन तटीय गांवों में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। महंगूपुरवा और मरौचा के ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आवागमन के लिए निजी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, तहसील प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तीन सरकारी नावें तैनात की गई हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, महंगूपुरवा गांव के निकट सरयू नदी का पानी अभी आबादी से कुछ दूरी पर है। हालांकि, नदी पार कर मरौचा गांव आने-जाने के लिए निजी नावों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण इन्हीं नावों से रोजाना आवागमन कर रहे हैं। नाव संचालक रामसुध निषाद ने बताया कि वह अपनी निजी नाव से ग्रामीणों को नदी पार कराते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
मरौचा गांव के रामराज, धर्मराज, खुदनु और रामजियावन का आरोप है कि क्षेत्र में सरकारी नाव की व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। उनका कहना है कि अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी गांव में हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचा है।
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तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तीन सरकारी नावें तैनात की गई हैं। इनमें दो नावें कैथी और एक महंगूपुरवा क्षेत्र के लिए लगाई गई हैं। बताया कि सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। लेखपाल और कानूनगो लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं।
इनसेट-
निजी नावों से जोखिम भरा आवागमन
ग्रामीणों का आरोप है कि निजी नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार कराया जा रहा है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। तहसीलदार ने बताया कि यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार, महंगूपुरवा गांव के निकट सरयू नदी का पानी अभी आबादी से कुछ दूरी पर है। हालांकि, नदी पार कर मरौचा गांव आने-जाने के लिए निजी नावों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण इन्हीं नावों से रोजाना आवागमन कर रहे हैं। नाव संचालक रामसुध निषाद ने बताया कि वह अपनी निजी नाव से ग्रामीणों को नदी पार कराते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
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मरौचा गांव के रामराज, धर्मराज, खुदनु और रामजियावन का आरोप है कि क्षेत्र में सरकारी नाव की व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। उनका कहना है कि अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी गांव में हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचा है।
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तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तीन सरकारी नावें तैनात की गई हैं। इनमें दो नावें कैथी और एक महंगूपुरवा क्षेत्र के लिए लगाई गई हैं। बताया कि सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। लेखपाल और कानूनगो लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं।
इनसेट-
निजी नावों से जोखिम भरा आवागमन
ग्रामीणों का आरोप है कि निजी नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार कराया जा रहा है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। तहसीलदार ने बताया कि यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।